MBA ग्रेजुएट ने घर से कबाड़ का कारोबार शुरू किया, अब इस तरह हर महीने लाखों की कमाई होने लगी

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Shubham Kumar The kabadi
MBA Graduate Shubham Kumar Started The kabadi Dot Com and Earns Well. This kabadi and Recycling Business gives good income.

Ranchi: यह बात तो सच है कि कोई भी काम बड़ा या छोटा नहीं होता बस उसे करने का हुनर होना चाहिए। दुनिया में ऐसे बहुत से काम है जिसे लोग निम्न दर्जे का काम कहते है जैसे खेती किसानी, बकरी पालन और कबाड़ का व्यापार। पहले के समय में लोग इस व्यापार को छोटे स्तर पर करते थे और अपना जीवन यापन करते थे परंतु अब इन व्यापारों को लोग आधुनिक तरीके से काफी बड़े पैमाने पर कर रहे है।

इसकी खास बात यह है कि इस काम को उच्च शिक्षित व्यक्ति कर रहे है, उसका कारण यह है कि वे इस व्यापार से काफी अच्छा मुनाफा कमाते है, इसलिए उन्हें यह व्यापार पसंद है। आज हम एक ऐसे व्यक्ति की बात करेंगे, जिसने कबाड़ी का व्यापार करके आज करोडो का कारोबार खड़ा कर लिया है और उस काम को उन्होंने इतनी बेहतर ढग से किया है कि लोग उस काम को छोटा तो कह ही नहीं सकते तो आइए जाने शुभम की कहानी।

बेरोजगारी की समस्या का समाधान निकाला शुभम ने

शुभम के इस कारनामे से लोगों को काफी कुछ सीखने मिल सकता है, जैसे किसी काम को छोटा नहीं आंकना। जैसा की हम जानते है कि देश में बेरोजगारी एक बहुत बड़ी समस्या है और जब से महामारी आई और लोगो की नौकरियां छूटी तब से देश और देश वासियों का जीवन जैसे काफी गर्त में चला गया।

लोगों ने व्यापार में भी काफी ज्यादा नुकसान उठाया है। इस लिए लोग परिस्थिति को देखते हुए कोई ऐसा काम करना चाहते है, जिसमे कम लागत लगे और अधिक मुनाफा कमा सके। कबाड़ के बिजनेस में रिस्क बिलकुल शून्य है और मुनाफा काफी ज्यादा। आप इसे गाँव, शहर कहीं से भी करे काम वही होगा।

आज का कहानी है शुभम कुमार (Shubham Kumar) की जिन्होंने कबाड़ को अपना मुख्य व्यवसाय (Business) बनाया और आज वे अपने व्यापार में इतने सफल हुए की दूसरों को भी नौकरी देने में सक्षम है। शुभम एक वेल एडुकेटेड व्यक्ति है, उन्होंने नोएडा से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की हुई है।

डिग्री के बाद उन्होंने सभी लोगो की तरह नोकरी की, परंतु उनके मन के मुताबिक उन्हें पैसा नहीं मिल पा रहा था। तो उन्होने अपना कारोबार प्रारम्भ करने का विचार किया तभी वे एक कबाड़ (Kabad) बेचने वाले से मिले।

उसके कारोबार के बारे में जाना और उसकी आय जान कर वे हैरान रह गए वही से उनके दिमाग ने इस व्यापार के आईडिया का जन्म हुआ और वे भी कबाड़ का कारोबार करने लगे, परंतु उन्होंने इस व्यापार को आधुनिक रूप दिया जिसमे सबसे पहले ‘द कबाड़ी डॉट कॉम’ (Thekabadi.com) को स्थापित किया और जंक सॉल्यूशन प्रा.लि के नाम से कंपनी को रजिस्टर्ड कराया।

कबाड़ में ये वस्तुएं शामिल है

कबाड़ में घर में मौजूद हर वो सामान शामिल है, जिसका उपयोग नहीं होता या फिर ख़राब हो गया हो। परंतु वर्तमान में कुछ ऐसी प्रणाली का चलन हो गया है जिसका उपयोग कर हम सामान को रिसायकिल कर पुनः इस्तेमाल कर सकते है।

रिसायकिल के इस विकल्प ने बेरोजगारी के साथ खराब वस्तुओं से उत्पन्न प्रदूषण को भी रोका जा सकता है। कबाड़ में लोहा, फ्रिज, कूलर, टीवी, गत्ते, प्लास्टिक का सामान, पंखा, एसी, मोटर साइकिल, इलेक्ट्रॉनिक सामान, रद्दी पेपर और अन्य चीज़े भी शामिल है। जिसका उपयोग नहीं होता है और दोवारा सुधारे और महंगे दामों में बेचने जैसा कोई विकल्प नहीं होता।

कबाड़ के कारोबार (Recycling Business) को प्रारम्भ करने के लिए हमें जमीन की जरुरत होती है। छोटे स्तर में हम एक घर के एक कमरे से भी काम शुरू कर सकते है। जमीन ऐसी होना चाहिए जहा कबाड़ की लोडिंग के लिए वाहन आ जा सके।

जरुरी दस्तावेज और सही लोकेशन

आप कबाड़ के बिजनेस की जगह कुछ इस तरह से निश्चित करे जहा पर आते जाते लोगो की नजर पड़े इससे आपका व्यापार बढ़ेगा। लोगो के घर में मौजूद कबाड़ वे आपके पास बेचने आएंगे और एक बात आपके कबाड़ एकत्रित करने वाली जगह पर पक्की सड़क का होना बेहद जरुरी है।

यदि आप चाहते है की आपका काम बड़े स्तर पर हो तो इसके लिए आपको जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी होगा। लेकिन छोटे व्यवसाय में इसकी आवश्यकता नहीं होगी। सुविधा के लिए आप शुरुआत में ही राजिस्ट्रेशन करा लें, इससे एक बार काम बढ़ने पर आपका काम नहीं रुकेगा।

क्या किया जाता है कबाड का

घरों से निकले कबाड़ का इस्तेमाल सजबाटी चीज़े बनाने में किया जाता है, उसे गला कर उसी उपयोगी चीज़े बनाई जाती है, इस प्रकिया को रीसायकल करना कहते है। अब हम बात करेंगे शुभम के व्यापार की वे शुभम, जिन्होने एक कबाडी होने से कबाड़ी डॉट कॉम के मालिक बनने तक का सफर तय किया। वे कई लोगो को प्रेरित कर रहे है। इन्हें देख कई युवा अब इस काम के लिये आगे आ रहे है।

आपको बता दे शुभम ने अपने तीन मित्रो के साथ इस काम की शुरुआत की थी और आज वे एक कम्पनी के मालिक बन गए है।यह कंपनी अब प्रतिमाह 40 से 50 टन कबाड़ एकत्रित कर उसे रिसायकल भी खुद करती है। धीरे धीरे अब अन्य लोग भी इस कंपनी से जुड़ रहे है।

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