हरियाणा में किसान के बेटे ने टूटे मोबाइल से सीखी कोडिंग और ऐप बनाई, अब हार्वर्ड यूनिवर्सिटी जायेगा

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Kartikeya Jakhar
Haryana village boy Kartikeya Jakhar made his way to Harvard University in America and registered himself in Guinness Book of World Record.

Photo Credits: Twitter

Jhajjar: हर इंसान अपनी ज़िंदगी में सफलता हासिल करना चाहता है। लेकिन सिर्फ सफलता के विषय में सोचने से सफलता प्राप्त नहीं होती यह बात हम अच्छे से जानते है। सफलता अगर हासिल करनी हो तो उसके लिए जीवन में बहुत अधिक कड़ी मेहनत और उसके साथ संघर्ष करना होता है।

इस संसार में बहुत से ऐसे व्यक्ति है, जो यह मानते है कि सफलता को पाने की सिर्फ चाहत से कुछ नहीं होता उसके लिए मेहनत करने की जरूरत होती हैं। परंतु कुछ लोग ऐसे होते है, जो सफलता के मार्ग पर आने वाली मुश्किलों कठिनाइयों के आगे हार मानकर घुटने टेक देते हैं। परंतु कुछ लोग इस तरह भी होते हैं, जिनके लिए सिर्फ लगातार कठिनाई का चट्टान की तरह खड़े होकर सामना करना ही कामयाबी का सबसे अहम और बड़ा मूलमंत्र होता है।

हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ेगा कार्तिक

कहते है, कि जो कोशिश करते हैं, वह कभी नहीं हारते। अगर कोई इंसान कोशिश करता है, तो हर असंभव को संभव कर देता है। इसी बात को साबित करके एक किसान के छोटे से सिर्फ 12 वर्ष के बेटे ने दिखा दिया है।

12 साल के हरियाणा के कार्तिक जाखड़ (Kartikeya Jakhar) ने कुछ ऐसा काम करके दिखा दिया है कि ना सिर्फ कार्तिक का परिवार बल्कि कार्तिक के पूरे गांव का नाम पुरी दुनिया मे रोशन हो गया है। केवल 12 साल का लड़का कार्तिक अब अमेरिका की फेमस हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ने के लिए जाएगा। जी हां अब कार्तिक अमेरिका में पढ़ाई करेगा। आखिर केसे मिला कार्तिक को यह मोका आइए जानते है।

टूटी स्क्रीन के सेल फोन से कार्तिक ने बना दिए तीन ऐप

हरियाणा (Haryana) राज्य के जिले झज्जर में स्थित झांसवा गांव में रहने वाला एक लड़के जिसका नाम कार्तिक है, उसके घर में ज्यादा सुख सुविधाएं नहीं हैं। जो सिटी में रहने वालों परिवार और बच्चों को मिलती है। कार्तिक के पास ना कोई गैजेट्स है और ना उनके पास घर मे 24 घंटे बिजली रहती है।

इन परेशानियों और दिक्कतों के बाद भी कार्तिक ने ऐसा काम कर दिया है, जिससे असंभव को संभव बदल गया है। कार्तिक बताते ही की पहले उनके घर मे कीपैड फोन थे। लेकीन लॉकडाउन मे जब स्कूल बंद थे, उस समय ऑनलाइन पढ़ाई स्कूल मे प्रारंभ हो गई थी।

तब बेटे की पढ़ाई मे नुकसान ना हो इसलिए कार्तिक के पिताजी ने स्मार्टफोन लेकर कार्तिक को दिया ताकि वह पढ़ सके। स्कूल की पढ़ाई के समय ही कार्तिक ने इन्टरनेट की मदद से यूट्यूब में कोडिंग और साथ में ऐप डेवलपिंग के विषय में बहुत से वीडियोस देखे। कार्तिक ने यूट्यूब में बहुत से सेल्फ ट्रेनिंग वाले वीडियोस, ट्यूटोरियल्स देखे जिससे उसने कोडिंग सीख ली। इसके बाद कार्तिक ने ऐप बनाने की कोशिश की।

मिली जानकारी के अनुसार कार्तिक के मोबाइल फोन की स्क्रीन बहुत टूटी हुई थी। परंतु कार्तिक पर कुछ अलग और अनोखा करने का जुनून था। कार्तिक अपने टूटे और खराब फोन से कोडिंग की। कोडिंग करके कार्तिक ने 3 ऐप्स बना दिए। यह तीनों ऐप लर्निंग एप्स हैं। यह ऐप कार्तिक ने बिना कोचिंग और बिना कोर्स के टीचर की हेल्प से बनाया है। जिसके बाद कार्तिक की हर जगह चर्चा होने लगी।

किसान के बेटे है कार्तिक

आपको बता जानकारी देते हुए बता दें कि कार्तिक एक किसान के बेटे हैं। उनके घर का गुजारा खेती-बाड़ी करके होता है। कार्तिक की 3 और बहने भी है। यह तीनों कार्तिक से बड़ी हैं। कार्तिक अपने परिवार में सभी बहनो से छोटा हैं। कार्तिक ने जनरल नॉलेज से रिलेटेड पहला ऐप बनाया। इसका नाम कार्तिक ने लूसेंट जीके ऑनलाइन रखा।

वहीं कार्तिक ने जो दूसरा ऐप बनाया है, उसका नाम श्रीराम कार्तिक लर्निंग ऐप सेंटर (Shri Ram Karthik Learning Centre) रखा। इस ऐप के जरिए कोडिंग और साथ में ग्राफ़िक्स डिजाइनिंग इनकी शिक्षा प्रदान की जाती है। कार्तिक ने जो तीसरा ऐप बनाया है, वह डिजिटल एजुकेशन से रिलेटेड है। इस ऐप का नाम कार्तिक ने श्री राम कार्तिक एंड डिजिटल एजुकेशन रखा है। इन सभी लर्निंग एप्लीकेशन से जुड़कर लगभग 45000 जरूरतमंद बच्चे फ्री मे शिक्षा ले रहे हैं।

देश के लिए करना चाहते है कार्य

कार्तिक को इस इनोवेटिव वर्क के लिए कई पुरस्कार सरकार से मिल चुके हैं। इन ऐप के अविष्कार की वजह से ही कार्तिक को अमेरीका की हावर्ड यूनिवर्सिटी में जाकर पढ़ने का एक मौका मिला है। वह अमेरिका में कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई करेगा।

कार्तिक कहते हैं कि उनको भले ही अमेरिका (America) जेसे देश मे हार्वर्ड यूनिवर्सिटी (Harvard University) जेसी प्रसिद्ध यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करने का मोका मिल रहा हैं। परंतु आगे वह भारत में आकर यही रहकर अपने देश भारत के लिए लिए कार्य करेगा।

वह यह चाहते ही की कंप्यूटर के क्षेत्र में कुछ नया ऐसा करे। जो आज तक कोई भारतीय ने नहीं किया हो। यही कार्तिक का सपना भी है कि वह अपने देश मे रहकर ही कुछ अलग करना चाहते है, ताकि देश की तरक्की हो।

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