सैनिक स्कूल में एडमिशन लेने की पूरी प्रक्रिया जानें, आर्मी स्कूल में पढ़ना कई बच्चों का सपना होता है

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Sainik School
Sainik School admission process in Hindi. This is how admission process is done in Sainik School like form, entrance exam and fees.

Jabalpur: हर व्‍यक्‍ति चाहता है, कि उनके बच्‍चे अच्‍छे स्‍कूल में शिक्षा ग्रहण करें। आज लोग बच्‍चो की शिक्षा उनके पालन पोषण में किसी भी प्रकार की कमी नहीं रखते है। अच्छे स्‍कूलों में बच्‍चें का दाखिला हर माता पिता कराना चाहता है। ऐसे में सैनिक स्‍कूल (Sainik School) आपके बच्‍चे के लिए दूसरे स्‍कूलों से बेहतर होते है। सैनिक स्‍कूलों की शिक्षा व्‍यवस्‍था, यहॉं का अनुशासन अन्‍य स्‍कूलों से काफी अलग होता है।

यहॉं से निकलकर बच्‍चा शानदार करियर बना पाता है। अगर आप अपने बच्‍चे का एडमिशन सैनिक स्‍कूलों में करवाना चाहते है। तो इसके लिए आपके बच्‍चे को ऑल इंडिया लेवल पर होने वाले इसके एंट्रेस एक्‍जाम को दिलवाना होगा। जिसमें पास होने के बाद आप अपने बच्‍चे का दखिला सैनिक स्‍कूल में करवा सकते है।

सैनिक स्‍कूल (Army School) में बच्‍चे के दाखिला के लिए होने वाले एंट्रेंस एक्‍जाम को एनटीए (NTA) के द्वारा कंडक्‍ट किया जाता है। एनटीए एआइएसएसईई (AISSEE) के नाम से इस एंट्रेंस एक्‍जाम को कंडक्‍ट करवाती है। यह एक्‍जाम देने के बाद बच्‍चा छटवी और नवमी कक्षा में दाखिला ले पाता है।

छटवी कक्षा में सैनिक स्‍कूल में एडमिशन के लिए बच्‍चे के आयु 10 से लेकर 12 वर्ष तक निर्धारित की गई है। वही बात की जाए नवमी कक्षा की तो इसके लिए आयुसीमा 13 से लेकर 15 वर्ष तक सैनिक स्‍कूल द्वारा निर्धारित की गई है।

परीक्षा में बच्‍चे का परफॉर्मेंस और बच्‍चे की मेडिकल फिटनेस देखने के बाद ही सैनिक स्‍कूल में एडमिशन दिया जाता है। पहले सिर्फ लड़को का ही एडमिशन सैनिक स्‍कूल में होता था, परन्‍तु अब ऐसा नहीं है। अब लड़कियॉं भी सैनिक स्‍कूल में आवेदन देकर एडमिशन ले सकती है।

सैनिक स्‍कूल में दाखिले के लिए एंट्रेंस एग्जाम होता है

अगर आप चाहते है कि आपके बच्‍चे का एडमिशन सैनिक स्‍कूल में हो जाए तो बच्‍चे का छटवी में एडमिशन के लिए पाचवी कक्षा का पास होना जरूरी होता है। वही बात की जाए नवमी कक्षा की तो इसमे दाखिले के लिए बच्‍चे का आठवी कक्षा उत्‍तीर्ण करना जरूरी होता है।

इसके बाद अक्‍टूबर से नवंबर माह के बीच में सैनिक स्‍कूल में दाखिले के लिए फॉर्म भरना प्रारंभ हो जाते है। इस आवेदन को आपको भरना होता है। यह आवेदन ऑनलाइन भरा जाता है। आवेदन भरने के बाद जनवरी माह में इसके एंट्रेंस एक्‍जाम होते है। जिसे पास करके सैनिक स्‍कूल में बच्‍चे को दाखिला मिलता है़।

आवेदन के दौरान एनटीए एक नोटिफिकेशन देता है। जिसमें जाकर छात्र अपना फॉंर्म फिल करते हे। इस फॉर्म को फिल करते समय बच्‍चे के परिवार के सदस्‍य का ईमेल, फोन नंबर तथा बच्‍चे से जुड़ी जानकारी को भरना पड़ता है।

आवेदन के साथ निम्न फीस भी चुकानी होती है

इसके बाद फॉर्म भरने वाले व्‍यक्‍ति को इस आवेदन के लिए फीस भी चुकानी पड़ती हे। एससी और एसटी कास्‍ट के लिए 400 रूपए और वही ओबीसी तथा जनरल कास्‍ट के लिए एनटीए द्वारा 550 रूपये चार्ज किया जाता है।

आपको बता दे कि सैनिक स्‍कूल में दाखिले (To Admission in Army School) के लिए होने वाली परीक्षा में पेपर व पेंसिल का प्रयोग होता है। ओएमआर सीट में छात्र सही उत्‍तर को भरते है। जिसके आधार पर उनका चयन किया जाता है।

आपको बता दे कि सैनिक स्‍कूल में एडमिशन के एंट्रेंस एक्‍जाम में मेथ्‍स के 50 प्रश्‍न आते है। वही इंटिलिजेंस के 25, लैंग्‍वेज से 25, जीके से 25 इस प्रकार कुल 125 प्रश्‍न इस परीक्षा में पूछे जाते है।

यह पूरा पेपर 300 अंको का होता है और इस पेपर की समय सीमा ढाई घंटे होती है। छटवी कक्षा में होने वाले एंट्रेंस एक्‍जाम को बच्‍चे हिंन्‍दी या फिर अंग्रेजी किसी भी भाषा में दे सकते है। इसके अलावा क्षेत्रीय भाषाओं में भी इस पेपर को दिया जा सकता है। अगर नवमी की बात की जाये तो नवमी के एंट्रेंस एक्‍जाम को सिर्फ इंग्‍लिश में ही दिया जाता है।

इस परीक्षा को सिर्फ पास करने से ही सैनिक स्‍कूल में एडमिशन नहीं मिलता। इसके लिए बच्‍चों का मेरिट में अपना स्‍थान बनाना बहुत ही आवश्‍यक होता है। मेरिट में स्‍थान प्राप्‍त करने के बाद मेडिकल फिटनेस व डॉक्‍यूमेंट वेरीफिकेशन होता है। इसके बाद ही स्‍कूल में दाखिला मिलता है।

सैनिक स्‍कूल की आगामी परीक्षा जो 2022 में होने वाली है, उसमें लड़किेयॉ भी आवेदन करेंगी ओर उन्‍हें भी इन्‍ही सब प्रक्रियाओं से गुजरना होगा। सैनिक स्‍कूल रक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले स्‍कूल होता है। इनमें बच्‍चों को भारतीय सेना में जाने के हिसाब से पूरी तरह तैयार किया जाता है। यहॉं बच्‍चों को भारतीय सेना के हिसाब से ट्रेनिंग दी जाती है।

देश में पहला सैनिक स्‍कूल

हमारे देश में पहला सैनिक स्‍कूल सन् 1960 में खुला था। यह स्‍कूल लखनऊ में ऑपन हुआ था। हमारे देश में अब तक 33 सैनिक स्‍कूल खुल चुके है। सैनिक स्‍कूल पूरी तरह से बॉर्डिग स्‍कूल की तरह होता है। इन स्‍कूलों में सीबीएसई पेटर्न चलता है। यहॉं बच्‍चे पढ़ाई तो करते ही साथ ही फिटनेस के प्रति यहॉं बच्‍चों को पूरी तरह सजग रखा जाता है।

यहॉं बच्‍चा स्‍पोटर्स में बहुत आगे रहता है। बच्‍चें यहॉ निशानेबाजी, घुड़सवारी इन सभी स्‍पोर्ट की प्रेक्टिस करते है। यहॉं पर बच्‍चों को स्‍टूडेंट नही बल्‍कि कैडेट कहा जाता है। सैनिक स्‍कूलों में बच्‍चों को आर्म्‍ड फोर्सेस की तरह ट्रेनिंग दी जाती है। यहॉं पर कैडेट को नेशनल डिफेंस, इंडियन नेवल एकेडमी इत्‍यादि के द्वारा ऑफिसर पद के हिसाब से प्रेपेयर किया जाता है।

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