माइक्रोग्रीन की खेती एक फायदेमंद बिज़नेस है, छोटे से कमरे से हर महीने 50 हजार रु तक की कमाई होगी

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Microgreen Farming Business
Microgreen Farming Business Idea: Everything You Need to Know About Microgreen Business in India. Grow Microgreen Plants Easily.

Jabalpur: आज के समय में लोग अपनी सेहत से किसी भी प्रकार का समझोता नहीं करते। अपनी सेहत के प्रति लोग काफी सजग रहते है। अपनी डाइट का ध्‍यान रखना, वर्कआउट करना, योग करना यह हर व्‍यक्‍ति ने अपनी दैनिक दिनचर्या में शामिल कर लिया है। अगर आप भी उन्‍हीं लोगों में से है जो अपनी सेहत से बहुत प्‍यार करते है, तो आज हम आपके लिए एक बहुत ही पोषक गुणो से परिपूर्ण पौधें के विषय में जानकारी लेकर लाए है।

आज बात करने वाले है माइक्रोग्रीन पौधे (Microgreen Plants) के विषय में। माइक्रोग्रीन पौधा पोषक तत्‍वों से युक्‍त सेहत के लिए फायदेमंद पौधा होता है। यह पौधा बहुत ही छोटा होता है, इसमें सिर्फ 2 पत्ति‍ होती है। यह पौधा घर में कही भी उगाया जा सकता है।

रसोई में, डेस्‍क में या फिर बालकनी में कहीं भी आप इसे उगा सकते है और इसका इस्‍तेमाल खाने के लिए कर सकते है। अगर आप बिजनेस करने के शौकीन है और आप चाहते है, घर से ही आप किसी बिजनेस को शुरू करें तो माइक्रोग्रीन आपके लिए एक सही विकल्‍प हो सकता है।

क्‍या है माइक्रोग्रीन पौधा

आप सोच रहे होंगे की माइक्रोग्रीन (Microgreen) आखिर क्‍या होता है। इसका बीज कहा से मिलता है, कैसे इसे उगाया जाता है। अगर इस तरह के प्रश्‍न आपके मन में चल रहे है, तो हम आपको बता दे कि माइक्रोग्रीन कोई नई चीज नहीं है।

असल में माइक्रोग्रीन किसी भी प्रकार के पौधे की प्रारंभिक 2 पत्ति का पौधा होता है। लेकिन हर पौधे के माइक्रोग्रीन को खाया नहीं जाता है। मूली, पालक, मेथी, ब्रोकली, गेंहूँ, मक्‍का, चना, मटर, गाजर, शलजम, गोभी तथा चुकंदर इनके माइक्रोग्रीन को खाया जाता है।

कहॉं उगा सकते है माइक्रोग्रीन

अगर आप माइक्रोग्रीन का बिजनेस कर मुनाफा कमाना चाहते है, तो आज हम आपको माइक्रोग्रीन के विषय में इतनी जानकारी दे देंगे कि आप इसका बिजनेस अपने घर से ही शुरू कर पाएंगे। माइक्रोग्रीन के लिए सिर्फ 4 से 6 इंच के गहरे जगह का इस्‍तेमाल करना होता है। इसे हम बाजार से ट्रे खरीदकर भी उगा सकते है। घर के पौकेजिंग डिब्‍बे का उपयोग भी इसे उगाने के लिए किया जा सकता है।

इस तरह उगाया जाता है माइक्रोग्रीन

ट्रे में सबसे पहले मिट्टी डालते है। उसके बाद कोकोपीट डालकर वर्मी खाद मिलाते है। फिर कोई भी बीज डालकर बीज के ऊपर मिट्टी की छोटी सी लेयर डाल देते है। फिर पानी का छिड़काव करते है। उसके बाद दूसरे पात्र में इसे उल्‍टा ढक देते है। इससे बीज को गर्माहट मिलती है जिस वजह से माइक्रोग्रीन जल्‍दी और अच्‍छे से उगते है।

ऐसा करने से रोशनी की तलाश करते हुए तने जल्‍दी लंबे हो जाते है। जब हम बीज को बो देते है, तो उसके सिर्फ 5 से 7 दिन के बाद मे ही माइक्रोग्रीन का निकलना शुरू हो जाता है। इसे हम 15 से 21 दिन के अंदर काट लेते है। इस समय में यह खाने के लिए परफेक्‍ट होते है।

पोषक तत्‍वो से परिपूर्ण माइक्रोग्रीन

माइक्रोग्रीन का सेवन करना सेहत के लिए बहुत ही लाभदायक होता है। पोषक तत्‍व की मात्रा माइक्रोग्रीन में काफी होती है। इसका सिर्फ 50 ग्राम ही प्रतिदिन सेवन करने से शरीर के आवश्‍यक सभी पोषक तत्‍व परिपूर्ण होने लगते है।

रिसर्च में यह साबित भी हुआ है कि एक वयस्‍क पौधे के फल या फिर पत्ति की अपेक्षा माइक्रोग्रीन में 40 गुना पोषण पाया जाता है। माइक्रोग्रीन तब अधिक फायदेमंद होते है, जब इसकी 2 पत्‍ती निकलने के बाद दूसरी पत्ति निकलनी शुरू हो और इसे काट लिया जाये। क्‍योंकि जैसे जेसे पौधा बड़ा होता जाता है, पोषक तत्‍व उसमें कम होते जाते है। माइक्रोग्रीन का पूरा पौधा खाया जाता है इसमें तना पत्ति सभी आते है।

ध्‍यान रखने योग्‍य बाते

माइक्रोग्रीन का पौधा बनने के लिए बीज के हिसाब से अलग अलग समय लगता है। मेथी और मूली के माइक्रोग्रीन 7 दिन में उगते है। वही मटर की बात करें तो इसके माइक्रोग्रीन को उगने में ज्‍यादा समय लगता है। इ‍सलिए हमें सभी बीजों के माइक्रोग्रीन अलग अलग उगाना चाहिए। सिर्फ गेंहूँ को छोड़कर अन्‍य सभी बीजों के माइक्रोग्रीन एक बार उगाने के बाद काट लेते है।

अंधेरे में जब माइक्रोग्रीन उगाया जाता है, तो उसका रंग पीले कलर का होता है। वही रौशनी में उगाया माइक्रोग्रीन हरे रंग का होता है। अगर आप ऐसी जगह में माइक्रोग्रीन उगाते है, जहॉं रोशनी नहीं है तो उसे हरा भरा करने के लिए आप आर्टिफिशियल लाइट भी प्रयोग में ला सकते है।

माइक्रोग्रीन के बिजनेस से होने वाले फायदे

माइक्रोग्रीन को अधिक मात्रा में उगाना भी काफी आसान होता है। माइक्रोग्रीन के बिजनेस के लिए अगर आप इसे अधिक मात्रा में उगाना चाहते है, तो घर के किसी भी छोटे कमरे में लाइट का प्रयोग करके आप इसे उगा सकते है। इस बिजनेस से आपको बहुत फायदा होगा। अगर कभी ऐसा हो जाता है कि आपकी कुछ माइक्रोग्रीन की फसल खराब हो जाती है।

दूसरी फसल उगाने में आपको ज्‍यादा समय नहीं लगेगा। अत: इसमें नुकसान होने के चांसेस बहुत ही कम होते है। बिजनेस के साथ साथ माइक्रोग्रीन की फसल अपकी सेहत के लिए भी लाभदायक रहती है। क्‍योंकि इसे घर मे लगाने से आपको कई प्रकार की बीमारी नहीं होती। यह वातावरण को कंट्रोल करता है।

इन जगहों पर मिलेंगे ग्राहक

आप अगर यह सोच रहे है कि माइक्रोग्रीन को उगाने के बाद हम ग्राहक कहॉ से लाएंगे। कहॉं बेचेंगे किसे बेंचेंगे। तो आपाके हम बता दे कि माइक्रोग्रीन की कीमत बहुत अधिक होती है। इसलिए इसके ग्राहक आपको बड़ी सोयायटी, फाइव स्‍टार होटल या फिर बड़े रैस्टॉरेंट में मिल जाएंगे।

वह लोग जो अपनी सेहत के प्रति सजग है, उन्‍हें आपको इसके बारे में आपको अधिक समझाने की आवश्‍यकता नहीं होगी। परन्‍तु यह हो सकता है कि वह लोग जो इसके विषय में बिल्‍कुल ही नहीं जानते उन्‍हें समझाने में आपको थोड़ी मेहनत करनी पड़ सकती है। परन्‍तु माइक्रोग्रीन के एक बार ग्राहक बन जाने के बाद आपको इसके ऑर्डर मिलने लगेंगे।

इसके बिजनेस से आप बहुत ही कम समय में सिर्फ 100 स्‍क्‍वायर फिट के एरिया से 50 हजार हर महीने का मुनाफा प्राप्‍त कर सकते है। क्‍योंकि इसे उगने में कम समय लगता है और यह महंगी भी होती है।

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