अब किसानों को गाय के गोबर से भी होगी कमाई, मोदी सरकार के इस बड़े कदम से गौ पालकों को फायदा

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cow dung
Cows and cow dung file photo.

Delhi: भारत में मवेशियों कि संख्‍या की गिनती करना पहले बहुत मश्‍किल था। परन्‍तु सरकार की योजना के चलते यह काम आसान हुआ और आज हम जानते है कि देश में तीस करोड़ मवेशी मौजूद है। गाय (Cow) एक ऐसा मवेशी है, जो कि भारत में मॉं के समान पूजा जाता है।

गाय का हर पदार्थ औषधियों गुण से पूरिपूर्ण है। गाय की हर वस्‍तु का उपयोग किसी ना किसी महत्‍वपूर्ण खाद्य पदार्थ में किया जाता है दूध, मक्‍खन, दही यह सभी गाय के उत्पाद (Cow Milk Products) होते है। इसकी हर चीज किसान के लिए मुनाफे का जरिया होती है। गाय का मूत्र भी कई रोग की औषधी मानी जाती है।

नई कंपनी एनडीडीबी मृदा लिमिटेड की होगी स्‍थापना

गाय के गोबर की बात करें तो इसका इस्‍तेमाल गॉंव में सिर्फ आंगन की सुन्‍दरता बढाने में नही किया जाता। बल्‍कि इसका इस्‍तेमाल बायोगैस के प्रोडक्‍शन में कई वर्षों से किया जा रहा है। इसके इसी उपयोग को ध्‍यान में रखते हुए अब सरकार किसानो कि आमदानी में बढोत्‍तरी हो इसलिए नया कार्य प्रारंभ कर रही है।

Photo Credits: Pixabay

सरकार गाय के गोबर से किसानों कि आमदानी हो इसलिए एनडीडीबी मृदा लिमिटेड (NDDB Mrada Ltd) के नाम की ई कंपनी को प्रारंभ कर रही है। इस कंपनी की बात करें तो यह कंपनी नेशनल डेयरी बिकास बोर्ड की सहायक कंपनी होगी।

अब किसानों की आमदानी का नया जरिया गोबर होगा

आपको बता दे कि एनडीडीबी पशुपालन, मतस्‍य पालन तथा डेयरी मंत्रालय का एक वैधानिक कंपनी है। यह दूध, खाद्य तेल, फल, सब्जि तथा डेयरी प्रोडक्‍ट के उत्‍पादन तथा उनकी बिक्री का लेखाजोखा करता है। एनडीडीबी मृदा लिमिटेड ऐसी कंपनी होगी, जोकि किसानों से गोबर खदीदकर उसका इस्‍तेमाल बायोगैस या फिर कम्‍पोस्‍ट खाद इत्‍यादि को बनाने में करेगा। यह कंपनी किसानों से गोबर 1 से 2 रूपये के रेट में खरीदेगा।

इससे यह फायदा होगा कि किसानों की आमदानी का नया जरिया बनेगा। साथ ही गोबर का सही उपयोग भी होगा। इस कंपनी के विषय में देश के डेयरी, पशुपालन तथा मतस्‍यपालन मंत्री ने कहा है कि सही समय में नई फर्म की स्‍थापना होने से देश के किसानों को इसका काफी फायदा मिलेगा। देश में मवेशी की संख्‍या बहुत अधिक है। ऐसे में गोबर का अधिक होना स्‍वभाविक है।

किसानों से कंपनी खरीदेगी गोबर

आपको बता दे कि यह जो नई कंपनी है, वह गाय का गोबर का अधिकतम उपयोग करके किसान की मदद करना चाहती है। यह कंपनी इसलिए शुरू कि जा रही है कि किसानों से गोबर लेकर उनकी आमदानी बढ़ाई जाये और गाय के गोबर की सहायता से बायोगैस, कम्‍पोस्‍ट इत्‍यादि को बनाया जाये।

मंत्री संजीव बाल्‍यान ने इस विषय पर अपने विचार प्रकट करते हुए कहा, कि देश में मवेशी तीस करोड़ है।हमारे देश में घरेलू गैस का 50 प्रतिशत भाग बायोगैस की सहायता से पूरा किया जा सकता है। ऐसे में गाय का गोबर खरीदे जाने के बाद इसके उपयोग में आने से मवेशी का भी सदुपयोग होगा साथ ही किसान की आय बढ़ने में सहायता होगी।

सिर्फ बायोगैस ही नहीं गाय के गोबर से एनपीके उर्वरक बनाने में भी सहायता मिलती है। ऐसे में गाय का गोबर का मुद्रीकरण होना तथा डेयरी किसानों की आमदानी बढ़ता यह सब देश के विकास में सहायक भी होंगे। यही सरकार की प्राथमिकता भी है।

अन्‍य राज्‍य में भी नये मॉडल को आजमाया जा रहा

एनडीडीबी मृदा कंपनी (NDDB Company) के निदेशक संदीप भारती है। वह जानकारी देते हुए बताते है कि गुजरात राज्‍य के जिले आणद में स्थित जकारियापुरा में सफलतापूर्वक पायलट योजना को लागू किया जा चुका है।

इस परियोजना के तहत अब राजस्‍थान, सिक्किम, महाराष्‍ट्र, बिहार तथा पश्चिम बंगाल को भी लिया जा रहा है। इन्हें साथ में लेने के बाद इस परियोजना के अंतर्गत बायोगैस प्‍लांट की स्‍थापना की जायेगी। यह कंपनी इन राज्‍यों में विभिन्‍न प्रकार के मॉडल पर ध्‍यानकेंद्रित करेगी।

उत्‍तरप्रदेश राज्‍य मे यह परियोजना हो चुकी है सफल

संदीप भारती ने यह भी बताया कि किसानों से बायोगैस प्‍लांट (Biogas Plant) गोबर खदीदेंगे और इस घोल को 1 से 2 रूपये में एनडीडीबी मृदा कंपनी खरीदेगी। जिसका उपयोग खाद बनाने में किया जायेगा।

उन्‍होंने उत्‍तरप्रदेश राज्‍य का उदाहरण देते हुए बताया कि उत्‍तरप्रदेश में भी जिले वाराणसी में स्‍थापित बायोगैस प्‍लांट में गैस बनाने के लिए किसानों से गोबर खरीदा जाता है। उसी प्रकार दूसरे राज्‍यों में भी इसी प्रकार का कार्य परियोजना के अंतर्गत किया जायेगा, तो किसानों कि आय के साथ साथ देश का विकास भी होने में सहायता मिलेगी।

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