Patna: हर राज्य किसी ना किसी उत्पादन में प्रथम स्थान पर होता है। जिस वजह से उस राज्य की अलग पहचान बन जाती है। हमने देखा है कि जैसे जेसे जनता कि डिमांड किसी चीज को लेकर अधिक होती है। वैसे वैसे उसका उत्पादन उस राज्य में अधिक किया जाने लगता है।
अभी हाल ही में हमने देखा कि कुछ सालों से बिहार Bihar राज्य में मशरूम की डिमांड बहुत अधिक बढ़ गई। जिस वजह से वहॉं पर मशरूम का उत्पादन भी अधिक किया जाने लगा। आज की बात की जाये तो बिहार राज्य में मशरूम का प्रोडक्शन (Mushroom Production) अन्य राज्यों की तुलना में इतना अधिक हो रहा है कि वह मशरूम के प्रोडक्शन में नंबर वन पर आ गया है।
बिहार बना मशरूम उत्पादन मे नंबर वन
हमारे राष्ट्र की बागवानी बोर्ड की रिपोर्ट की माना जाये। तो बिहार राज्य के पहले ओडिशा राज्य मशरूम के प्रोडक्शन में प्रथम स्थान पर हुआ करता था। लेकिन आज ओडिशा को पीछे छोड़ते हुए बिहार राज्य प्रथम स्थान पर आ पहुँचा है।
बागवानी बोर्ड की जो रिपोर्ट सामने आई है। उसमें ऑंकडा दिया गया है, कि 2021-22 के वर्ष में बिहार राज्य ने कुल 28000 टन के मशरूम प्रोडयूज किये है। जो कि अन्य राज्यों की तुलना में सबसे अधिक है।
Mushroom cultivation is emerging as an important source of income for #farmers in #Bihar. With production crossing 21325 tonnes in 2020-21, Bihar has joined the league of leading #mushroom producing states of #India.✌️ pic.twitter.com/jyczcET1p7
— Bihar Foundation (@biharfoundation) July 10, 2021
आपको बता दे कि मशरूम की डिमांड सिर्फ बिहार में ही नहीं है। बल्कि पूर्वोत्तर राज्य में भी इसकी डिमांड काफी अधिक है। इसके साथ ही झारखंड और यूपी में भी इसकी डिमांड काफी अधिक है।
30 वर्षो की तपस्या का परिणाम
आपको बता दे कि ऐसा नहीं है, कि बिहार राज्य ने यह स्थान कुछ ही वर्षो में हासिल कर लिया है। बल्कि इस मुकाम को हासिल करने में बिहार राज्य को पूरे 30 सालों का समय लगा है। इस बात की जानकारी बिहार राज्य के समस्तीपुर में स्थित राजेन्द्र प्रसाद यूनिवर्सिटी के साइंटिस्ट मिस्टर दयाराम ने खुद दी है।
उन्होंने यह बताया कि बिहार राज्य का मशरूम उत्पादन (Mushroom Cultivation) में प्रथम स्थान पर आना 30 साल की तपस्या का परिणाम है। इसके अलावा उन्होंने यह भी बताया कि जिस प्रकार के मशरूम की खेती बिहार में की जाती है। वह ऑएस्टर, दूधिया और बटन मशरूम होते है।
अब तक 4000 से 5000 करोड़ के मशरूम की हुई सेल
बिहार राज्य में अब मशरूम की डिमांड को देखते हुए मशरूम उत्पादन की ट्रेनिंग भी दी जाने लगी है। आपको बता दे कि राजेंन्द्र एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी किसानों को इसके लिए ट्रेनिंग देती है। आज की बात की जाये तो बिहार में वह स्थिति आ चुकी है कि किसानों के द्वारा 4000 से लेकर 5000 करोड़ की मशरूम अब तक बेची जा चुकी है।
अब राज्य सरकार देती है सब्सिडी
मॉंग के चलते बिहार राज्य भी यह चाहती हे, कि मशरूम का उत्पादन उनके राज्य में ज्यादा से ज्यादा हो। इसलिए अब बिहार राज्य किसानों को सब्सिडी देने का भी कार्य कर रही है। आपको बता दे कि इस बिजनेस को करने के लिए लगभग 5 लाख रूपये का खर्चा आता है। जिसमे से सरकार आधा यानि की 2.5 लाख रूपये सब्सिडी के तौर पर देती है।

आपको बता दे कि बिहार में बहुत ही कम लागत में मशरूम को उगाया जा सकता है क्योंकि यहॉं कि जलवायु मशरूम के प्रोडक्शन के लिए सही है। मशरूम के लिए बिहार राज्य की भौगोलिक स्थिति बहुत अच्छी है।
Known as ‘Mushroom Mahila’, Bina Devi not only reinvented agricultural practices in her village but also inspired women from other villages to adopt mushroom cultivation. An advocate of digital literacy, she has also been Sarpanch of Dhauri Panchayat in Bihar. #SheInspiresUs pic.twitter.com/2wovWP3ywd
— Smriti Z Irani (@smritiirani) March 8, 2020
जो ऑंकडे सामने आये है, उसके अनुसार 2010 में बिहार राज्य में 400 टन का बटन मशरूम तथा 80 टन का ओयस्टर मशरूम उत्पादित हुआ है। हालांकि अब इनका प्रोडक्शन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है।
अभी हाल ही की बात की जाये तो बिहार राज्य में 28 हजार टन मशरूम को उत्पादित किया गया है। जोकि पूरे देश में सबसे अधिक है। इसी वजह से आज बिहार राज्य नंबर वन के पायदान मे मशरूम उत्पादन में आ चुका है।




