
Delhi: वैसे तो हम अक्सर ही अपने देश की बहुत सी सुंदर जगहो का भम्रण करते रहते है। लेकिन आज हम आपको देश के सुंदर राज्य हिमाचल प्रदेश के एक ऐसे गॉंव के बिषय में बताने जा रहे है। जिसकी सुंदरता के बारे में जानने के बाद आप इस जगह पर जाने के लिए जरूर मन बना लेंगे। आज हम आपको हिमाचल के आखिरी गॉंव चितकुल (Last Village Of Himachal, Chitkul) के विषय मे बताने जा रहे है।
चितकुल हमारे देश भारत के नक्शे में स्थित अंतिम छोर का गॉव है। इसकी सुन्दरता इतनी अधिक है कि जो भी पर्यटक यहॉं जाता है, वह यहा की सुन्दरता देखकर अपने कदम यहीं रोक लेता है। पहाड़ो से घिर हुआ चितकुल गॉव हिमाचल राज्य के किन्नौर (Kinnaur) में पड़ता है। यहाँ का वातावरण बहुत ही शांत है, जो लोगों को आकर्षित करने के लिए पर्याप्त है।
जब इस गॉंव में कोई यात्री जाता है, तो इस गाँव से जुड़ी काफी दिलचस्प और भयानक कहानियॉं सुनने मिलती है। जब यहॉं आकर गॉव के बारे में स्थानीय लोगों से जानकारी मिलता है, तो यात्री की जिज्ञासा हर दिन बढ़ती जाती है। जिस वजह से वह और भी दिन यहॉं रूकने को मजबूर हो जाता है।
आपको बता दे चितकुल गॉंव बास्पा नदी (Baspa River) के किनारे बसा है। यह पहाड़ी की चोटियों से भी जुडा हुआ है। इस गॉंव से जुडे कुछ रहस्य ओर मिथक भी है। जिनको आपको जानने के बाद ही इस गॉंव में जाना चाहिए। आइये जानते है इन दिलचस्प कहानियों के बारे में।
धार्मिक मान्यताऍं
इतिहास से पता चलता हे कि हिन्दू और बौद्ध धर्म से जुडा बुशहर का राजा यहॉं का शासक था। हिन्दुओ की मान्यता है कि बुशहर का राजा कृष्ण राजघराने से था। वही बोद्ध धर्म की मान्यता है कि बुशहर के राजा के मर जाने के बाद उन्होंने गुरूलामा अर्थात दलाईलामा के रूप में दोबारा जन्म लिया।
Ray of Sunshine at the end of the day…
Village Chhitkul – According to a recent study by Centre of Atmospheric Sciences at IIT Delhi, Chitkul has the cleanest air in India.
Sangla – Baspa Valley, Kinnaur, Himachal Pradesh, India
Aug 2019
© Umesh Gogna pic.twitter.com/pvyLxQLjZZ— Ajay Banyal (@iAjay_Banyal) July 20, 2022
यहॉं पर मंदिरों में गोम्पा को होना बहुत ही साधारण बात है। यहॉं के लोग सुबह ओर शाम दोनों समय इनका सम्मान करते है। मानव बलि यहॉं आम बात है। यह एरिया बद्रीनाथ और गंगोत्री के पास में है, इसलिए हिन्दुत्व की भावना से ज्यादा प्रभावित है। यहॉं कमला किले के पास बद्रीनाथ मंदिर है। जहॉ से चितकुल जाने का रास्ता है। यहॉं पर 3 वर्ष में मेला भी लगता है। बौद्ध से प्रभावित होने के कारण यहॉं भटकते चरवाहे व्यापारिक समुदाय आवाजाही करते है।
रहस्यमयी इतिहास
121 पीढियों पहले चितकुल में कामरू गॉंव मं ठाकुर सत्तासीन हुए। जिन्हें मुखिया कहा जाता था। वह बुशकर के राजा बने। उस समय राजा जी ने बुशहर की राजधानी वहा की सराहन देवी भीमकली के नाम कर दी थी। उन्हें ही यहॉं की जिम्मेदारी दे दी गई थी। कहते है वह आज भी इस गाँव की रक्षा करती है। भीमकली को गॉंव की जिम्मेदार सौपने के बाद राजा खुद सेवक बन गये थे।
THe Mathi temple at Chitkul, Himachal Pradesh is an excellent example of local architecture. A must see the place to visit the last village of India towards China.#chitkul #HimachalPradesh pic.twitter.com/1MZsTJnV1i
— Wayfarer's Corner (@wayfarerscorner) February 13, 2019
यहॉं के स्थानीय देवी देवताओं की बात की जाये, तो चितकुल गॉव मति देवी को पूरी तरह समर्पित है। ऐसी मान्यता है कि मति देवी अपने परिवार के साथ यहॉं कठिन यात्रा करके पहुँची थी। बद्रीनाथ उनके पति थे। सांगला के रक्षाम नाम देवता उनके भतीजे थे।
मौखिक परंपरा से संरक्षित गॉंव
आपको बता दे किन्नोर का इतिहास मौखिक परंपरा से संरक्षित है। त्योंहारों में विभिन्न प्रकार से यहां का इतिहास बखान किया जाता है। यहॉं पर सांस्कृतिक उत्सव मना कर यहा के इतिहास की गाथा गाई जाती है। यहॉं उत्सव में इतिहास की कथा गॉंव में देवी देवता से संबंधित मिथक इत्यादि का वर्णन मिलता है।
किस तरह इस रहस्यमय गॉंव में जाये
अगर आप भी रहस्मयी जगह घूमने के शौकीन है। तो चितकुल आपको एक बार अवश्य ही जाना चाहिए। यहॉ जाने के लिए आप दिल्ली से शिमला बस से और फिर सुबह टुटी कंडी स्टेण्ड पहुँचते ही चितकुल के लिए टेक्सी ले सकते है। यहॉं पहुँचने के बाद सांगला के लिए भी बस मिलती है। आप कही भी जाकर यहॉं के इतिहास को जान सकते है ओर यहॉं कि प्रकृति का नजारा देखकर अपनी छुटटिया बिता सकते है।
रूकने की व्यवस्था
यहॉं जाने के बाद आप यहॉं के बहुत से ऐसे लोकल होमस्टे है। जहॉं रूक सकते है। इनकी आप ऑनलाइन बुकिंग कर सकते है। अरूण होमस्टे किन्नोर हाईट्स यहॉ के फैमस प्लेस है। लग्जरी होटल के लिए आप समा रिसॉर्ट को चूज कर सकते है। खाने की भी इन जगहो पर काफी अच्छी व्यवस्था है। अगर आप बाहर खाना चाहते है तो जोस्टेल रेस्तरां भी जा सकते है।
घूमने का सही समय
चितकुल गॉंव की वादियों का सही नजारा देखने के लिए आपको मार्च से अक्टूबर के माह में यहॉं जाना चाहिए। यह समय आपके लिए अच्छा रहेगा, क्योंकि इस समय यहॉं की खूबसूरती अपने चरम पर होती है। हालांकि मानसून में यहॉं की यात्रा से दूर रहना सही होगा। क्योंकि आपदा के आने का खतरा इस समय बढ़ जाता है।



