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Delhi: किसान खेती करने के साथ अलग अलग पशुओं का भी पालन पोषण करता है। खेती के साथ पशुपालन करना किसानों का एक महत्वपूर्ण व्यवसाय होता है। जिनका पालन किसान करते है, यह वह पशु होते है, जो कि खेती करने में किसानो के सहायक होते है। जैसे बैल, गाय, बकरी इत्यादि। यह पशु सिर्फं खेती में सहायक नहीं होते बल्कि यह किसानों के लिए आय का दूसरा साधन भी होते है। गाय, बकरी का दूध किसानों के लिए आय का महत्वपूर्ण साधन है।
आजकल बहुत से लोगों का रूख डेयरी व्यवसाय (Dairy Business) की और हो गया है। सिर्फ किसान ही नहीं बहुत से संगठन भी इस व्यवसाय को बड़े लेवल पर करना चाहते है। आज इस व्यवसाय की लोकप्रियता दिन प्रतिदिन बढ़ रही है। सरकार भी अब इस व्यवसाय को बढ़ाने के लिए कई तरह की योजनाओं के तहत किसानों कि मदद कर रही है। जिस वजह से यह व्यवसाय बहुत फलने फूलने लगा है।
सरकार की नई योजना डेयरी बिजनेस में सब्सिडी
वह किसान जो यह बिजनेस करना चाहते है, उनके लिए एक बहुत बड़ी योजना सरकार की तरफ से शुरू की जा रही है। इस योजना के तहत किसानों को बिजनेस के लिए सहायता प्रदान की जा रही है। अब सरकार किसानों को इस योजना के तहत डेयरी बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए 33 प्रतिशत कि डेयरी बिजनेस सब्सिडी (Dairy Business Subsidy) देगी।

सामान्यत: हमने यह देखा है, कि गॉंव का किसान पशुपालन को एक बहुत बड़ा व्यवसाय समझता है। पशुपालन उनकी आमदानी का बहुत ही महत्वपूर्ण साधन होता है। डेयरी बिजनेस से किसानों को काफी कमाई होती है। इसी को देखते हुए सरकार ने गॉंव के किसानों को खुश करने और बिजनेस में उनके रूचि बढ़ाने के लिए डेयरी बिजनेस सब्सिडी देने का फैसला किया है।
योजना के तहत मिलेगी 33 फीसदी सब्सिडी
गॉंव का किसान बहुत ही मेहनत करके खेत में फसल उगाता है। पैसों कि कमी कि वजह से वह बड़ा बिजनेस करने की नहीं सोच पाता है। डेयरी बिजनेस किसान अपने लेवल पर करते तो है। लेकिन वह बहुत ही सीमित होता है। किसान पैसों कि कमी की वजह से डेयरी का बिजनेस छोटे लेवल पर ही करते है। इसे ही देखते हुए सरकार ने किसानों को 33 प्रतिशत कि बिजनेस सब्सिडी देने का डिसिजन लिया है। ताकि किसान आगे आ कर अपने बिजनेस को बढ़ा सके।
किसान के साथ संगठनों के लिए भी लाभदायक
आपको बता दे सरकार के द्वारा लाई जाने वाली इस स्कीम से किसानो को बहुत फायदा होगा। इसमें किसानो को जो सब्सिडी मिलेगी वह उन्हें नाबार्ड बैंक (NABARD Bank) के द्वारा दी जायेगी। इस स्कीम से किसानों की आय बढेगी। साथ ही दुग्ध उत्पादन का बिजनेस भी बढ़ेगा। जिससे देश में दूध की मॉंग पूर्ति में सहायता प्राप्त होगी।
इस योजना की बात कि जाये तो इसका लक्ष्य यह है, कि दुग्ध का व्यवसाय को संभालने के लिए नई तकनीक आये और पिछड़े क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध हो जिससे की देश के विकास को नया ढांचा मिले।
वह किसान जो इस स्कीम का लाभ लेना चाहते है उन्हें दुग्ध संघ में आवेदन करना होगा। इसके साथ ही गैर सरकारी संगठन, असंगडित एरिया के ग्रुप, संगठित एरिया के ग्रुप में सहायता समूह, सहकारी समितियाँ यह सब दूध संघ में आवेदन दे सकते हे।
स्वयंरोजगार में होगी बढोत्तरी
आवेदनकर्ता चाहे जो भी उन्हें इस स्कीम के अंतर्गत मिलने वाली हर प्रकार की सुविधा प्रदान की जायेगी। यह लाभ जो चाहे वह ले सकता है। यह लाभ एक ही परिवार के 2 सदस्य भी ले सकते है। लेकिन शर्त यह होगी कि परिवार के दोनों व्यक्ति की डेयरी अलग अलग जगह पर हो।
साथ ही उनके बीच की दूरी लगभग 500 मीटर तक हो। अभी की बात की जाये तो इस योजना के आने से सभी किसान बहुत ही खुश है। इस सब्सिडी योजना से किसानों को बहुत फायदा होगा। साथ ही स्वयं रोजगार मिलने से बेरोजगारी की समस्या भी हल होगी।
युवाओ के लिए भी बेहतरीन स्कीम
आज के समय में युवा के बेरोजगारी एक बहुत बड़ी समस्या है। रोजगार ना मिलने से वह काफी परेशान है। हमारे देश में युवा बेरोजगारी से वैसे भी बहुत हताश है। ऐसे में इस स्कीम के तहत युवा भी लाभ ले कर अपना खुद का बिजनेस शुरू कर सकता है।
इसमें बहुत ही कम खर्चा बैठेगा। किसानों के साथ साथ यह स्कीम युवाओं के लिए भी बहुत ही लाभदायक है। रोजगार ना मिलने से युवा बिजनेस की और वैसे भी काफी आकर्षित है। ऐसे में यह स्कीम उन्हें भी काफी फायदा पहुँचायेगी।



