
Patna: छोटी छोटी ईंटों से मिलकर ही हमारे सपनों का घर बनता है। ईंट घर की दीवारों का आधार होती है। पुराने समय में मिट्टी के कच्चे घरों का चलन था। बाद में उसकी जगह ईंटों के पक्के मकानों ने ले ली। पहले घरों के निर्माण में लाल ईंटों का प्रयोग बहुत अधिक किया जाता था।
आज की तस्वीर कुछ अलग है। आज इन ईंटों (Bricks) का चलन बहुत ही कम हो गया है। प्रदूषण में वृद्धि और पर्यावरण में हो रहे नुकसान की वजह से इनका पतन होने लगा है। बिहार राज्य ने पर्यावरण में हो रहे नुकसान के चलते लाल ईंटों का निर्माण करने वाली चिमनियों को अब लाइसेंस (Red Brick License) देना भी बंद कर दिया है।
इस बदलाव की वजह से नये युवाओं को नये कारोबार के लिए रास्ता मिल गया है। इन्ही में फ्लाई ऐश की ईंट बनाने का बिजनेस बहुत ही तेजी से फलने फूलने लगा है। जो कि बिहार (Bihar) राज्य में चरम पर है। आपको जानकारी देते हुए बता दे, इस फ्लाई ऐश के ईंटों के निर्माण के कारोबार में बहुत ही कम लागत लगती है। लेकिन मुनाफा करोड़ो में होता है।
लाल ईंटो के निर्माण के लिए कारोबारियों को नहीं मिलेगा लाइसेंस
अगर आप भी इस व्यवसाय में हाथ आजमाना चाहते है, तो आज हम आपके पास इस बिजनेस से जुड़ी ऐसी जानकारियॉं लेकर आये है। जिसे जानने के बाद आप इस बिजनेस को बिना किसी परेशानी के कर पाएंगे। इसके विषय में जानने से पहले हम आपको बिहार राज्य के नये फैसले के विषय में जानकारी देना चाहते है। अभी हाल ही में राज्य बिहार में लाल ईंटो का निर्माण कर रही भट्टियों को लाइसेंस नहीं देने का डिसिजन किया है।
हालांकि ऐसा नहीं है कि लाइसेंस ना मिलने से यह चिमनियॉं बंद हो जायेगी। यह चिमनियॉं पहले की ही तरह काम करेंगी। क्योंकि सरकार ने यह डिसिजन लिया है, कि वह एनटीपीसी के आसपास आने वाले 300 किलोमीटर के एरिया में ईंट का बिजनेस करने वाले सभी कारोबारियों को फ्लाई ऐश (Fly Ash) उपलबध कराएगी। जिससे की वह नये तरीके से अपना बिजनेस कर सकेगें।
फ्लाई ऐश ईंट के बनने से फायदे
बिहार राज्य में इस बिजनेस को बढ़ावा मिलने कि वजह से दिन प्रतिदिन इस कारोबार को करने वाले कारोबारियों कि संख्या बढ़ती ही जा रही है। सिर्फ बिहार राज्य की बात की जाये तो यहां 500 से भी ज्यादा फ्लाई ऐश की ईंटों (Fly Ash Bricks) का निर्माण करने वाले कारोबारी है।

हम बहुत अच्छे से जानते है, कि थर्मल पावर प्लांटों से बहुत अधिक मात्रा में फ्लाई ऐश निकलती है। जो कि हमारे वातावरण के लिए बहुत ही नुकसानदायक है। इसी वजह से इस ऐश का सही तरीके से निवारण किया जाना बहुत ही आवश्यक है। इसी वजह से बिहार सरकार इस फ्लाई ऐश का सही तरीके से निस्तारण करने के लिए इस कारोबार को बढ़ा रही है।
इससे यह लाभ होगा कि फ्लाई ऐश का सही तरीके से यूज हो जायेगा। इसके साथ ही लाल ईंटों के निर्माण के लिए जिस तरह से पृथ्वी की ऊपरी परत को नुकसान हो रहा था, वह भी कम हो जायेगा। दूसरा फायदा यह होगा कि लोगों को घर बनाने में लागत कम आएगी, क्योंकिे यह फ्लाई ऐश ईंट लाल ईंटो से बहुत ही सस्ती है।
इस बिजनेस के लिए सिर्फ इसने पैसों की होगी आवश्यकता
इस बिजनेस को अगर आप भी शुरू करना चाहते है, तो आपके पास कम से कम 2 और अधिक से अधिक 10 लाख रूपये की पूँजी होना जरूरी है। ऐसा इसलिए क्योंकि इसकी मैनुअल मशीन सिर्फ 2 लाख रूपये में आती है। वही बात की जाये ऑटोमेटेड मशीन की तो वह 10 से 12 लाख रूपये में आती है।
हालांकिे ऑटोमेटेड मशीन लेना बहुत ही ज्यादा फायदेमंद होता है। क्योंकि जहॉं मैनुअल मशीन से दिनभर में सिर्फ 3000 ईंट बन पाती है। तो वहीं ऑटोमेटेड मशीन से हर एक घंटे में 1000 ईट बन जाती है। जिससे कम समय में अधिक ईंट बनाकर ज्यादा प्रॉफिट कमाया जा सकता है।
इस करोबार से होगा इतना प्रॉफिट
पहले इस व्यवसाय को करना बहुत ही कठिन हुआ करता था। क्योंकिे इसे शुरू करने के लिए जो कच्चे माल की आवश्यकता होती थी। वह उपलब्ध नहीं हो पाती थी। लेकिन जब सरकार ने इसका निवारण किया तो कारोबारियों के लिए सारी समस्या का सॉल्यूशन निकल गया।
वह कारोबारी जिनकी भट्टी ताप विद्युत संयंत्र के लगभग 300 किलामीटर के आसपास है। उन्हें अब कच्चे माल की बिल्कुल भी चिंता कि आवश्यकता नहीं है। क्योंकि सरकार अपनी योजना के तहत इन कंपनियों को फ्री में फ्लाई ऐश प्रदान करेगी। अगर आप यह सोच रहे है, कि हमारी भट्टी तो इस दायरे के बाहर रहेगी तो किस तरह हमें फायदा होगा।
आपको बता कि अगर आप 300 किलोमीटर के दायरे के बाहर भी इस बिजनेस को करना चाहते है। तो यह आपके लिये फायदे का व्यापार होगा। क्योंकिे कही बाहर से भी माल लेने पर आपको फ्लाई ऐश की एक ईंट बनाने में लगभग एक रूपये का ही खर्चा बैठेगा।

वहीं ईंट बनने के बाद इसकी मार्केट में बैल्यू 4.50 से 5 रूपये होगी। जिससे की आप एक हजार ईंटो पर 1000 की लागत लगाकर भी साढ़े तीन से लेकर चार हजार तक का मुनाफा प्राप्त कर पाएंगे।
हम यह बहुत अच्छे से जानते है, कि घरों का बनना कभी भी बंद नहीं होगा। क्योंकिे लोग बदलते जमाने के साथ अपने घरों को भी नये तरीके से बनाते है। इसलिए यह बिजनेस आपका हमेशा ही फायदे में रहेगा। इस बिजनेस के बढ़ाने के लिए कई रियल एस्टेट प्रोजेक्ट भी शुरू किये जाने की योजना है। जिसका सीधा लाभ करोबारियों को मिलेगा।



