
Delhi: अपने ही देश में जॉब करना ही एक गौरव की बात होती है और जब देश के माध्यम से ही विदेश में काम करने का मोका मिले तो भारत देश के साथ साथ पूरी दुनिया के लिए यह गौरव की बात होती है। किसी चीज को सिद्ध से चाहो तो उसे पाने के लिए ईश्वर भी आपकी मदद करता है।
विश्व में बहुत से देश है, जो कुछ चीजों में एक दूसरे की मदद करते है। भारत में आयोजित संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा (UPSC Exam) के माध्यम से आईएफएस यानी इंडियन फॉरेन सर्विस (Indian Foreign Service) के पद का चयन किया जाता है। यह सेवा भारतीय विदेश मंत्रालय को चलाने के लिए दी जाती है। इस पोस्ट में पोस्टेड अधिकारी देश के बाहर के कार्यों को संभालते है। देश की सेवा और विदेश में बैठ कर देश की सेवा करना आसान बात नहीं है।
आईएफएस का पद काफी जिम्मेदारियों से भरा हुआ है और मान प्रतिष्ठा भी बहुत है। इसी पद के लिए हरियाणा राज्य के एक बिटिया का चयन हुआ है, जो देश के लिए सबसे बड़ा गौरव की बात है, इस बिटिया ने तीन प्रयास के बाद यह पोस्ट को हासिल की। आइए जानते है, इस बिटिया की सफलता के विषय में।
निशा धवल की सफलता की कहानी
कुछ महान हस्तियों का कहना है कि किसी भी कार्य को पूरी लगन और निष्टा से किया जाए, तो सफलता आपके कदम चूमती है। इस बात के कई उदाहरण है। जिन्होंने अपनी ईमानदारी से मेहनत करके सफलता प्राप्त की है। उन्होंने दुनिया की उस ऊंचाई को छुआ है जिसका लोग ख्वाब देखते है।
हरियाणा (Haryana) राज्य के हिसार (Hisar) जिले की निवासी निशा धवल भी एक बहुत बड़ा उदाहरण है। निशा कई युवाओं के लिए प्रेरणा हैं। निशा आईएफ़एस अफसर (IFS Officer) के पद पर काम कर रही है। यह सफर आसान नहीं था। आज वे जिस मुकाम पर है, वहा तक पहुंचना किसी जंग को जितने से कम नहीं है।
निशा कई बार असफल हुई परंतु वे उन असलताओ से डगमगाई नही वे निरंतर प्रयासरत रही। निशा के पिता को उनकी बेटी पर पूरा विश्वास था, इसी विश्वास से निशा ने पूरे जोश के साथ परीक्षा दी और सफलता हासिल की। आज कई युवा निशा से प्रेरित हो कर कड़ी मेहनत कर रहे हैं। वे भी सफल होना चाहते है और एक दिन वे भी सफल होने।
असफलताओं के बाद भी नहीं मानी हार
निशा ने अपना ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद से ही UPSC की तैयारी प्रारंभ कर दी। यूपीएससी की परीक्षा में सफलता प्राप्त करना कोई आसान काम नही है। इस सफलता के लिए बहुत कुछ त्यागना पड़ता है। इस सफलता के लिए ही तो लोग दिन रात एक करके मेहनत करते हैं। निशा की कहानी भी इसी प्रकार है।

निशा ने भी इस परीक्षा में सफलता प्राप्त के लिए दिन रात एक कर दी। फिर भी कई बार असफल भी हुई परंतु उन्होंने फिर से उसी विश्वास के साथ वैसे ही मेहनत की ओर सफल हुई। मिली जानकारी से पता चला है की। निशा ने अपने स्कूल की पढ़ाई एक सरकारी स्कूल से की है। इसके बाद निशा ने गुरु जंबेश्वर यूनिवर्सिटी से अपना स्नातक पूरा किया।
माता पिता का भी खूब साथ मिला
पढ़ाई पूरी कर निशा ने यूपीएससी की तैयारी करना सही समझा। चाहती तो कोई अच्छी प्राइवेट जॉब कर सकती थी, परंतु उन्होंने यूपीएससी की तैयारी को चुना। इस संघर्ष से भरे सफर में निशा के माता पिता ने उनका खूब सपोर्ट किया। निशा के पिता चाहते थे की उनकी बेटी एक बहुत बड़ी अफसर बने। इस सपने को पूरा करने के लिए निशा ने अपना सब कुछ न्यौछावर कर दिया। वे दिन रात पढ़ती रही। असफल हुई परंतु फिर भी मेहनत करती रही।
तीसरे प्रयास में हुई सफल
दो बार असफल होने के बाद तीसरी बार में निशा ने सफलता प्राप्त की। अपने साथ अपने माता पिता के विश्वास को भी बनाए रखा। हर बार निशा खूब तैयारी से परीक्षा देने जाती थी। फिर भी कहि ना कही कमी रह जाती थी। उनकी हर सफलता और असफलता में उनके पिता उनके साथ खड़े रहते और अपनी बेटी को हिम्मत देते।
तीसरे प्रयास में जब निशा ने परीक्षा दी और वे कामयाब हुई तो उन्हे आईएएस नही, बल्कि आईएफ़एस के लिए चुना गया। जब वे आईएफएस अफसर बनकर अपने पिता के सामने आई, तो उनके पिता का सीना गर्व से फूल गया। हाल ही में मिली जानकारी से पता लगा की निशा के पति (Nisha Dhawal Husband) सुनील कुमार भी यूपीएससी 2021 में आईएएस (IAS SUNIL DHANWANTA) के लिए चुने गए है।



