भारत की पहली स्टील की सड़क इस राज्य से होकर निकलेगी, इस बेमिसाल तरीके से बनेंगे देश के हाईवे

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Steel Road Surat
India's first steel road featured in Gujarat. Surat has become the first city in India to get a processed steel slag (industrial waste) road. Photo Credits: Twitter.

Surat: देश भर में हर वर्ष कई टन प्लांटो से अवशिष्ट निकलता है, जिसका कोई उपयोग नहीं होता। यदि लगाकर ऐसे ही कचरा निकलता रहा तो देश में हर तरफ सिर्फ कचरा ही कचरा होगा। घर से निकलने वाला अवशिष्ट का प्रयोग लोग जमीन की उर्वरकता बढ़ाने के लिए करते है। क्योंकि घरों से निकलने वाला कचरा सब्जी और फलों के छिलके होते है, जो जमीन में पड़े पड़े डीकंपोस्ट हो जाते है और खाद में परिवर्तित हो जाते है।

उद्योग से निकला कचड़ा ठोस होता है, जो जमीन में डीकंपोस्ट नही होता। ऐसे में लोग इस कचड़े से कुछ काम की वस्तु बनाने में उपयोग करने का विचार बना रहे है। इसलिए लोगो ने स्टील प्लांट (Steel Plant) से निकलने वालेकचड़े का इस्तेमाल करके एक सड़क का निर्माण किया। यह सिर्फ प्रयोग किया गया है। सफलता मिलने पर स्टील प्लांट के कचड़े से हाईवे की सड़को का निर्माण किया जाएगा।

भारत में ऐसे बहुत से प्लांट है जो काफी सारा कचड़ा उत्पन्न करते है। परंतु वे उसे किस् तरह नष्ट करना है जानते है। अक्सर बारिश के मौसम में सड़को पर बड़े बड़े गड्डे हो जाते है, जिससे दुर्घटना होने का डर होता है। अब इस स्टील की कतरन से बनाई गई सड़क से उम्मीद की जा सकती है की उससे किसी तरह का नुकसान ना हो। आइए विस्तार से जानते है।

स्टील धातु की विशेषता

इस्पात यानी स्टील लोहा, कार्बन और कुछ और तत्वों से मिलकर बनने वाली एक मिश्रधातु है। इसमें तन्यता का गुण काफी ज्यादा होता है और इसका मूल्य भी काफी कम होता है जिससे इसका प्रयोग भवनों, अधोसंरचना, औजार, जलयान, वाहन और मशीनों को बनाने में किया जाता है। इस्ताप में कार्बन ही सबसे मुख्य मिश्रधातु है जो लोहे को कठोरता प्रदान कर पुष्टता समानुपातिक मात्रा में बढ़ाता है।

देश की नई उपलब्धि

भारत देश को एक नई उपलब्धि प्राप्त हुई है। आपको बता दें गुजरात (Gujarat) राज्य के सूरत (Surat) जिले में स्टील धातु से सड़क (Steel Road) का निर्माण किया हुआ है। देश में पहली बार ऐसा प्रयोग को अंजाम दिया गया है। इस सड़क का निर्माण हजीरा इंडस्ट्रीयल एरिया (Hazira Industrial Area) में किया गया है। देश के स्टील प्लांट से निकले कचरे का इस्तेमाल कर सड़क निर्मित की गई है।

आंकड़ों की माने तो प्रतिवर्ष पूरे देश के अलग-अलग स्टील प्लांट से 19 मिलिनय टन अवशिष्ट निकलता है।इसी लिए एक नया प्रयोग शुरू करने का विचार किया गया है। खूब रिसर्च की उसके बाद गुजरात में स्टील के अवशिष्ट से 6 लोन की सड़क बना कर प्रयोग किया।

एक किलो मीटर के दायरे में बनाई गई है सड़क

स्टील अवशिष्ट से अभी मात्र 1 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण किया गया है। विशेषज्ञों का कहना है की यदि सब कुछ सही रहा तो भविष्य में भारत देश की हाईवे की सड़को (Highway Roads) का निर्माण इसी मैटेरियल से की जाएगी। इस प्रयोग से एक नया विकल्प तो बनेगा ही साथ में स्टील प्लांट के अवशिष्ट भी ठिकाने लग जाएगा।

इस कार्य को वैज्ञानिक, औद्योगिक अनुसंधान परिषद, केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान, इस्पात मंत्रालय और नीति आयोग की सहमति से किया गया है। इस परियोजना को भारत सरकार के द्वारा चलाई जा रही वेस्ट टू वेल्थ और स्वच्छ भारत अभियान के तहत भी जोड़ा गया है।

स्टील के कचड़े को प्रोसेस करके गिट्टी में बदला गया

स्टील प्लांट से प्राप्त अवशिष्ट (Industrial Waste) का प्रयोग सड़क निर्माण करने से पूर्व उसे लंबे समय तक प्रोसेस करने के बाद स्टील के अवशिष्ट को गिट्टी में बदला गया। इसके बाद स्टील से बनी गिट्टी का इस्तेमाल कर सड़क निर्माण का कार्य प्रारंभ हुआ। CSIR के मुताबिक सड़क की मोटाई को 30 प्रतिशत घटा कर बनाया गया है।

ऐसी अपेक्षाएं की जा रही है की स्टील के कचरे से बनी सड़के अधिक मजबूत होंगी, साथ ही ये मॉनसून के असर से खराब भी नहीं होगी। CRRI के प्रिंसिपल वैज्ञानिक सतीश पांडेय का कहना है की भारी ट्रकों के चलने से हजीरा पोर्ट पर एक किलोमीटर लंबी सड़क काफी खराब हो चुकी थी। जिसपर प्रयोग किया गया है।

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