
Malugram, Assam: माना जाता है कि एक मॉं का अपने बच्चे के प्रति प्रेम इस दुनिया में सर्वश्रेष्ठ है। एक मॉं ही होती है, जो अपने बच्चों की खुशी पर सब कुछ कुर्बान करने की हिम्मत रखती है। अपने बच्चों की खुशी के लिए वह भगवान से भी लड़ जाती है।
कहा जाता है कि एक मॉं अपने बच्चें के सभी दुख और तकलीफों को हर लेती है। मॉं के जैसा शक्तिशाली ओर सहनशील इस संसार में कोई नहीं है। यह बाते सिर्फ कहने के लिए ही नहीं है, इस बात को असम में रहने वाली एक महिला कांस्टेबल (Woman Constable) ने साबित भी कर दिया है। इन सभी लाइनों का वह एक सुंदर और पूरी तरह से स्पष्ट उदाहरण बनकर सामने आ गई है।
ऐसा हम इसलिए कह रहे है, क्योंकि इस महिला कांस्टेबल ने अपने छोटे से 7 महीने के बच्चे के साथ में पुलिस विभाग को फिर से जॉइन किया है और उनकी इस कदम की लोग जमकर तारीफ कर रहे है। कौन है वह महिला कांस्टेबल और किस वजह से उन्होंने यह कदम उठाया आइये जानते है।
मेटरनिटी लीव्स के बाद बच्चे को लेकर एक मॉं कार्यालय पहुँची
हम सभी बहुत अच्छे से जानते है कि एक औरत के मॉं बनने के बाद बच्चे कि सारी जिम्मेदारी उसके कंधों पर आ जाती है। उसे हर पल अपने बच्चे का ख्याल रखना पड़ता है। जब बच्चा छोटा होता है, तो उसकी हर जरूरत सिर्फ मॉं से जुड़ी होती है। इसी का फर्ज निभाने के लिए एक मॉं ने मैटर्निटी लीव्स (Maternity Leave) के खत्म होने के बाद अपने बच्चे को लेकर अपनी ड्यूटी की शुरूआत की।
हम जानते है कि आजकल महिलाएं हर कार्य को करने सक्षम है। आज महिलाएं हर क्षेत्र में खुद को बेहतर साबित कर चुकी है। महिला एक समय में कई काम को साथ करके समाप्त कर सकती है। इसी का उदाहरण कांस्टेबल सच्चिता रानी रॉय (Sachita Rani Roy) बन चुकी है।
असम में कांस्टेबल पद पर कार्यरत सच्चिता रॉय ने उठाया कदम
सच्चिता रॉय असम में कांस्टेबल (Assam Police Woman Constable) के पद पर कार्यरत है। अपनी डिलीवरी के बाद उन्होंने अपनी मैटर्निटी लीव को बढ़ाने का अनुरोध किया था। लेकिन उनकी रिक्वेस्ट को अधिकारी द्वारा खारिज कर दिया गया था। जिसके बाद से सच्चिता रानी रॉय अपने कार्यालय अपने बच्चे को लेकर नियत टाइम पर पहुँच जाती है। वह अपना पूरा काम ईमानदारी से करने के बाद ही अपने घर वापस लौटती है।
सच्चिता कि उम्र अभी 27 वर्ष की है। जब उनकी लीव की रिक्वेस्ट को खारिज कर दिया गया। तो उनके पास अपने बच्चे को लेकर काम पर लौटने के अलावा ओर कोई ऑप्शन ही नहीं बचा था। घर पर उनके बच्चे की देखभाल के लिए कोई भी मौजूद नहीं था। इस वजह से उन्हें अपने बच्चे के साथ मे अपने काम की शुरूआत करनी पड़ी।
मेटरनिटी लीव्स खारिज होने की वजह से उठाया कदम
जब सच्चिता से उनके इस कदम के बारे में पूरी जानकारी लेी गई। तो वह इसके बारे में जानकारी देते हुए कहती है, कि उनके घर में ना होने कि स्थिति में उनके घर पर कोई सदस्य नहीं था जो उनके बच्चे की देखभाल कर पाता। इस वजह से उन्होंने अपने बच्चे को अपने साथ लाने का फैसला किया।
सच्चिता के पति सेंट्रल रिजर्व पुलिस बल के एक जवान है। उनकी ड्यूटी असम से बाहर है। इस वजह से उन्हें अकेले ही अपने बच्चे की देखभाल करनी पड़ती है। वह कहती है कि उनके पास दूसरा ऑप्शन नहीं था, इस वजह से उन्होंने यह कदम उठाया।
सहायोगी भी बच्चे का ख्याल रखने में करते है सहायता
सच्चिता रॉय असम के मालूग्राम (Malugram) क्षेत्र की रहने वाली है। वह कहती है कि उन्हें कार्यालय में अपने बच्चे को सम्हालने में ज्यादा दिक्कत नहीं होती है। क्योंकि फ्री टाइम पर उनके सभी साथी उनके बच्चे का काफी अच्छे से ख्याल रखते है। इसके लिए वह अपने सभी सहयोगियों को धन्यवाद भी देतेी है।
A woman police constable Sachita Rani Roy, deputed in Silchar PI Court in Assam's Cachar district has won plaudits after she was seen carrying her seven-month-old baby to her workplace.#news #meghalayanews #TheMeghalayan #northeast #womanpolice #constable #Silchar #Court pic.twitter.com/EGSlPzpfGF
— The Meghalayan (@TheMeghalayan) June 7, 2022
हालांकि वह कहती है कि काम करके के बाद वह आपने कार्यालय से जल्दी ही घर के लिए निकल जाती है। क्योंकि पूरे दिनभर बच्चे को लेकर काम कर पाना अभी उनके लिए थोड़ा मुश्किल हो जाता है। सच्चिता रॉय आज की मदर इंडिया है। उन्होंने साबित कर दिया कि एक मॉं हर जिम्मेदारी को सम्हालने में सक्षम है। एक मॉं सब कुछ कर सकती है।
सच्चिता की हिम्मत और समर्पण की हम सराहना करते है। उनका यह कदम तारीफ के लायक है। हालांकि सचिचता के लिए इतनी सारी जिम्मेदारी एक साथ उठा पाना अभी काफी मुश्किल हो रहा है।
Every day, constable Sachita Rani Roy reaches her office at 10.30 am with her baby, and leaves after a whole day's work.#India #Viral pic.twitter.com/TC71iORqHk
— MEWS (@mews_in) June 7, 2022
सच्चिता कहती है कि कोई बात नहीं अगर मेरी मेटरनिटी लीव्स को खारिज कर दिया गया। में इस नई जिम्मेदारी के साथ में अपनी ड्यूटी को आगे भी जारी रखूँगी। सच्चिता को उनके आने वाली सभी चुनौतियों के लिए भगवान शक्ति दे और वह अपने जीवन में अपने फर्ज को सभी जिम्मेदारी को अच्छे से निभा सके बस यही हमारी कामना है।



