
Photo Credits: :Lalit on Linked In
Jodhpur: पुराने समय में लोगों की जीविका का सबसे बड़ा साधन कृषि हुआ करती थी। पहले लोग सीमित रहते थे और खेती करके अपना अच्छे से गुजारा करते थे। लेकिन आधुनिकता का दौर जब शुरू हुआ। तब लोग खेती (Farming) करने की जगह शहर मे आकर नौकरी करना और व्यवसाय करने को खेती से ज्यादा फायदे का सौदा मानने लगे।
आज की बात की जाये तो यह बात गलत साबित हो चुकी है। नये तरीकों का उपयोग करके आज लोग खेती में बहुत प्रॉफिट प्राप्त कर रहे है। आज के जमाने में नौकरी और व्यवसाय की जगह कृषि ट्रेंड कर रही है। आज का युवा आईआईएम, आईआईटी से डिग्री लेने के बाद भी एग्रीकल्चर में अपना भविष्य सुरक्षित करना चाहते है।
जोधपुर के कपल (Jodhpur Couple) ने नौकरी छोड़ की खेती
आज के समय में खेती में भी इतनी रिसर्च हो चुकी है कि जो भी इसे करने का सोचता है, वह आधुनिक तकनीक का यूज करके ही करता है। जिससे लोगों को अच्छा खासा फायदा भी होता है। आज का युवा नए तकनीक और नए स्किल्स के बारे में बहुत अच्छे से जानता है। जिसका उपयेाग करने खेती में करके युवा अच्छा खासा फायदा प्राप्त कर लेता है। कुछ ऐसा ही जोधपुर के एक पति पत्नी (Husband-Wife) जोड़े ने किया।
आज की हमारी कहानी एक ऐसे पति पत्नी जोड़ी की है। जिसमें से पति ने बैंक में अपनी लाखों की नौकरी छोड़ कर और पत्नी ने चार्टेड अकाउंटेंट (Charted Accountant) की नौकरी छोड़कर साथ मिलकर खेती की और खेती करके आज अपना टर्नओवर करोड़ो का कर लिया है। हम जिस कपल की बात कर रहे है, वह राजस्थान (Rajasthan) के जिले जोधपुर (Jodhpur) से वास्ता रखते है।
जोधपुर के सुरपुरा में रहने वाले एक शख्स जिनका नाम ललित है। उन्होंने एमबीए (MBA) करने के बाद बैंक में कई सालों तक नौकरी की। लेकिन वह इस से संतुष्ट न थे। उनका मन शुरू से ही जीवन में कुछ अलग हटकर करने का था। इसलिए उन्होंने खेती में हाथ आजमाने का डिसाइड किया। उनकी सोच को आगे बढ़ाने का काम उनकी पत्नी ने किया। उन्होंने अपने पति का साथ दिया और आज एग्रीकल्चर से यह कपल काफी मुनाफा कमाने लगे है।
ट्रेनिंग लेकर लाखों में कर रहे कमाई
इस कपल ने सबसे पहले खेती में ही आगे बढ़ने का मन बनाया फिर अपनी नौकरी छोड़ दी। नौकरी छोड़ने के बाद उन्होंने शुरूआत में एक छोटी सी नर्सरी खोली। यह नर्सरी जोधपुर शहर से काफी पास में है। उन्होंने जमीन खरीद कर नर्सरी डाली।
शुरूआत मं दोनों कपल को ज्यादा नॉलेज नहीं था। इसलिए उन्हें इसमें सफलता नही मिल पाई, वह मुनाफा कमाने में असफल रहे। इसके बाद उन्होंने खेती से संबंधित नई तकनीक को सीखने की ट्रेनिंग ली। ट्रेनिंग लेने के बाद जब उन्होंने अपना खेती का बिजनेस किया, तो उन्हें बहुत फायदा होने लगा।
इस तरह आया खेती करने का विचार
खेती करने का आइडिया ललित को अपने कॉलेज के समय से ही आ गया था। ललित डोरा बताते है, कि वह कॉलेज के समय में कई किलोमीटर का सफर करते थे। ललित ने कॉलेज पुणे से किया है। जब वह पुणे मे थे, उस समय उन्होंने कई पॉलीहाउस (Polyhouse) और ग्रीन हाउस को देखा था।
इन्हें देखने के बाद से ही ललित के मन में कुछ इसी तरह कार्य करने विचार आया। उन्होंने इससे संबंधित बहुत सी जानकारी ली और जानकारी लेने के बाद उन्होंने डिसाइड कर लिया की वह आगे चल कर पॉलीहाउस बना कर फल और सब्जी की खेती करेंगे।
पुश्तैनी जमीन पर की शुरूआत
ललित (Lalit Deora) कहते है कि जब उन्होंने शुरूआत में इसे करने का मन बनाया, तो इसके लिए उन्होंने अपने पिता जी से बात की। पिताजी से बात करके उन्होंने उनसे पॉलीहाउस के लिए पुश्तैनी जमीन को मॉंगा। प्रारंभ में उनके पिताजी इसे लेकर थोड़े आशंकित थे।
बाद मे वह इसके लिए मान गये। ललित ने अपनी पुश्तैनी जमीन में खेती करके के साथ साथ जयपुर में ट्रेनिंग लेके नर्सरी की शुरूआत कर दी। आज की बात की जाये, तो पहले उनकी कमाई लाखों में होती थी। लेकिन आज उनकी कमाई करोड़ो में हो रही है।
विभिन्न प्रकार के फल और सब्जी उगाकर करते है खेती
ललित (Lalit) आज इसमें इतने अधिक सक्सेस हो चुके है, कि अब वह जोधपुर में स्थित आईआईटी में जो गार्डन है। उसका पूरा प्रोजेक्ट देखते है। ललित की नर्सरी में हर प्रकार के पौधे मिलते है। उनकी नर्सरी में आउटडोर और इनडोर प्रकार के पौधे है।
ललित बताते है कि उन्होंने खेती के लिए ड्रिप इरिगेशन तकनीक का भी इस्तेमाल किया है। वह बताते हे कि वह जिस जगह पर पौधे उगाते है, वहॉं पर अच्छी मिट्टी और पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध नहीं है। लेकिन उन्होंने नई तकनीक का उपयोग करके वहां सब चीजों कि कमी होने के बावजूद भी पौधे उगा दिए।
ललित बताते है कि वह अपनी नर्सरी में कई तरह के पौधे लगाते है। वह अपनी नर्सरी में सेब, आंवला, शेमल, किजेलिया, एरिका, इंडिका, नींबू, अंजीर, अमरूद, पपीता, इमली, जामुन, अमलतास, अर्जुन, कचनार,पिनाटा इन सभी के पोधों को उगाते है। फलों से ललित बहुत अधिक फायदा प्राप्त करते है।
पत्नी ने दिया पूरा साथ
ललित अपनी पत्नी के बारे में कहते है कि उनके इस कार्य में उनकी पत्नी ने उनका कंधे से कंधा मिलाकर साथ दिया है। ललित की पत्नी सीए (CA) थी। उन्होंने सीए की नौकरी छोड़कर पति के साथ नर्सरी और फार्म हाउस का काम देखा।
ललित की पत्नी का नाम खुशबु (Lalit Wife Khushboo) है। ललित को जानने वाले लोगों से जब ललित के बारे में जानकारी ली गई। तो वह बताते है, कि ललित ने अपने लाखों रूपये के ऑफर वाली जॉब को छोड़कर खेती को चूज किया है। उनकी कमाई आज नर्सरी और पॉलीहाउस में फल और सब्जी उगाने की वजह से करोड़ों में है।



