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Bhilai: देश में प्रति वर्ष कई प्रशासनिक पद के लिए परीक्षा आयोजित की जाती है। सभी डिपार्टमेंट में कई पदों के लिए भर्ती होती है। बढ़ती जनसंख्या के कारण और प्रतिस्पर्धा के समय में आसानी से नोकरी मिलना बहुत मुश्किल बात है। वर्तमान समय में हर नोकरी के लिए एक व्यापमं परीक्षा देना अनिवार्य है।
हर साल लाखों युवा किसी न किसी परीक्षा की तैयारी में लग जाता है। कई युवा शिक्षा के क्षेत्र में अपनी सेवा देना चाहते है। तो कई लोग प्रशासनिक या डिफेन्स की तैयारी करते है। खाकी वर्दी की चाह लगभग 80 प्रतिशत युवाओं को होती है। इसलिए बहुत से युवा राज्य लोक सेवा आयोग की परीक्षा देते है या फिर संघ लोक सेवा आयोग की तैयारी करते है। UPSC की परीक्षा सबसे कठिन परीक्षऔ में से एक मानी जाती है। क्योंकि इसमें 3 चरण होते है जिन्हें पास करने के बाद ही कोई चयनित माना जाता है।
पहला चरण प्रारंभिक परीक्षा होता है, जिसमें वस्तुनिष्ठ प्रश्न पूछे जाते है। दूसरा चरण मुख्य परीक्षा होता है जिसमे विस्तार से जानकारी देनी होती है और तीसरा चरण इंटरव्यू होता है, जिसमे बड़े अधिकारियो के द्वारा वार्तालाव के माध्यम से प्रश्न पूछे जाते है। इसलिए यह परीक्षा कठिन मानी जाती है, परंतु जुनूनी व्यक्ति के लिए कुछ भी कठिन नहीं है। बहुत से युवाओं का सिलेक्शन बहुत कम उम्र में हो जाता है। ऐसी ही एक बेटी है। सिम्मी (Simi Karan) जिन्होंने महज 22 साल की उम्र में UPSC की परीक्षा क्लियर कर ली। आइये जानते है उनकी रणनीति को।
कड़ी मेहनत से मिल सकती है सफलता
प्रतिवर्ष लाखों अभ्यर्थि UPSC की परीक्षा देते हैं। परंतु सफलता उन्ही को मिलती है। जो कठोर संघर्ष करता है । और कभी हार नहीं मानता लोगो का कहना है कि अच्छी और जल्दी सफलता के लिये किसी बेस्ट कोचिंग में पढ़ना बेहद जरुरी होता है और साथ ही केवल एक ही चीज़ पर फोकस करना होता है।
ये तो सही है कि सफलता त्याग मांगती है, पर वो कम्फर्ट जॉन का त्याग मांगती है। सिम्मी एक ऐसी अभ्यर्थी है, जिन्होने इंजीनियरिंग की पढ़ाई के साथ UPSC की तैयारी भी की और दोनों में सफलता हासिल कर ली। ओडिशा (Odisha) की निवासी सिम्मी करण (Simi Karan) जो आज एक आईएएस अधिकारी (IAS Officer) है। उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई के साथ ही यूपीएससी की तैयारी भी शुरू कर दी।
छत्तीसगढ़ राज्य में अपनी प्रारंभिक पढ़ाई की सिम्मी
सिम्मी प्रोपर उड़ीसा की है, परंतु उन्होंने अपना बचपन छत्तीसगढ़ राज्य के भिलाई जिले में बिताया। सिम्मी के पिता भिलाई जिले में एक स्टील प्लांट में जॉब करते हैं और उनकी माता दिल्ली पब्लिक स्कूल में शिक्षिका है।
सिम्मी बचपन से ही होशेयर है और उन्हें पढ़ाई के लिए बहुत अच्छा माहौल मिल रहा था। इसी के चलते सिम्मी ने कक्षा 12वीं में 98 प्रतिशत अंक प्राप्त किये और पूरे छत्तीसग़ढ राज्य में टॉप आई। सिम्मी का पहले से UPSC क्रेक करने का कोई इरादा नहीं था। इसी लिए उन्होंने इंजीनियरिंग के लिए एज़ाम क्रेक कर आईआईटी मुंबई (IIT Mumbai) से इंजीनियरिंग की पढ़ाई में लग गई।
सेवा का भाव लिए तैयारी की UPSC की
UPSC क्रैक करने का एक ही उद्देश्य था। आम जनता की सेवा करना। सिम्मी बताती है कि इंजीनियरिंग के पढ़ाई के दौरान उनका इंटर्नशिप हुआ, तो उस वक्त सिम्मी को स्लम बस्ती में जाकर पढ़ाना होता था तब उनके मन में सेवा का भाव जन्मा और उन्होंने सोचा कि उन्हें कुछ ऐसा करना चाहिए, जिससे वे लोगों की सेवा कर पाए। इसी कारण से उन्होंने यूपीएससी को चुना और उसकी तैयारी में लग गई।
सिम्मी की यूपीएससी एग्जाम क्रैक करने की रणनीति
सिम्मी ने अपने ग्रेजुएशन के आखरी वर्ष में यूपीएससी की परीक्षा (UPSC Exam) देने का प्लान बनाया और तैयारी शुरू कर दी। सब से पहले उन्होंने एक बुक लिस्ट तैयार की और उन्होंने अलग-अलग किताबों से तैयारी करने से अच्छा लिमिटेड बुक से पढ़ने का विचार किया।
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— Simi Karan IAS (@Simikaranias) May 7, 2021
लोगो का मानना है कि आज के समय में बिना कोचिंग किया पढ़ पाना बहुत मुश्किल है, परंतु आपको बता दें कि सिम्मी ने सेल्फी स्टडी करके तैयारी की है। सिम्मी हमेशा से अपने पढ़ाई के प्रति ईमानदार रही है। उन्होंने इंजीनियरिंग के साथ ही आईएएस का तैयारी भी की है, जो कोई मामूली बात नहीं है। सिम्मी की मेहनत का फल उन्हें मिला और उन्होंने सिर्फ 22 साल में ही UPSC क्रेक कर लिया।



