एक ज़माने में शान रही एंबेसडर 2014 में बाजार से गायब हो गई थी, फिर नए रूप में वापसी हो तैयार

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Ambassador car back
Ambassador car all set to make a come back soon. Iconic Hindustan Ambassador to Return in a New Avatar in 2 Years, All Details Here.

Photo Credits: Twitter

Delhi: पुराने समय में कार का किसी व्‍यक्‍ति के पास होना बहुत ही आश्‍चर्य की बात होती थी। क्‍योंकि लोग सीमाओं में रहकर ही अपना जीवन यापन करते थे और इन सब सुख सुविधाओं पर इतना ध्‍यान नहीं देते थे।

लोगो की आमदानी भी सीमित हुआ करती थी। जिसमें वह अपने गॉंव या शहर में रहकर एक आराम की जिंदगी जीने में ज्‍यादा भरोसा करते थे। लेकिन आज के समय में हर व्‍यक्‍ति इतना सक्षम हो चुका है, कि वह अपने घर में एक कार खड़ी कर सकता है। वक्‍त के साथ साथ जहॉं लोगों की सोच बदली है।

वही लोगों की आमदानी में भी परिवर्तन हुआ है। आमदानी में परिवर्तन होने की वजह से हर व्‍यक्‍ति के जीवन स्‍तर में परिवर्तन होता जा रहा है। हमारे देश में लाल और नीली बत्‍ती वाली कार में किसी व्‍यक्‍ति का आना एक बड़ी हस्‍ती का आना व्‍यक्‍‍त करता है। हमारे देश में प्रधानमंत्री से लेकर एसडीएम तक लाल और नीली बत्‍ती वाली कार पर सवारी करते है।

एंबेसडर जिसे माना जाता था शान

जब भी हमारे गॉंव, मोहल्‍ले या फिर गली में इस तरह की लाल या नीली बत्‍ती वाली कार आती है। तो हमें पता लग जाता है, कि कोई बड़ा अधिकारी या नेता हमारे गॉंव में आया है। आज से करीब 12 से 15 साल पहले तक एंबेसडर गाड़ी (Ambassador car) को शान माना जाता था।

हर बड़ी हस्‍ती इसमें ही सफर किया करती थी। लेकिन आज हम सभी जानते है, कि आधुनिकता के दौर में मार्केट में कई तरह की गाडियों का कब्‍जा हो चुका है। जिस वजह से पुरानी एंबेसडर गाड़ी का चलन कम हो गया है। इसकी मॉंग दिन प्रतिदिन गिरने कि वजह से इस गाड़ी का प्रोडक्‍शन 2014 में पूरी तरह बंद कर दिया गया।

इसके मालिक को मॉंग कम होने की वजह से काफी नुकसान उठाना पड़ा था। लेकिन आज एंबेसडर कार बनाने वाली कंपनी जिसका नाम हिन्‍दुस्‍तान मोटर्स (Hindustan Motors) है। उसने फिर से मार्केट में अपनी जगह बनाने की योजना बना ली है। कहा जा रहा है, कि हिन्‍दुस्‍तान मोटर्स फिर से इलेक्‍ट्रिक वाहन के जरिए मार्केट में अपनी वापसी कर रही है।

इलेक्ट्रिक वाहन बनाएगी हिन्‍दुस्‍तान मोटर्स

आज के समय में इलेक्‍ट्रिक वाहनों का चलन बढ़ता ही जा रहा है। इलेक्ट्रिक वाहनों का दौर अभी अपने शुरूआती चरण में है। इलेक्ट्रिक सेगमेंट के मार्केट में प्रवेश करने से ऑटो इंडस्‍ट्री में एक नई क्रांति आ गई है। लोगों के द्वारा इसे पसंद भी किया जा रहा है। इस वजह से सभी प्रमुख कंपनियाँ इलेक्ट्रिक वाहन के उ़द्योग कि और आकर्षित हो रही है।

मार्केट में इलेक्ट्रिक वाहनों की सोच को मजबूत करने के लिए एंबेसडर बनाने वाली निर्माता कंपनी हिन्‍दुस्‍तान मोटर्स भी वापसी (Hindustan Motors Come Back Soon) कर रही है। आपको बता दे, कि हिन्‍दुस्‍तान मोटर्स ने एक यूरोपीय ऑटो कंपनी से इलेक्ट्रिक वाहन बनाने के उद्देश्‍य से हाथ मिला लिया है। ताकि वह अपना बिजनेस फिर से खड़ा कर सके और अपनी पुरानी पहचान कायम कर सके।

एंबेसडर कार को 1957 में किया था लॉन्‍च

आपको बता दे कि हिंदुस्तान मोटर्स कंपनी ने एंबेसडर को 1957 में एक ब्रिटिश पोपुलर कार मोरिस आक्‍सफॉर्ड से प्रभावित होकर मार्केट में लॉन्‍च किया था। 1957 में एंबेसडर का प्रोडक्‍शन उत्‍तरपारा नाम के प्‍लांट से प्रारंभ हुआ था। अपने पहले दिन से लेकर अपने 58 वर्ष के अंतिम सफर तक एंबेसडर कार का प्रोडक्‍शन इसी प्‍लांट में हुआ।

एंबेसडर कितनी पॉपुलर थी यह हमें बताने की जरूरत नहीं है। हर बड़ी हस्‍ती इसका इस्‍तेमाल करती थी। इसकी सवारी करना बहुत ही गर्व की बात मानी जाती थी। लेकिन जैसे जैसे समय परिवर्तित हुआ नये मॉडल मार्केट में आये जिसकी वजह से इसका चलन कम हो गया।

अधिकारी और नेताओं के पास होती थी एंबेसडर

अगर बात की जाये 80 के दशक की तो हिंदुस्तान मोटर्स के द्वारा बनाई गई एंबेसडर कार का रूतबा कुछ इस तरह का था, कि लोग इसे किंग ऑफ इंडियन रोड्स कहने लगे थे। किंगस ऑफ रोड्स इसलिए कहते थे, क्‍योंकि 80 के दशक के समय में हमारे देश भारत की सड़कों में सिर्फ और सिर्फ इसी कार का राज हुआ करता था।

उस दौर में एंबेसडर कारों पर अधिकतर लाल और नीली बत्तियॉं ही हुआ करती थी। यह कार आम नागरिकों कि अपेक्षा देश के बड़े अधिकारी और नेता के पास हुआ करती थी। यही कारण था, कि एंबेसडर में सवारी करना शान की सवारी कही जाती थी।

80 के दशक में यह कार 2 लीटर के बहुत पावरफुल डीजल इंजन के साथ आती थी। इसके साथ ही यह 1.8 लीटर के साथ पेट्रोल इंजन में भी आती थी। आज के समय की किसी भी कार से इसकी पॉवर कम नहीं थी।

मारूति सुजुकी ने दी थी मात

जब हमारे देश के मार्केट में मारूति ने प्रवेश किया तो एंबेसडर कार की पॉपुलेरिटी को एक बहुत बड़ा झटका लगा। क्‍योंकि इसकी मार्केट वैल्‍यू धीरे धीरे कम होने लगी। मारूति ने एंबेसडर कार को टक्‍कर देने या फिर यूँ कहे कि उसे चोट पहुँचाने के लिए मार्केट में पैर पसारने के उद्देश्‍य से जापान की एक कंपनी सुजुकी के साथ में हाथ मिलाया और आज की सबसे पॉपुलर कार मारूति सुजुकी 800 सीसी जैसी कम कीमत की कार लॉन्‍च कर दी।

मारूति सुजुकी 800 के मार्केट में लॉन्‍च होने के बाद एंबेसडर की मॉंग मार्केट में धीरे धीरे गिरने लगी। इस कार ने एंबेसडर को बहुत पीछे छोड़ दिया। हिन्‍दुस्‍तान मोटर्स को इतना नुकसान होने लगा कि उसने धीरे धीरे इस कार प्रोडक्‍शन बंद करने का सोचा और फाइनली 2014 में एंबेसडर कार का निर्माण कार्य बंद कर दिया।

अब इस तरह की खबरे आ रही है, कि हिन्‍दुस्‍तान मोटर्स फिर से मार्केट में कदम रखने जा रही है। इस बार वह इलेक्ट्रिक कारों का निर्माण करने का मन बना रही है। अब देखना यह होगा कि यह कंपनी मार्केट में एंबेसडर की तरह लोकप्रिय कार लाने में सफल हो पाती है या नहीं।

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