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Bangalore: इस दुनिया में पाये जाने वाले सभी जीव जन्तुओं कि आइडेंटिटी उनकी एक अलग विशेषता होती है। यह विशेषता उनकी शारिरिक बनावट भी हो सकती है, या फिर उनका अलग व्यवहार भी हो सकता है। हम सभी बहुत अच्छे से जानते है कि इस दुनिया में मौजूद सभी जीव जंतुओं में से कुत्ते को सबसे वफादार जन्तु माना जाता है।
ऐसा नहीं है कि दूसरे जानवर वफादार नहीं होते। लेकिन कुत्ते को लोग ज्यादा पालते है, इसलिए उन्हें शायद इसकी इस विशेषता के बारे में पता है। कुत्ते की वफादारी की वजह से ही लोग उसे पालना ज्यादा पसंद करते है। उसे एक घर के सदस्य की तरह मानते है।
हर शख्स की कुत्ते को लेकर एक अलग भावना होती है। एक ऐसे ही व्यक्ति है, जिनकों कुत्तों से इतना अधिक प्यार है, कि उन कुत्तों कि मदद करने के लिए उन्हें एक आशियाना देने के लिए उन्होंने अपने 3 मकान और बीस गाडि़यों को बेच दिया। कौन है वह महान शख्स आइये जानते है उनके बारे में।
डॉग्स को घर देने के लिए करते है कार्य
हम जिस महान शख्स के बार में बता रहे है, उनका नाम राकेश शुक्ला (Rakesh Shukla) है। वह कुत्तों को इतना ज्यादा प्रेम करते है, कि वह उन्हें अपने पास रखने का हमेशा प्रयास करते है, फिर बात आवारा कुत्तों (Street Dogs) की हो या फिर वह कुत्ते जिन्हें आर्मी और पुलिस वालों के द्वारा बढ़ती उम्र की वजह से पहले कि तरह एक्टिव नहीं होने के कारण छोड़े दिया जाता है। वह सभी कुत्तों (Abandoned Dogs) को अशियाना देने के लिए कार्य करते है। उन्होंने इस काम को 2009 से प्रारंभ किया था। किस तरह हुई शुरूआत आइये जानते है।
एक छोटे पपी को ले आये थे घर
2009 में पहली बार राकेश शुक्ला जी एक कुत्ते को अपने घर पालने के लिए लेकर लाये थे। उस कुत्ते का नाम उन्होंने काव्या रखा था। वह कुत्ता गोल्डन रिटरिवर (Golden Retriever) था। उस कुत्ते को वह बहुत छोटी उम्र से ही अपने घर लेकर आ गये थे।
वह कुत्ता सिर्फ 45 दिनों का था। वह उसे बहुत प्यार करते थे और हर दिन उसके साथ वॉक पर जाया करते थे। एक बार की बात हे, जब वह काव्या को अपने साथ घुमाने के लिए लेकर गये थे। उस दिन राकेश जी को एक बहुत छोटा पपी दिखाई दिया।
वह छोटा पपी बारिश से खुद को बचाने के लिए एक कोने में छुपकर बैठा हुआ था। उस पपी की हालत बहुत ही दयनीय थी। जिसे देख कर राकेश को बहुत दुख हुआ और वह उस छोटे पपी को अपने घर लेकर आ गये थे और उन्होंने उस पपी का नाम लकी रख दिया।
छोटे पपी से हुई इस सफर की शुरूआत
ऐसा पहली बार हुआ था कि राकेश किसी आवारा कुत्ते को अपने घर लेकर आये थे। लेकिन यही से उनके इस सफर की शुरूआत हो गई थी। यहॉं से ही राकेश ने आवारा कुत्तों को रेस्क्यू करना शुरू कर दिया था। जब राकेश ने यह कार्य शुरू किया तो उनकी वाइफ उनका विरोध करती थी। क्योंकि आवारा कुत्तो को इस तरह घर में रखना उन्हें पसंद नहीं आ रहा था।
उन्हें राकेश की ओर घर सदस्यों की स्वास्थ्य की चिंता परेशान कर रही थी। उनकी बात को समझते हुए राकेश ने उन कुत्तो के लिए एक जमीन खरीद ली और उस जगह में एक फार्म हाउस (Farm House) बना लिया। इस फॉर्म हाउस में वह उन रेस्क्यू किये कुत्तों को रखने लगे।
800 से भी ज्यादा कुत्ते है उनके फॉर्महाउस में
राकेश ने जिस सफर को एक कुत्ते की मदद करके प्रारंभ किया था। वह सफर आज यहा तक पहुँच गया है, कि आज उनके पास 800 से भी ज्यादा कुत्ते है। सभी वह कुत्ते जो उनके पास है, उनमें से कुछ आवारा कुत्ते हे और कुछ किसी कारण वश छोड़े गये कुत्ते है।
(Man of the Day) Rakesh Shukla, an Indian entrepreneur, cares for over 700 stray dogs in his private farm. He is affectionately known as "The Dog Father" #petcare pic.twitter.com/1UAWeIaXoM
— Urban Pet Hospital (@UrbanPetClinic) August 28, 2018
राकेश इन सभी का बहुत अच्छे से ख्याल रखते है और इन्हें एक परिवार की तरह मानते है। वह इनकी सभी जरूरतों का ख्याल रखते हे। राकेश के फॉर्म हाउस में केवल कुत्ते ही नही है उनके फॉर्म हाउस में आज 7 घोड़े और दस गाय भी है।
स्वतंत्र रहते है कुत्ते
राकेश के फॉर्म हाउस कि विशेषता है कि उनके फॉर्म हाउस में कोई भी जानवर जंजीरों से नहीं बंधा होता है। वह सभी जानवरो को उने मन के हिसाब से घूमने की अनुमति देते है। राकेश ने इन जानवरों की सुविधाओं का ख्याल करते हुए एक स्विमिंग पूल और एक घास का मैदान बनाया है। जहॉ पर यह सभी जानवर अपने मन के मुताबिक जाकर मजे कर सकते है।
राकेश के इस तरह के महान कार्य को देखकर लोगों ने उनका नाम डॉग फादर रख दिया हे। इसी नाम से अब वह पूरे देश में फेमस हो चुके है। राकेश शुक्ला जी के पास बहुत से कुत्ते ऐसे भी है, जिन्होंने पुलिस में अपनी सेवा दे चुकी है। हम सभी बहुत अच्छे से जानते है, कि पुलिस विभाग में या फिर फॉर्स में जिन कुत्तों को सेवा के लिए रखा जाता है।
वह एक समय क बाद पहले जैसे एक्टिव नहीं रह जाते है। जिस कारण से उन्हें अलग कर दिया जाता है। इन कुत्तों को फॉर्स द्वारा डॉग हाउस में भेज दिया जाता है। इसी प्रकार के कुत्तों को राकेश शुक्ला अपने फार्म हाउस में रखते है।
कुत्तों कि सेवा के लिए गाडी ओर घर को बेच दिया
राकेश शुक्ला इन कुत्तों को बहुत ही अच्छे से पालते है। वह उनकी सभी जरूरतों का ख्याल रखते है। जब एक इंटरव्यू में उनसे उनके इस डिसिजन के बारे में पूछा गया, तो उन्होने बताया कि एक समय था। जब वह यह सोचते थे, कि सक्सेस का आशय सिर्फ गाडियां और आलीशान घर का होना है।
धीरे धीरे उनकी सोच बदल गई और जब उनकी सोच बदली तो उनका मकसद कुत्तों को बचाने का हो गया। वह बताते है, कि वह अब अपनी पूरी जिंदगी कुत्तो की सेवा में ही लगा देना चाहते हे। वह कहते है, कि उन्होंने अब तक कुत्तों के फॉर्महाउस के लिए अपनी बीस गाडियॉ और 3 घरों को तक बेच दिया है।
From an IT professional to be the ‘Voice of Stray Dogs’ – An outstanding journey of Rakesh Shukla pic.twitter.com/96ufEWslJ0
— Ashish Janiani (@ashishjaniani) March 2, 2018
राकेश ने मानवता कि एक अलग ही मिशाल पेश की हे। उनका सफर एक छोटे से कुत्ते को बचाने से प्रारंभ हुआ और आज उनका सफर हजार कुत्तों तक पहुँचने वाला है। राकेश कहते है, कि इस कार्य से उनके मन को बहुत आनंद आता है।
वह कहते है, कि इस कार्य को वह अपने मन से कर रहे हे और आगे भी वह इस कार्य को जारी रखेंगे। राकेश जी ने वाइस ऑफ स्ट्रे डॉग्स के नाम से एक संस्था रजिस्टरर्ड करवा ली है। यह संस्था कुत्तों की देखभाल और उनके रखरखाव का पूरा ख्याल रखती है।
This software engineer sold everything that he had and used the money tend to Indian strays. Rakesh Shukla heads Voice of Stray Dogs, an NGO that feeds at least 850 rescue dogs, many of whom have seen physical and mental abuse. Thanks to @milaapdotorg for the footage! pic.twitter.com/swonCOOEu4
— Brut India (@BrutIndia) October 4, 2019
राकेश की यह संस्था हर माह लगभग 1500000 रूपये कुत्तों की देखभाल में खर्च करती है। राकेश का यह कदम अनोखा और नि:स्वार्थ है। वह मानवता कि एक अलग मिसाल कायम करने में कामयाब हो चुके है। वह आगे भी इसी तरह से कार्य करते रहे बस यही हम कामना करते है।



