
Etawah: जहां आज देश का हर युवा बेरोजगारी का सामना कर रहा है। इसी बीच इंजीनियरिंग की पढ़ाई में लाखों खर्च करने के बाद भी नौकरी ना मिलने पर उत्तरप्रदेश के युवक ने अपना बिजनेस स्टार्ट कर कमाया लाखों का मुनाफा। हमारे देश में पढ़े लिखे बेरोजगारों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है।
बेरोजगारी हमारे देश का एक बहुत बड़ा मुदृदा है। पढ़ाई में लाखों रूपये खर्च करने के बाद भी अपनी योग्यता के अनुसार जॉब पाना बहुत ही मुश्किल हो चुका है। महंगे कोर्स में एडमिशन लेने के बाद पूरी पढ़ाई करके युवा मन चाही नौकरी पाने में असमर्थ है।
अथक प्रयास करने के बाद नौकरी ना मिलने पर एक दिन युवा हार मान जाता है। लेकिन इन सब के बीच देश के एक नौजवान ने हार ना मानकर कुछ ऐसा किया, जिससे वह ऐसे कई सारे युवा जो बेरोजगारी का सामना कर रहे है, उनके लिए एक उदाहरण बन कर सामने आये है। जिन्होंने नौकरी ना मिलने पर हताश होने की बजाय अपना व्यवसाय (Business) शुरू किया और लाखों का मुनाफा भी कमाया।
परिस्थितियों से हार नही मानी
कई वर्षों तक प्रयत्न करने पर भी नौकरी ना मिलने पर आज के युवा वैसे तो आपना व्यवसाय करना ही पसंद करते है। इन्हीं सब में से एक यूपी के इटावा (Etawah) जनपद के गॉंव बीहडी आसई में निवास करने वाले आशुतोष दीक्षित (Ashutosh Dixit) ने कमाल कर दिया।
आशुतोष के करियर की बात की जाये तो 2017 में आशुतोष ने कानपुर (Kanpur) के इंजीनियरिंग कॉलेज से सिविल इंजीनियर (Civil Engineer) का कोर्स किया पढ़ाई में लाखों रूपये खर्च करने के बाद भी आशुतोष का एक वर्ष तक भटकने पर भी नौकरी नहीं मिल पाई।
बिजनेस ने बदली किस्मत
नौकरी की एक साल तक तलाश करने पर भी उन्हें नौकरी (Job) ना मिलने पर आशुतोष हताश नहीं हुये, बल्कि वह अपने ननिहाल वापस लौट आये और एनिमल हसबेंडरी करने की तैयारी में लग गये। आशुतोष ने राजस्थान के जिले बीकानेर से उधार के पैसों से 4 साहीवाल नस्ल की गाय खरीद कर अपने गॉव ले आये।
3 साल में ही आशुतोष ने 70 गायों की गौशाला (Dairy Farm) बना ली तथा उनसे मिलने वाले दूध को कांच के बोतलों में पैक करके शहर में सप्लाई करना शुरू कर दिया। शहर में दूध की सप्लाई करके आज आशुतोष लाखों की कमाई कर रहे है।

आशुतोष बताते है कि उनका गॉंव जंगल के बेहद करीब है। जिस वजह से उन्हें गायों के लिए चारा लाने में भी परेशानी नहीं होती है। दूध के अलावा आशुतोष देसी घी (Desi Ghee) भी बेच कर लाभ कमाते है। वह बताते है कि देशी घी का रेट मार्केट के रेट से तीन गुना अधिक होता है। इसके अलावा गाय के गोबर से भी खाद (Cow Dung Khad) बना कर वह मुनाफा कमाते है।
कैसे आया बिजनेस का विचार
आशुतोष ने कानपुर जिले के प्रसिद्ध इंजीनियरिंग कॉलेज पीएसआईटी से सिविल इंजीनियर का कोर्स किया। उन्होंने बताया कि पढ़ाई में लाखों खर्च करने के बाद भी जब वह अपनी योग्यता के अनुसार नौकरी ढूँढने गये, तो उन्हें नौकरी नहीं मिली। लेकिन उन्होनें हार ना मानते हुये व्यवसाय करने का सोचा और अपने गांव वापस आ गये।

अब आशुतोष के पास में 70 गाय (Cows) है। जिनका दूध शहर में बेचकर वह लाखों की कमाई कर पाते है। दूध के अलावा वह घी एवं खाद बेचकर भी मुनाफा प्राप्त करते है। उनके साल भर के मुनाफे की बात की जाये तो आशुतोष साल भर में 12 लाख से 13 लाख रूपये कमा लेते है। सब कुछ जोड़कर 15 लाख के आस पास तक की कमाई हो जा रही है।
आशुतोष आज उन करोड़ो बेरोजगार युवाओं (Unemployed Youth) के लिए उदाहरण बन गये है जो नौकरी ना मिलने पर हार मान जाते है एवं हताश हो कर बैठ जाते है। आशुतोष ऐसे युवाओं के लिए एक पेरफेक्ट रॉल मॉडल बन कर उभरे है।



