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Bengaluru: कन्नड़ सुपरस्टार यश (Yash) की फिल्म KGF का सीक्वल KGF Chapter 2 लगातार चर्चा में रहा है। इससे पहले आई Film KGF को लोगो ने बहुत पसंद किया था। इस फिल्म के डायलॉग लोगो की जुबान पर ऐसे चढ़े की पूरा भारत रॉकी भाई हो गया।
बता दें की फिल्म का निर्देशन प्रशांत नील ने किया था और इसके हिंदी संस्करण का निर्माण बॉलीवुड के प्रसिद्ध अभिनेता और निर्माता फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी ने किया था। फिल्म KGF के प्री मूवी रिव्यु की बात करें, तो यह बहुत ही अच्छा है। मूवी के ट्रेलर ने पहले ही करोड़ों रुपये कमा लिए हैं।
फिल्म आपको कर्नाटक के कोलार गोल्ड फील्ड्स में लेजाएगी
डायरेक्टर प्रशांत नील की ‘केजीएफ 2’ सिनेमाघरों में 14 अप्रैल 2022 को रिलीज होनी थी। KGF पार्ट 1 में रॉकी (यश) की कहानी है, जो एक युवा अनाथ है और मुंबई में एक गैं-गस्टर बनने के लिए जीवन में बहुत कुछ करता है। यह फिल्म हमें कर्नाटक के KGF (कोलार गोल्ड फील्ड्स) में ले जाती हैं।
इस फिल्म, जिस युवा रॉकी की कहानी को दिखाया गया है, वह मुंबई में बढ़ता है और एक दमदार इंसान बन जाता है। फिर वह कोलार गोल्ड फील्ड्स (KGF) को अधिग्रहण करने के लिए कर्नाटक चला गया। केजीएफ 2 में दिखाई जा रही कोलार गोल्ड फील्ड असल में सच में है। इस लेख में हम आपको असली कोलार गोल्ड फील्ड (Kolar Gold Fields) की कहानी से अवगत करवाएंगे। उस वक़्त इसे सोना उगलने वाली खद्दान भी कहा जाता था।
#KGFChapter2 Huge Cutout at vijayAwada (Andhrapradesh) 🔥🔥
Rocky Mania already Started @TheNameIsYash #YashBOSS #KGF2 #KGF2OnApr14 pic.twitter.com/yuyNR4mDl2
— Telugu Yash Fans Clubᴷᴳᶠ²ᴬᴾᴿ¹⁴ (@YashTeluguFc) April 10, 2022
KGF का मतलब ‘कोलार गोल्ड फील्ड’ है। यह कर्नाटक राज्य के कोलार डिस्ट्रिक्ट में पढ़ने वाला एक खननक्षेत्र है। ब्रिटिश राज के समय में सोने के उत्पादन के लिए यह जगह को खूब जाना जाता था। पूरी दुनिया में फेमस थी। बेंगलुरु से 100 किलो दूर कोलार सोने के उत्पादन के लिए मशहूर रहा है। सन 1905 में दुनियाभर में सबसे ज्यादा सोना देने के मामले में भारत 6ठें स्थान पर था।
कोलार दुनिया की दूसरी सबसे गहरी खदान बताई गई है और यहां से 121 सालों तक सोने की खुदाई हुई थी। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ब्रिटिश राज के वक़्त कोलार से टोटल 900 टन से ज्यादा सोना निकाला गया था।
The ‘K.G.F: Chapter 2’ storm is only getting bigger with each passing day! As the release date of the magnum opus nears, the anticipation has been growing at unprecedented levels. #KGFChapter2 #KGF2 #KGF2onApr14 https://t.co/9aDE5NlnW9
— The Statesman (@TheStatesmanLtd) April 9, 2022
ब्रिटिश लोग कोलार को मिनी इंग्लैंड कहा करते थे। यहाँ पर उनके रहने के लिए कॉलोनी बसाई गई थी। 1903 में, ब्रिटिश सरकार ने केजीएफ और आसपास के गांवों में पानी की आपूर्ति के लिए बेटमंगला में एक झील बनवाई। ये कृत्रिम झील धीरे धीरे पिकनिक स्पॉट में बगल गई। यह आज भी है।
ज़रा सोचिये जापान के बाद KGF एशिया का दूसरा नगर है, जहां बिजली शुरू हुई थी। असल में खदान (Gold Mine) में सोने के उत्खनन के लिए बिजली ही जरुरत थी और बड़ी बड़ी मशीने बिजली से चलती थी। बता दें की KGF से 131 किलोमीटर दूर शिवनसमुद्र में एशिया का पहला हाइड्रो इलेक्ट्रिक पावर स्टेशन स्थापित किया गया था।
Both @mkstalin @KTRTRS may like to know that Asia's first hydro-electric project was set up in karnataka 1905. Power was evacuated from this power project to Kolar Gold Fields for running the Gold mines."The Status of power plant is operational even today" (117 years). pic.twitter.com/fkOrotN34E
— B G Subhash (@BGSubhash3) April 4, 2022
ऐसा सुनने में आया है की नरेंद्र मोदी की सरकार इस खदान को फिर से खोलने और शुरू करने पर विचार कर रही है। कहा जाता है कि आज भी कोलार की खदान में में काफी मात्रा में सोना है। उस वक़्त KGF में भारत गोल्ड माइंस लिमिटेड में हजारों लोग काम किया करते थे।
फिर साल 2001 में इस सरकारी कंपनी ने खुदाई बंद कर दी थी। असल में अधिकतर सोना तो अंग्रेज़ निकालकर ले गए हुए अब सोना कम होने और खुदाई में खर्चा अधिक होने के चलते इसे बंद कर दिया गया था। इतिहास में यह बात आई है की गुप्त वंस, चोल वंशों, टीपू सुल्तान और अंग्रेजों ने कई सालों तक कोलार के सोने को निकाला है।



