विदेश की नौकरी छोड़ भारत आए व्यक्ति ने शुरू की पपीते की खेती, फायेदा देख हैरानी में पड़ें किसान

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Papaya Farming Papita ki kheti
Ashraf Ali started Papaya Farming and earning well. He told that How to do Papaya Farming and cultivation. Papita ki kheti kaise kare.

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Hathua, Bihar: कहते हैं पैसा हमारे आसपास इतना पड़ा है, बस उसे देखने के लिए एक अलग नज़रिए की आवश्यकता है। जिसके पास इस तरह का नज़रिया होता है, वो इंसान मिट्टी से भी सोना उगाने की दम रखता है। अधिकतर लोगों से सुना है कि खेती-बाड़ी का काम करने वाले किसान उतनी रकम भी नहीं कमा पाते हैं, जितना किसी फसल को उगाने में उनकी लागत लगती है।

खेती में हर रोज़ किसानों द्वारा एक नयी टेक्निक पेश की जा रही है। ऐसे में हथुआ प्रखंड के लाइन बाजार निवासी असरफ अली (Asraf Ali from Hathua Bihar) इस बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं।

पपीते की खेती (Papaya Farming) ने इनकी जिंदगी बदलकर रख दी है और आज ये परिणाम है कि असरफ सालाना 10 लाख रुपए का मुनाफा कमा रहे हैं। मेहनत करने वालो की कभी हार नही होती, इसी बात को सच साबित कर दिखाया है, हथुआ प्रखण्ड के बाजार में रहने वाले असरफ आली ने।

विदेश से लौटकर शुरू किया काम

साल 2017 से पहले असरफ सऊदी अरब में रहते थे। 1992 में परिवार की स्थिति खराब होने कारण परिवार का पालन पोषण करने के लिए देश से बाहर चले गए थे, जहां वह किसी कंपनी में बतौर सुपरवाइजर काम करने लगे थे, जिसके लिए उन्हें हर महीने 80 से 90 हजार रुपए की सैलरी मिलने लगे थी। लेकिन उनका मन उस काम मे नही लग रहा था।

Success Story and Money
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उनको कुछ अधूरा सा महसूस हो रहा था। इसके लिए उन्होंने वर्ष 2017 में विदेश छोड़ वतन वापस आ गए। यहां आने के बाद वह अपने एक दोस्त से मिले तब उसने उन्हें पपीते की खेती (Papaya Cultivation) करने की सलाह दी। असरफ को भी यह विचार सही लगा। इस आईडिया को सफल बनाने के लिए उन्होंने आधा बीघा जमीन 8500 रुपए के हिसाब से लीज पर खेती के लिए ली और अपने काम का शुभारंभ कर दिया।

परिवार ने नही दिया साथ

विदेश की अच्छी नोकरी छोड़ कर वापस आकर खेती करने का विचार सुना, तो उनके दोस्त भी उनका मजाक बनाने लगे। उनको ताने देने लगे, लेकिन उन्होंने किसी की बात की परवाह नही की केवल आपने काम पर फोकस किया। Asraf Ali ने काम करने के जुनून को कम नही होने दिया। उसी जुनून से आगे बढ़ते चले गये। परिवार के लोग ने भी शुरू में उनका साथ नही दिया।

शुरुआत कैसे हुई

पहले वह बागवानी विभाग गए, वँहा से 500 पपीते के पेड़ लिए और आधा एकड़ जमीन में अपने काम का शुभारंभ कर दिया। वह पूरे जोश के साथ अपने काम को आगे बढ़ाने में लगे हुये थे। अपने मजबूत हौसलो और कड़ी मेहनत के दम पर आज लाखों रुपए की कमाई (Income in Lakhs) भी कर रहे हैं।

आज उनके काम को देख लोग उनसे प्रेरित हो रहे है। इसलिए कहा ये कहावत सच साबित होती है कि कोई भी काम छोड़ा बड़ा नही होता अगर उसे पूरी शिद्दत के साथ किया जाए, तो सफलता आपके कदम जरूर चूमती है। देखते ही देखते उनको एक पौधे से करीब 1 क्विंटल पपीता (Papaya) मिलना स्टार्ट हो गया था।

असरफ सऊदी में हर महीने 80 हजार रुपये कमाते थे। लेकिन उससे वो खुशी नही मिलती थी, जो अपने देश आकर अपने काम को शुरू करके मिली। अपने देश में वापस आने के बाद पपीते की खेती (Papita ki kheti) ने उन्हें जीने का एक नया रूप प्रदान कर दिया था। जो लोग उन्हें ताने देते रहे थे। आज वो उनसे प्रेरित हो रहे है।

पपीते की खेती से फायदा और रोजगार (Employment and profit from papaya cultivation)

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, असरफ का कहना है कि एक पेड़ से दोगुना फल मिलता है, जिससे उनकी आमदनी भी डबल हो गयी है। सबसे अच्छी बात यह है कि उन्होंने कई लोगों को रोजगार (Employment) दिया हैं, साथ ही दूसरे किसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बने हैं।

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