बिहार के इंजीनियर ने एक मोबाइल एप बनाकर कमाल किया, इससे 1000 लोगों को रोजगार मिल गया

0
21403
Nirmal Dev Frogwalk app
Engineer Nirmal Dev created Frogwalk app in Bihar and giving employment to others. Khagaria youth developed a useful Mobile App for workers.

Photo Credits: Nirmal Dev on Social Media

Patna: देश में युवाओ में बहुत प्रतिभा भरी पड़ी है। बिहार (Bihar) के युवाओ में भी बहुत प्रतिभा है और वे पूरे देश में अपनी पानी सेवा दे रहे हैं। पूरे देश में मज़दूर से लेकर इंजीनियर तक बिहारी युवा अपना लोग मनवा चुके है। आज हम एक ऐसे ही बिहारी इंजीनियर (Bihar Engineer) की बात कर रहे है। जिसने अपना इंजीनियर दिमाग चलाकर ना सिर्फ अपनी, बल्कि कई लोगो की जरुरत पूरी की है और आगे भी इस काम में बढ़ा रहे हैं।

दिल्ली में एक मल्टीनेशनल कंपनी में अच्छी खासी जॉब छोड़कर बिहार के खगड़िया (Khagaria) वापस आये एक इंजीनियर ने एक मोबाइल एप बनाकर कमाल कर दिया है। वे इस मोबाइल एप के ज़रिये यहां के लोगो को नौकरी और रोजगार देखने की कोशिश कर रहे है।

उनकी बनाई गई फ्रोगवॉक (Frogwalk) नाम की इस एप से लोग आसानी से अपने घर जरूरत के लिहाज़ से उस फील्ड के कामगारों को बुला सकते हैं। मतलब जिसको जैसी जरुरत है, वे उस काम को करने वाले कामगार को इस ऐप्प की मदत से बुला लेता है।

इनकी खासियत यह है की इस एप में डॉक्टर, होटल और अन्न सर्विस सहित कई अन्य जरुरत के प्रतिष्ठानों की भी जानकारी उपलब्ध है। बिहार के खगड़िया के रहने वाले निर्मल देव (Nirmal Dev) ने हैदराबाद में इलेक्ट्रॉनिक्स और टेली कम्युनिकेशन में बीटेक की पढाई की है। अब वे अपने क्षेत्र में आकर इस मोबाइल एप के जरिए लोगों को रोजगार दे रहे हैं।

उनकी बनाई फ्रोगवॉक एप (Frogwalk App) से हालिया समय में खगड़िया, बेगूसराय और मुंगेर जिले के लगभग 1000 कामगार जुड़ चुके हैं। अब उन्हें आसानी से काम भी मिलन लगा है। यह ऐप्प क्षेत्र के लोगो की कई माइनो में मदत कर रही है। जिसे जो काम है, वह आसानी से हो पा रहा है और जिसे काम चाहिए, उसे काम घर बैठे ही मिल जा रहा है। बस तय पते पर जाकर उसे अपना काम करना होता है।

निर्मल देव ने एक स्थानीय पत्रकार को बनाया की वे लॉकडाउन में जब खगड़िया वापस लौटे थे, तो उन्होंने यहां के छोटे कामगारों को काम ना मिलने की समस्या देखी और समझी। इसके बाद उन्होंने इन छोटे कामगारों के लिए फ्रोगवॉक नाम का एक एप तैयार किया। जिसे लोग गूगल प्ले स्टोर से बड़ी ही आसानी से डाउनलोड कर सकते हैं। इसे इस्तेमाल करना बहुत आसान है।

निर्मल ने आगे बताया कि छोटे कामगार जैसे पुताई वाला, प्लम्बर, इलेक्ट्रीशियन, कारपेंटर, रिपेयर सर्विस, हलवाई, मैकेनिक आदि को हर वक़्त काम नहीं मिलता है। आम लोगों को जब इनमे से कोई भी काम होता है, तो जानकारी के आभाव में उन्हें ये कामगार सही वक़्त पर नहीं मिलते है। ऐसे में उनकी यह समस्या समझ में आई और उन्होंने इसका समाधान निकला।

अब उनकी बनाई यह एप आम लोगों को घर बैठे इन कामगारों की जानकारी देने का काम कर रही है। इस एप में इन लोगों के कॉन्टेक्ट नंबर दिए गए हैं। अब लोग अपने घर से ही इन कामगारों को अपनी जरुरत के हिसाब से बुलाकर अपना काम करवा सकते है।

निर्मल देव को अपनी फ्रोगवॉक एप के लिए बिहार राज्य सरकार की ओर से बिहार चेंज मेकर अवार्ड 2022 भी मिल चुका है। उन्होंने बताया कि इस एप से मात्र 3 जिलों में 1000 से अधिक कामगार (Workers) जुड़े हैं। इस कामयाबी के बाद अब वे अपने इस एप को पूरे बिहार के लिए मुहैया करवाना छह रहे है। इससे पूरे बिहार के अनेक लोगो की जरुरत भी पूरी होगी और रोजगार (Employment) भी श्रजन होगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here