
Photo Credits: Umang Shridhar on Social Media
Bhopal: हर किसी को अपनी क्षेत्रीय बोली और संस्कृति और अपने शहर की पहचान के प्यार और उस पर गर्व होना चाहिए। हर क्षेत्र की एक खास पहचान होती है। उसे सही तरीके से बढ़ाया जाये, तो वह प्रसिद्धि विश्व विख्यात हो जाती है।
आज हम एक ऐसी ही बेटी की बात कर रहे हैं, जिन्हे खुद के बुंदेली होने पर बहुत गर्व है, खुद को गांव वाला होने पर गर्व है। आज उन्हें मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की हीरो (Hero) भी कहा जाया है। वे हजारों महिलाओं को रोजगार देकर उनकी स्थिति सुधारकर उन्हें आत्मनिर्भर बना रही हैं।
10 लाख लोगों को रोजगार देने का मिशन
इसके अलावा वे अपने इस काम के माध्यम से 10 लाख लोगों को रोजगार भी देना चाहती हैं। मध्यप्रदेश के में बुंदेलखंड एरिया से दमोह (Damoh) जिले के गांव किशनगंज से आने वाली 27 साल की उमंग श्रीधर (Umang Shreedhar) आज लाखों लोगो के लिए एक मिसाल बन गई है।
अभी के समय में भोपाल में रह रही उमंग श्रीधर उमंग खादीजी ब्रांड (KhadiJi) की फाउंडर हैं। पिछले साल जानी मानी बिजनेस मैगज़ीन Forbes की अंडर-30 अचीवर्स की लिस्ट में अपनी जगह बनाने वाली और देश के टॉप-50 सोशल Entrepreneurs की सूची में शुमार उमंग ने अपने काम की शुरुआत केवल 30 हज़ार रुपये से की थी।
@1315payalrajput @shridhar_suhani @Adi2046 @umang_shirdhar @DevyaniS22 @YKotgirwar Hey team! pic.twitter.com/NQoOoRcZEw
— KhaDigi (@DigitalKhadi) May 3, 2017
आज उनके क्लाइंट्स रिलायंस इंडस्ट्रीज और आदित्य बिड़ला ग्रुप जैसे बड़े समूह बन गए हैं। उनकी संस्था KhadiJi का सालाना टर्नओवर 60 लाख पहुँच गया है। इस छोटे से व्यवसाय को कम लागत से कई लाखों के मुनाफे पर पहुँचाने में बहुत मेहनत और लगन से सही दिखा में काम करना पड़ा।
एक हिंदी अख़बार की रिपोर्ट के मुताबिक, उमंग की कंपनी खादीजी (KhadiJi) को ‘खादी’ और ‘जी’ दोनों शब्दों को एक सकत जोड़कर बना। वे खादी और हैंडलूम फैब्रिक के व्यवसाय से जोङकर मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के बुनकरों को रोज़गार देने का अध्भुत काम कर रही है।
Madhya Pradesh-based KhaDigi also experiments with other natural fibres like organic cotton, and waste from bamboo and soybean.
Bhopal-based KhaDigi, founded by Umang Shridhar, is one such social enterprise.#thepopularbusinessman #khadi #khadisaree #khadicotton #khadiclothing pic.twitter.com/ihSA69sIsg— thepopularbusinessman (@thepopularbusi1) April 15, 2021
उमंग श्रीधर (Umang Shridhar) बताती है की खादी और हैंडलूम में क्या अंतर है। उनके मुताबिक़ जो कपड़ा चरखे पर बना होता है, वो खादी होता है और जो मिल के धागे से बना होता है, वो हैंडलूम होता है। उनकी खादीजी कंपनी विभिन्न इंडस्ट्रीज और कस्टमर्स को खादी सप्लाई कर रही हैं। उमंग की माता जी वंदना श्रीधर कभी जनपद अध्यक्ष रहीं हैं। उमंग को अपनी मां को देखकर उनके जैसा कोई बड़ा काम करने की लालसा थी।
Our speaker for the panel session @Umang_Shridhar is the founder of KhaDigi.
Join her as she explores the concept of limiting beliefs and how they shape women’s leadership & learn how to identify & conquer a limiting belief to continue to strive for the best version of yourself. pic.twitter.com/7RUYnHObCp— Wedu Global (@wedu_global) March 26, 2021
आपदा काल में लॉकडाउन के शुरुआत से अभी तक उनकी कंपनी लगभग 2 लाख मास्क बांट चुकी है, जिसके चलते करीब 50 महिलाओं को रोज़गार भी मिला। वे किशनगंज (Kishanganj) में सोलर चरखे पर खादी बनाने के काम में 200 महिलाओं को रोज़गार दे रही हैं। उमंग का कहना है की एक मीटर फैब्रिक को बनाने में 12 परिवारों को रोजगार मिलता है। आज उनके कारन कई लोगो के घर चल रहे है और उन्हें आमदनी हो रही है।



