
Surat: हाल ही के दिनों में यह देखने को मिला है की पूरे देश में सड़क, हाईवे और एक्सप्रेसवे बनने का काम चल रहा है। पूरे भारत के शहरो को एक दूसरे से जोड़ने का काम लगातार ज़ारी है। ऐसे में भारत की पहली स्टील फिनिश्ड रोड भी बन गई है। यह स्टील फिनिश्ड रोड गुजरात के सूरत (Surat) शहर में बनी है। इसका परीक्षण शहर के औद्योगिक क्षेत्र में किया गया है।
यह सड़क यह इस्पात मंत्रालय और नीति आयोग द्वारा निर्देशित सीएसआरआई द्वारा प्रायोजित है। इस स्टील रोड (Steel Road) के निर्माण में 100 प्रतिशत प्रोसेस स्टील एग्रीगेट और 100 प्रतिशत स्थानापन्न प्राकृतिक समुच्चय का इस्तेमाल किया गया है। यह पूरे देश में अभी एक मात्र स्टील सड़क है।
मीडिया रिपोर्ट्स बताती हैं की यहाँ से हर दिन 1,200 से अधिक भारी ट्रक गुजरते है, शहर के हजीरा औद्योगिक क्षेत्र में इस सड़क का परीक्षण किया गया है। आने वाले सालों में देश की सड़कों को मजबूत करने के लिए सरकार इसी तकनीक का फिरसे उपयोग करेगी। इस सड़क निर्माण में प्रोसेस्ड इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस स्टील का सक्सेस-फूली इस्तेमाल किया गया है।
सूरत की यह स्टील रोड 1.2 किमी लंबी, 6 लेन विभाजित कैरिजवे रोड है। इस सड़क के निर्माण में 100 प्रतिशत प्रोसेस स्टील एग्रीगेट और 100 प्रतिशत सब्स्टीट्यूट नेचुरल एग्रीगेट का उपयोग हुआ है। हमारा देश हर साल करीब 90 मिलियन टन स्टील स्लैग उत्पन्न करता है और इसके बेहतर कंज्यूम के लिए स्टील उद्योग ही विकल्प है।
Steal Production in India is increasing day by day. Now We will see steel roads in future. pic.twitter.com/57VUwBg9DH
— sanatanpath (@sanatanpath) March 17, 2022
रिपोर्ट्स बताती है की भारत सरकार की राष्ट्रीय इस्पात नीति के मुताबिक़ साल 2030 तक स्टील उत्पादन 30 करोड़ टन होने की संभावना है। अगर इतनी बड़ी मात्रा में स्टील का उत्पादन होता है, तो भारत में 45 मिलियन टन स्टील स्लैक उत्पन्न होगा और इस भारी मात्रा में स्लैक का उपयोग करना एक मुश्किलभरा कार्य होगा।
ये भारत में सूरत सहर में स्टील रोड तयार किया है pic.twitter.com/ozylJsm0A8
— Naresh Panchal🇮🇳 (@NareshP70734797) March 16, 2022
ऐसे में यदि सड़क निर्माण में स्टील स्लैग (Steel Slag) का इस्तेमाल किया जाये, तो इस स्लैग का पूरा उपयोग किया जा सकता है। ऐसे में सड़क निर्माण के लिए नेचर एग्रीगेट की आवश्यकता कम होगी और देश की जनता को अच्छी क्वालिटी वाली सड़कों पर गाड़ी चलने का मौका भी मिलेगा। यह परियोजना भारत सरकार के अपशिष्ट से धन और स्वच्छ भारत अभियान का हिस्सा है।
સુરતમાં ઔદ્યોગિક વિસ્તારમાં ભારતનો પ્રથમ સ્ટીલ રોડ તૈયાર કરાયો : એક વર્ષ સુધી પરીક્ષણ કરાયું હતું pic.twitter.com/JN2D2w7kul
— Gujarat Samachar (@gujratsamachar) March 12, 2022
आपको बता दें की इस 90 प्रतिशत मोटाई वाली सड़क में किसी भी प्रकार की कमी नहीं देखी गई है। सूरत में तैयार की गई सड़क की मोटाई 30 फीसदी कम हो गई है। ऐसा होना इसकी मजबूत होने और क्वालिटी उम्दा होने की बात दर्शाता है। बीते एक साल में कई भारी वाहन गुजरने के बाद भी यह यह सड़क मजबूत है और इसमें कोई खराबी नहीं आई है। अतः यह प्रयोग सफल होता देख रहा है।



