कम लागत से छोटी दुकान शुरू की, फिर सॉलिड बिज़नेस आईडिया से बड़ा व्यवसाय फैला दिया

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Giani Ice Cream Story
Success story of Delhi famous Giani Ice Cream store. How ‎Giani Gurcharan Singh Ji made Giani Ice Cream most popular ice-cream in Delhi.

File Photo Credits: Social Media

Delhi: एक अच्छा व्यवसाय शुरू करने और उसे फूलने फैलने के लिए शानदार बिज़नेस आईडिया और सही मेहनत की जरुरत होती है। किसी बड़े बिज़नेस को करने के लिए हमेशा बहुत ज्यादा रकम या लागत की जरुरत नहीं होती है। काम लागत लगाकर भी आप अच्छा व्यसाये जमा सकते हैं।

हम आपको ऐसे ही एक शख्स और उनके व्यसाये के बारे में बता रहे हैं। यहाँ जिस शख्स की बात हो रही है, उन्हें पता था की अच्छा खाना और सॉलिड भोजन की थाली बिना मिठाई (Mithai) के अधूरा सी लगती है। उन्होंने इसी मिठाई में एक शानदार बिज़नेस आइडिया (Business Idea) खोज लिया। उसे एक छोटी सी मिठाई की दुकान खोलकर शुरू किया।

ज्ञानी गुर चरण सिंह (‎Giani Gurcharan Singh Ji) की यह मिठाई की दूकान भी बड़ी मुश्किलों के बाद खुली थी। भारत-पाक के बटवारे के बाद वे एक रिफ्यूजी थे, जो पाकिस्तान के लायलपुर से आकर दिल्ली में शरण लिए हुए थे। फिर उन्होंने अपनी सोच और मेहनत से सफलता की कहानी गढ़ दी। जो लगभग 70 सालों से दिल्ली में मिठास का स्वाद चखा रहे हैं।

दिल्ली के सूत्र बताते हैं की ज्ञानी जी ने साल 1956 में चाँदनी चौक में एक छोटी सी मिठाई दुकान (Sweet Shop) से अपना व्यापार शुरू किया था। आरम्भ में तो वे सिर्फ रबड़ी-फालूदा (Rabri faluda) ही बेचाते थे। मतलब बस एक ही प्रकार की मिठाई के सेलर थे। यह दुकान कुछ ही समय में बहुत फेमस हो गई।

उस वक़्त दिल्ली के पुराने बाज़ार में जो भी लोग जिस भी कारण से आते, वे उनकी रबड़ी-फालूदा खाकर ही जाते थे। उनका नाम और व्यवसाय अच्छा चला तो उन्होंने मिठाई के प्रकार बढ़ने के बारे में विचार किया। उसमें मिल्कशेक, हलवा,और आइसक्रीम को शामिल किया और उनकी दूकान एक सबकी पसंदीदा मिठाई दुक़ान बन गई।

उनके दुक़ान की क्रीमी आइसक्रीम (Creamy Ice-Cream) सभी को बहुत पसंद आई, वह बहुत सस्ती और स्वादिष्ट थी। उनके मैन कस्टमर मिडिल क्लास परिवार के लोग बने। फिर साल 1962 में उन्होंने अपनी पहली मशीन खरीदी, जो की सेकंड-हैण्ड मशीन थी। केवल 12,000 रुपये खर्च करके उसे खरीदा गया था, जो उनके लिए एक बहुत बड़ा निवेश था।

भारतीय जब तेज़ी से विकास की पटरी पर दौड़ा, तो उसी लहर ज्ञानी जी का भी बिज़नेस दौड़ पड़ा। जब विदेशी स्टाइल के शॉपिंग मॉल का चलन भारत में शुरू हुआ, तब उन्होंने नए ग्राहकों तक पहुँचने के लिए नया कदम उठाया। उन्होंने बस्किन रोब्बिन्स की तर्ज पर ज्ञानीज आइसक्रीम स्टोर्स (Giani’s Ice Cream Store) की शुरुआत की।

उन्होंने ग्राहकों को कुछ नया स्वाद देने के लिए इम्पोर्टेड मशीन इटली से बुलवाई, लेकिन दूध अपने पुराने किसान मित्रों से ही लिया। उस वक़्त देश में मंडी छाई थी, लेकिन ज्ञानी जी (Giani Ji) ने अपने सॉलिड बिज़नेस आईडिया से इस वक़्त भी सफलता पाई। मंडी के चलते इस समय किराया बहुत कम हो गया था, तो ऐसे में दिल्ली के पॉश एरिया में अपना ब्रांड (Giani Ice Cream) चमकाने का मौका बनाया।

उनका ब्रांड पूरी दिल्ली में फेमस हो रहा था। अब गुरप्रीत जो इंग्लैंड के यूनिवर्सिटी ऑफ़ लीड्स से MBA करके दिल्ली में अपना फैमिली बिज़नेस संभल रहे हैं। अपने पिता से गुरप्रीत ने बिज़नेस के बहुत से गुर सीखे हैं। उन्होंने इसमें बहुत सारे चेंज किये हैं। अधिक लोगो तक पहुँचने के लिए फ्रेंचाइजी भी देना शुरू किया है।

अब वह 38 तरह के टेस्ट वाली आइसक्रीम, फलों के शेक और मिठाइयों के लिए जाने जाते है। वे अब आइसक्रीम के थोक विक्रेता भी हैं। वक़्त के साथ और डिमांड के मुताबिक़ वे चेंज लाते रहे हैं, यही वजह है की कस्टमर्स उनके उत्पादों और मिठाइयों से बंधे हुए हैं। देश की राजधानी दिल्ली में यह एक बड़ा ब्रांड है। अब उनका टर्नओवर कई करोड़ में हो रहा है। ज्ञानी जी के ब्रांड (Ice Cream Brand) को अब उन्हें पुत्र और निखार रहे हैं।

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