श्रीधर को Google ने 3.30 करोड़ की नौकरी दी, हिंदी मीडियम से पढ़ने वाले लड़के की किस्मत खुली

0
52107
Sridhar Chandan joined Google
Ajmer's son Sridhar Chandan joined Google as Senior Group Engineer in America. Google has given 3.30 Crore ru Salary Package.

Ajmer: जब भी किसी स्टूडेंट को अपनी मन्जिन मिलती है, तो उसके सपने तो साकार होते ही हैं, साथ ही साथ उसके परिवार वालों को सबसे ज्यादा ख़ुशी होती हैं। हर मेहनत करने वाला विद्यार्थी चाहता हैं की उसे उनकी सपनो की नौकरी मिल जाये। ऐसा ही अजमेर (Ajmer) के श्रीधर चंदन (Sridhar Chandan) के साथ हुआ हैं।

इसके पीछे किस्मत नहीं, बल्कि लगन और कड़ी मेहनत हैं। श्रीधर को दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनी गूगल में पैकेज 3.30 करोड़ के सालाना का जइब मिला है। उन्हें सीनियर ग्रुप इंजीनियर पद (Senior Group Engineer at Google) पर पोस्टिंग हासिल हुई है। अभी वे अमेरिका के न्यूयार्क की एक कंपनी में इंजीनियर के तौर पर काम कर रहे हैं।

Success Story and Money
Success Presentation Image

श्रीधर ने अजमेर के सेन्ट पॉल स्कूल से अपनी पढ़ाई शुरु की थी। स्कूल में वे बहुत होशियार स्टूडेंट रहे। इसके बाद महाराष्ट्र के पुणे से कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग की डिग्री पूरी की। उनकी फॅमिली वालों का कहना हैं की श्रीधर बचपन से ही अपनी पढ़ाई के प्रति बहुत गंभीर थे। आपको बता दें की श्रीधर की शुरुआती पढ़ाई हिंदी मीडियम से हुई थी। 12वीं पास करने के बाद उनका चयन AIEEE में हुआ।

अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद श्रीधर ने हैदराबाद में इंफोसिस कंपनी ने जॉब पाई। परंति उन्हें और अच्छा करना था, तो वे जॉब के साथ आगे भी पढ़ाई रहे। उन्होंने अपनी जॉब से कुछ पैसे बचाके 2012 में अमेरिका की वर्जीनिया टेक यूनिवर्सिटी से मास्टर की डिग्री भी पूरी कर ली।

फिर उन्होंने अमेरिका की ही एक कंपनी में जॉब करना शुरू कर दी। इससे भी उन्हें संतुष्टि नहीं मिली, तो 2021 में कुछ समय जॉब से ब्रेक लेकर पढ़ाई कि और अधिक योग्यता हासिल करके अब गूगल (Google) में उनका चयन हो गया है।

श्रीधर की माता जी का कहना है कि उनका बेटा गूगल में सीनियर ग्रुप इंजीनियर की पोस्ट पर चयनित हुआ है, इस बात की बहुत खुशी है। उनके पेरेंट्स का कहना है कि उनका बेटा पढाई के लिए इतना गंभीर था की चाय और खाना टाइम पर मिलता तो नाराज हो जाता था। छुट्टी के दिन भी सुबह जल्दी उठकर पढ़ते थे। आज उनकी सफलता के पीछे उनका पढाई के प्रति डेडिकेशन हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here