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Delhi: भारत सरकार इस दुनिया को एक ऐसी चीज़ सप्लाई करने की तरफ देख रही है, जिसकी जरुरत इस वक़्त पूरी दुनिया को है और यह मंद अभी पूरी नहीं हो पा रही है। इस चीज़ का नाम है सेमीकंडक्टर (Semiconductor) या चिप (Digital Chip)। इसके लिए कई सेक्टर में PLI योजना के अंतर्गत सरकार निवेश कर रही है और प्राइवेट कंपनियों को विनिर्माण इकाइयां स्थापित करने हेतु बढ़ावा दे रही है।
इसी कड़ी में भारत सरकार ने पिछले सप्ताह सेमीकंडक्टर के निर्माण (Semiconductor Production) के लिए भी PLI योजना की घोषणा की थी। इसका रिजल्ट यह हुआ की भारत की दिग्गज कंपनी वेदांता समूह (Vedanta Group) ने सेमीकंडक्टर के निर्माण के लिए इन्वेस्ट करने का फैसला लिया है।
पिछले दिनों भारत सरकार ने घोषणा की थी और कहा था कि भारत में सेमीकंडक्टर के निर्माण को बढ़ावा देने के लिए PLI योजना के अनुसार 76,000 करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा। यह इन्वेस्ट आने वाले 5-6 सालों में देखने को मिलेगा। सरकार की योजना सेमीकंडक्टर के उत्पादन के लिए आवश्यक फ्रेमवर्क के निर्माण करने की है।
देश की मोदी सरकार को उम्मीद है कि भारत अगले 2-3 सालों में ही अपने यहां सेमीकंडक्टर का उत्पादन चालू कर देगा। वेदांता समूह ने सरकार की इस घोषणा के बाद सेमीकंडक्टर के निर्माण के लिए 60,000 करोड़ रुपए निवेश करने की घोषणा की है।
इस वक़्त पूरी दुनिया इन सेमीकंडक्टर और डिजिटल चिप्स की कमी से जूझ रही है। ऐसे में भारत सरकार की नज़र इस भविष्य को देख रहगी है। वेदांता समूह सेमीकंडक्टर की तकनीक के विकास और इक्विटी के ज़रिये धन जुटाने के मकसद से ज्वाइंट वेंचर तैयार करने की योजना पर भी कार्य कर रहा है। इसके लिए सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री (Semiconductor Industry) से जुड़ी विश्व की बड़ी कंपनियों से संपर्क स्थापित किया जा रहा है।
आपको बता दें की भारत में सेमीकंडक्टर के निर्माण को बढ़ावा देने के लिए वेदांता समूह दूसरी बार कोशिश कर रहा है। इससे पहले वर्ष 2017 में वेदांता समूह ने Carlyle समूह से AvanStrate नामक जापानी कंपनी को खरीद लिया था। यह कंपनी सेमीकंडक्टर निर्माण के लिए जरुरी ग्लास सब्सट्रेट बनाती है। तब से ही वेदांता समूह भी इस व्यवसाय में आने की प्लानिंग कर रहा है।
Vedanta Plans To Invest Up To Rs. 60,000 Crore For Setting Up Semiconductor Chip Manufacturing Plant In India.#Vedanta #SemiconductorChip #ManufacturingPlant #IndiaRealtors #surat #Investor #InvestInIndia #smartcity #indianinvestors #investment pic.twitter.com/Ktxysmn0do
— Hemal Bhatt (@India_Realtors) December 27, 2021
AvanStrate के प्रबंध निदेशक आकर्ष हेब्बार ने टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में बताया था की “हम एक कारखाना स्थापित करने के लिए विभिन्न राज्य सरकारों के साथ बातचीत के लास्ट लेवल में हैं, जिसके लिए 250 एकड़ से 400 एकड़ की भूमि की आवश्यकता होगी। परियोजना में कुल निवेश दो चरण, पहले 6 बिलियन डॉलर (45,000 करोड़ रुपये) और फिर 8 बिलियन डॉलर (60,000 करोड़ रुपये) में होगा, जिसके बाद हम विस्तार के लिए बाजार का और मूल्यांकन करेंगे।” यह खबर बहुत कुछ बयां कर देती है।
इस रिपोर्ट में बताया गया की AvanStrate गुजरात, कर्नाटक, तमिलनाडु, हरियाणा, महाराष्ट्र और तेलंगाना की राज्य सरकारों से बातचीत कर रही है, जिससे केंद्र सरकार से मिलने वाली सहायता के अलावा कुल निवेश का 10 से 15 प्रतिशत PLI योजना के तहत राज्य सरकारों द्वारा प्राप्त किया जा सके।
Vedanta Group will enter in semiconductors manufacturing business in India. Now India don’t need depend on China or Taiwan for Semiconductors.#Vedanta #stock #StockMarketindia #NSE #BSE #equity pic.twitter.com/eacc6Vathd
— EQUITY JUNCTION (@EquityJunction) December 26, 2021
इसके पहले सेमीकंडक्टर के उत्पादन की राह में रतन टाटा का टाटा समूह (Tata Group) खड़ा हो चुका है। कुछ समय पहले ही खबर आई थी की अब टाटा समूह आउटसोर्स सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्टिंग संयंत्र (Semiconductor Assembly and Test Unit OST) में लगभग 30 करोड़ डॉलर (300 Million Dollars) इन्वेस्ट करने जा रहा है।
बता दें की पूरी दुनिया आपदा का संकट आने के बाद से ही में ऑनलाइन माध्यम से कार्य करने का दौर आ गया है। डिजिटल काम (Online Digital Work) जितनी तेजी से आगे बढ़ रहा है, वैश्विक बाजार में सेमीकंडक्टर और चिप्स की मांग भी उतनी तेजी से सामने आ रही है। अब भविष्य में तो इलेक्ट्रिक कार (Electric Car) का ज़माना आने वाला है। ऐसे में यह सेमीकंडक्टर बहुत अहम् हो जायेंगे।
#Vedanta group will be investing Rs 60000 crore in semiconductors just days after the government announced a mega incentive package to bring in semi-conductor investments in the country.
Vedanta group clearly aims at taking first mover advantage.#crypto #money #finance #stocks pic.twitter.com/5uN5gqwpoY
— Negotium (@teamnegotium) December 24, 2021
असल में मोबाइल फोन से लेकर टेबलेट, लैपटॉप तक हर इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस सेमीकंडक्टर के कारण ही कार्य करती है। हालिया समय में ताइवान ही बड़ा सेमीकंडक्टर उत्पादक देश बना हुआ है। ऐसे में अकेले ताइवान पूरी दुनिया में सेमीकंडक्टर की डिमांड को पूरा नहीं कर सकता। ऐसे में यह भारत के लिए सुनहरा अवसर है।



