
Roorkee: किसी भी देश में सेना को ज्वाइन करना एक बहुत ही सम्मान की बात होती है। ऐसे में अपने दश भारत में भी बहुत से स्टूडेंट और अभ्यर्थी सेना, वायु सेना और जल सेना में जाने के सपने देखते है। हालाँकि यहाँ जाने और भर्ती होने के कुछ मापदंड होते हैं, जिन्हे पूरा करना सभी के बस की बात नहीं होती। कुछ लोग बहुत ही कम उम्र में अपने सपनो को पूरा कर लेते हैं। इसके लिए उन्हें बहुत मेहनत भी करनी पढ़ती है। आज हम एक ऐसे ही नौजवान की बात करेंगे।
उस नाज़वान के पिता भी सेना में रहे और फिर जब बेटा देश सेवा के लिए एक बड़ी पोस्ट पर चयनित होता है, तो वह पल बहुत ही खुशनुमा बन जाता है। ऐसे ही एक बेटे ने अपने पिता और परिवार का देश सेवा का काम आगे बढ़ाया और कम उम्र में बड़ा मुकाम हासिल कर लिया।
भारतीय सेना में सूबेदार के पद पर तैनात रहे पिता का बेटा अब भारतीय वायु सेना में फाइटर प्लेन उड़ाने जा रहा है। उत्तराखंड के रूड़की में रहने वाले प्रदीप सिंह (Pradeep Singh) का सिलेक्शन वायु सेना (Indian Air Force) में फ्लाइंग पायलट (Flying Pilot) के पद पर हुआ है। बता दें की प्रदीप 84 उत्तराखंड वाहिनी NCC रुड़की के कैडेट भी रहे हैं।
प्रदीप का परिवार रुड़की के न्यू अशोक नगर कॉलोनी में निवास करता है। केवल 22 साल के प्रदीप का शुरू से ही सपना रहा की वे सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करें। इसकी तैयारी के लिए उन्होंने एनसीसी (NCC) भी ज्वाइन की और अब वह भारतीय वायुसेना (IAF) में चयनित कर लिए गए हैं।
प्रदीप की इस कामयाबी से उनके पिता सूबेदार महिपाल सिंह (Subedar Mahipal Singh) बहुत खुश हैं। बेटे ने उनके सपने को सच कर दिखाया। पिता महिपाल सिंह 12 गढ़वाल राइफल से सूबेदार की पोस्ट से रिटायर्ड है। प्रदीप को अपने पिता से ही सेना के जाने की सीख मिली। वे पिता को हमेशा सेना की वर्दी में देखते हुए सेवा में जाने का सपना देखा करते थे। फिर उन्हें वायु सेना में जाने की ललक आ गई।
अपने इस लक्ष्य को साकार करने के लिए प्रदीप ने बहुत मेहनत की और अंततः अपने लक्ष्य को हासिल करने में सफल रहे। प्रदीप की इस कामयाबी पर परिवार के साथ साथ रिस्तेदार और आप पास के लोग भी बहुत प्रसन्न है। प्रदीप सिंह ने साल 2017 में केएलडीएवी पीजी कॉलेज रुड़की में एनसीसी ज्वाइन की थी। साल 2018 में प्रदीप को नई दिल्ली में ऑल इंडिया थल सैनिक कैंप में भाग भी लिया था। अब प्रदीप सिंह वायु सेना में उड़ान भरेंगे।





