
Shimla: आज हम आपको ऐसी सब्जी के बारे में बताने जा रहे है, जो काफी महँगी होती है, उसके बाद भी इसकी काफी डिमांड बनी रहती है। आपने गुच्छी मशरूम (Gucchi Mushroom) के बारे में सुना होगा। यह बहुत महंगा मिलता है। अंतराष्ट्रीय मार्किट में तो यह 80 हज़ार किलो तक बेचा जाता है। इसकी सब्ज़ी भी बड़ी होटलों में एक प्लेट कई हज़ारों की मिलती है।
गुच्छी मशरूम (Gucchi Mushroom) के बहुत जाएदे भी है। यह एक प्रकार का स्पंज मशरूम होता है। यह हिमालय की पहाड़ियों में ही उगता है। इसमें बहुत अघिक मात्रा में औषधीय गुण होते है। गुच्छी मशरूम का औषधीय नाम मार्कुला एक्सक्यूपलेटा है।
स्पंज मशरूम की है बहुत डिमांड
इसे स्पंज मशरूम अधिकतर जगह कहा जाता है। हिमाचल में लोकल भाषा में इसे छतरी, टटमोर या डूघरो के नाम से जाना जाता है। हिमाचल प्रदेश के चंबा, कुल्लू, शिमला, मनाली और अन्न दूर दराज़ के इलाकों के जंगलों में पाई जाती हैं।
खास बात यह है की गुच्छी मशरूम औषधीय गुणों से युक्त होती है। इसके पौष्टिक तत्वों में 32.7 पीसदी प्रोटीन, 2 पीसदी फैट, 17.6 पीसदी फाइबर और 38 पीसदी कार्बोहाइड्रेट होता है। इसमें आयरन की अधिक मात्रा, विटामिन डी, विटामिन बी और कई तरह के मिनरल्स पाये जाते हैं। यह मशरूम कई बीमारियों के इलाज़ में भी कारगर होता है।
औषधीय गुणों से भरपूर गुच्छी मशरूम
लोकल जानकार लोग बताते हैं कि, औषधीय गुणों से भरपूर गुच्छी मशरूम (Gucchi Mushroom Vegetable) के नियमित सेवन से हृदय रोग नहीं होता है। अगर कोई दिल का मरीज़ है, तो गुच्छी मशरूम खाने से उसे लाभ होता है। गुच्छी मशरूम के सेवन से कई गंभीर बीमारियां दूर होती हैं। इसका इस्तेमाल कई प्रकार की दवा बनाने में भी किया जाता है। इसका पाउडर भी बनाया जाता है।
गुच्छी मशरूम की खेती तो आप देश में कहीं और नहीं कर सकते है। यह हिमालय (Himachal Pradesh) से लगे क्षेत्रों में खुद ही उग जाता है। यह फरवरी से अप्रैल के महीने में प्राकृतिक रूप से पैदा होने वाली सब्जी है। अधिकतर यह हिमालय क्षेत्र की दूर दराज़ की पहाड़ियों के बीच में पैदा होता है।
Look who Is back & that too second year in a row#Gucci ( exotic wild morel mushroom) in our garden at #Pahalgam pic.twitter.com/dk9cAu4tQH
— Asif Iqbal Burza (@aiburza) April 23, 2020
पहाड़ी इलाके के जानकार गाँव वाले यह जानते हैं की इसे कहा जाकर प्राप्त करना है। कम पैदावार होने के चलते ग्रामीणों को इसके अच्छे दाम मिलते हैं। अधिकतर इसकी डिमांड कई बीमारियों की दवाइयों के लिए आती है। यह मशरुम (Wild Mushroom) हमेशा आसानी से हासिल नहीं होता है और जंगलों में इसको खोजना भी काफी मुश्किल होता है। पहाड़ी लोग इसे खोजने के लिए अलग अलग जुगत लगते हैं।
इसे खोजने में बड़ी मेहनत लगती है
हिमाचल में शिमला के करीब सभी जंगलों में गुच्छी फरवरी से मई महीने के बीच पाया जाता है। हिमाचल के दूर दराज़ के गांव वाले इसकी खोज में पहाड़ के जंगलों में जाते हैं। यह गुच्छी मशरुम पत्थरों के बीच झाड़ियों और घनी घास में अपने आप उगता है। इसे खोजने में बड़ी मेहनत करनी पढ़ जाती है। ऐसे में गाँव के कुछ लोग अच्छा मुनाफे पाने की लालचा से इस सीजन का बेसब्री से इंतजार करते हैं। वे सुबह से ही गुच्छी मशरुम को खोजने के लिए निकल जाते हैं।
Gucchi (Morel Mushroom) one of the most expensive mushroom..کھچی pic.twitter.com/ts8vJVaFS6
— zahir Majeed (@thezahii) April 21, 2021
गुच्छी के बारे में कई कहानियां फेमस है। स्थानीय लोगों का मानना है कि ये सब्ज़ी प्राकृतिक तरीके से बिजली की गड़गड़हाट, जंगल की आग और बर्फ़ की वजह से उगती है। ऐसा भी कहा जाता है कि जो जंगल आग की वजह से बर्बाद हो जाते हैं, वहां ये गुच्छी सब्ज़ी और अच्छे से उगती है।
This #Gucci is made in Heaven!
Rare Wild Morel Mushroom found in the forests of #Jammu & #Kashmir pic.twitter.com/rf9WRhcEdk
— Asif Iqbal Burza (@aiburza) November 23, 2019
ये सब्ज़ी हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू कश्मीर (Jammu Kashmir) के बर्फ़ीले इलाकों में पाई जाती है। गुच्छी की खेती संभव नहीं है और इसे जंगलों में जाकर ही ढूंढ कर लाना पड़ता है। गुच्छी को इकट्ठा करने के बाद आग पर पकाया जाता है। सूखी गुच्छी का वज़न और कम हो जाता है।
ऐसे करते हैं गुच्छी का व्यापर
कुछ लोग गुच्छी मशरुम का व्यापार (Gucchi Mushroom Business) करने के लिए कश्मीर और हिमाचल के गरीब गांव वालों को नौकरी पर रखते हैं। यह लोग दिन की पेमेंट के बदले जंगल में जाकर गुच्छी खोजते हैं और अपने मालिक को बेच देते हैं। व्यापरी इसे बाज़ार में या विदेशो में भारी कीमत में बेचते है। यह भी एक बड़ा बिजनेस बन गया है।
Kanagaech, morel mushroom or GUCCI, are found mostly in the wild areas of Baramulla and Kupwara.
Its scientific name is Morchella esculenta. This mushroom is a rare sight mostly exported and taken for medicinal properties. The precious mushroom are expensive as a gram of gold. pic.twitter.com/hkYuqksfTh— Jammu & Kashmir Tourism (@JandKTourism) March 24, 2020
गुच्छी मशरूम दुनिया का सबसे महंगा मशरूम (Costly Mushroom) और देश की सबसे महंगी सब्जियों में शुमार है। गुच्छी मशरूम 30,000 रुपये प्रति किलो की कीमत से शुरू होता है। फिर मशरुम के क्वालिटी और साइज के आधार पर इसके दाम भी पढ़ते जाते है। सुना है की यह 70-80 हज़ार पैर किलो तक भी बेचा जाता है। गुच्छी की मांग भारत के अलावा विदेशों में भी बहुत है। ब्रिटैन, अमेरिकी, फ्रांस, इटली और स्विट्जरलैंड के लोग गुच्छी मशरूम को बहुत ज्यादा पसंद करते हैं। इसे ऑनलाइन भी बेचा जाता है।



