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Delhi: भारत की बेटियाँ (Indian Daughter) हर क्षेत्र में आगे हैं और देश दुनिया में भारत का सम्मान बढ़ा रही है। हमारे देश की बेटियां पूरी दुनिया में कई उच्च पदों पर आसीन है और हॉलीवुड में भी जलवे बिखेर रही है। भारत के हरियाणा से निकलकर कल्पना चावला ने भी नासा के ज़रिये अंतरिक्ष की उड़ान भरी थी और भारत को ख्याति दिलवाई थी। अब एक और बेटी ने भारत का नाम रोशन किया है।
आंध्र-प्रदेश में पश्चिम गोदावरी के पलाकोल्लू (West Godavari, Andra Pradesh) की 19 वर्षीया जाह्नवी डांगेती (Jahnavi Dangeti) बचपन से ही अंतरिक्ष, ग्रहों और तारों के बड़े में जानने को उत्सुक रहती थी। अब वे इंजीनियरिंग में सेकंड ईयर की छात्रा हैं और हाल ही में उन्होंने अमेरिका के अलबामा में नासा लॉन्च ऑपरेशंस (NASA International Air and Space Program) के कैनेडी स्पेस सेंटर में अंतर्राष्ट्रीय वायु और अंतरिक्ष कार्यक्रम (IASP) को पूरा किया है।
यह अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है और ऐसा करने वाली अब तक वह एकमात्र भारतीय हैं। जाह्नवी डांगेती का कहना है कि वह मंगल ग्रह पर कदम रखने वाले पहले भारतीयों में से एक होने का सपना देखती हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि IASP इस प्रोग्राम (NASA Program) के लिए दुनिया भर से केवल 20 युवाओं का चयन (20 students from all around the world) करता है। जिनमें से इस बार एक जाह्नवी (Jahnavi) भी थीं।
इस कार्यक्रम को जाह्नवी ने सफलता पूर्वक पूरा किया
पूरी दुनिया के लिए महत्ववपूर्ण इस कार्यक्रम को जाह्नवी ने सफलता पूर्वक पूरा किया है। उनके अनुसार, इसमें जीरो ग्रेविटी, मल्टी-एक्सेस ट्रेनिंग और अंडरवाटर रॉकेट लॉन्च जैसी गतिविधियां शामिल थीं। भारत की इस बेटी ने पहली बार एक विमान को भी चलाया और आसमान की उड़ान भरी है।
Reaching for the stars, literally, Andhra Pradesh's daughter,Jahnavi Dangeti has been making India proud through her achievements, which includes becoming the first Indian to be a part of NASA's International Air and Space Program.
Wishing her all the best for the future! pic.twitter.com/GPf4T8H7ck— Vijayasai Reddy V (@VSReddy_MP) December 23, 2021
अपनी ट्रेनिंग कार्यक्रम के दौरान, उन्हें ‘टीम कैनेडी’ के लिए मिशन निदेशक के रूप में नियुक्त किया गया था। यहाँ पर उन्होंने कई देशों के 16 लोगों के समूह का की टीम को लीड किया। उनकी टीम ने सफलतापूर्वक एक छोटे रॉकेट को आसमान में लॉन्च किया और फिर सही तरीके से लैंड भी करवा दिया। उनकी टीम सफल रही।
जाह्नवी की उपलब्धियां बड़ी है
मीडिया रिपोर्ट्स बताती है की जाह्नवी एक स्टार्टअप अंतरिक्ष यात्री प्रशिक्षण केंद्र स्पेस मैजिका की उपाध्यक्ष हैं। वे एक भारतीय निजी एयरोस्पेस कंपनी स्टार (स्पेस टेक्नोलॉजी और एरोनॉटिकल रॉकेट्री) सहित कई संगठनों के लिए कैंपस एंबेसडर भी रही हैं। जाह्नवी इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन ऑफ एस्पायरिंग एस्ट्रोनॉट्स (IOAA) की सदस्य के रूप में भी एक्टिव हैं।
Congrats to Jahnavi Dangeti, who hails from West Godavari District, AP, India on behind chosen to the prestigious Air & Space Program of @NASA #NASA – wishing her the best in her future endeavours. @isro @AndhraPradeshCM @NASAKennedy pic.twitter.com/2fwARBt5rW
— S. Rajiv Krishna (@RajivKrishnaS) December 24, 2021
अभी के समय में जाह्नवी पंजाब (Panjab) के एक निजी विश्वविद्यालय से इंजीनियरिंग (Engineering Student) की पढ़ाई कर रही हैं और सेकंड ईयर में हैं। उन्होंने नासा, इसरो और अन्य अंतरिक्ष एजेंसियों के कई कार्यक्रमों और कार्यशालाओं में हिस्सा लिया है। इस सबके अलावा उनका नाम इंडियन बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी दर्ज है।
A proud moment for #AndhraPradesh & India! Jahnavi Dangeti from West Godavari, AP becomes the 1st Indian to complete the International Air & Space Program at @NASA. An #aerospace enthusiast, she aims to be 1st Indian to set foot on #Mars. @AndhraPradeshCM pic.twitter.com/zdVQDFjdlt
— ArjunGanji (@ArjunGanj) December 29, 2021
उन्हें एक मैक्सिकन कंपनी से IASP कार्यक्रम के लिए छात्रवृत्ति भी हासिल हुई है। एस्ट्रोनॉट बनने के लिए उन्होंने विशाखापत्तनम सहित विभिन्न स्थानों पर खुले पानी में स्कूबा डाइविंग की ट्रेनिंग ली है। ऐसे में वे एक स्कूबा स्कूल इंटरनेशनल-प्रमाणित ओपन वाटर स्कूबा डाइवर हैं। इतनी छोटी सी उम्र में इतनी उपलब्धियां हासिल करना बहुत ही बड़ी और हैरान करने वाली बात है।



