
Image And Info Credits: The Hindu
Mangalore, Karnataka: देश के लोगो में टैलेंट की कोई कमी नहीं है। हमारे देश में एक से बढ़कर एक लोग और अविष्कारक भरे पड़े है। अब हम ऐसी किसी भी चीज़ का अविष्कार या जुगाड़ कर सकते है, जो आज हमारी जरुरत है। किसी ने ठीक ही कहा है की जरुरत की अविष्कार की जननी है।
अब जब देश में पेट्रोल के दाम बढे, तो कई लोगो ने अपने अपने जुगाड़ से इलेक्ट्रिक बाइक और स्कूटर बनाना शुरू कर दिया।ऐसे में अब एक और ज़बरदस्त बाइक देश के होनहारों ने बना दी है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी-कर्नाटक (NIT-Karnataka) ने एक ऐसी शानदार ई-बाइक (E Bike) बना दी है, जो खास तौर पर जंगलों में आने-जाने के लिए बहुत उपयोगी होगी।
इस ई-बाइक की खास बात यह है की इसे सौर ऊर्जा (Solar Power Bike) का इस्तेमाल करके चार्ज किया जा सकता है और इसमें एक दी गई हेडलाइट को हटाकर रात के अँधेरे में मशाल के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।
इस E-bike की इलेक्ट्रिक मोटर ज्यादा शोर या अवाज भी नहीं करती है। यही इस बाइक में सबसे काम की बात है, क्योंकि जंगल (Jungle) में शोर के कारण वन्यजीव परेशान होते हैं और शिकारियों को बाइक के शोर से किसी के आने की भनक लग जाने से वे भाग सकते है। ऐसे में उन्हें पकड़ने को यह E-Bike बहुत कारगर है।
मीडिया रिपोर्ट्स बताती हैं की ई-मोबिलिटी प्रोजेक्ट्स सेंटर फॉर सिस्टम डिज़ाइन संस्थान के प्रमुख पृथ्वीराज यू ने द हिंदू (The Hindu) को इस बारे में जानकारी दी। पृथ्वीराज जल संसाधन और महासागर इंजीनियरिंग विभाग, एनआईटी-के (National Institute of Technology Karnataka Surathkal) में सहायक प्रोफेसर भी हैं।
रिपोर्ट्स पृथ्वीराज के हवाले से बता रही है की इस ई-बाइक में फ्रंट यूटिलिटी बॉक्स का इस्तेमाल वन अधिकारियों के सभी काम के सामान जैसे वॉकी-टॉकी, मोबाइल, फाइल्स आदि रखने के लिए किया जा सकता है। वॉकी-टॉकी और मोबाइल फोन को चार्ज करने के लिए इस इलेक्ट्रिक बाइक में चार्जिंग डॉक है।
इसके अलावा रियर पैनियर बॉक्स का उपयोग किसी दूसरे सामान के लिए किया जा सकता है। इस ई-बाइक में पानी और खाना रखकर ले जाने का भी प्रभंद है। पृथ्वीराज ने बताया है कि इस बाइक को इस तरह डिजाइन किया गया है कि इसे उनके यहाँ के कुद्रेमुख राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में भी उपयोग में लाया जा सके। इस राष्ट्रीय उद्यान में कार्यरत वन अधिकारियों की जरुरत को देखते हुए इस E-Bike को बनाया गया है।
आपको बता दें की यह ई-बाइक जंगल और पथरीले रास्तों पर आसानी से दौड़ सकती है। जंगल में जरुरत पढ़ने पर यह तत्कात काम में लाइ जा सकती है। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक बाइक जंगल में दुर्गम इलाकों में 75 KM तक की दूरी तय कर सकती है। बताया गया है की इस बाइक को विकसित करने में 3 महीने का वक़्त लगा है।
NIT-K develops e-bike for forest surveillance, commute: The Hindu Reporthttps://t.co/Ol1zRJ8CTr
— sanatanpath (@sanatanpath) November 20, 2021
जानकारी दी गई है की यह ई-बाइक विधयुग 4.0 बीएलडीसी मोटर, 33 एएच लिथियम-आयन बैटरी द्वारा चलती है। एक और खास बात यह है की सोलर चार्जिंग सेटअप में बैटरी चार्ज करने के लिए दो 400W मोनो-क्रिस्टलीय सोलर पैनल और 1.5 kW UPS यूनिट भी दिया गया है, जो इसे और खास बनता है।



