बिना पेट्रोल से चलने वाली बाइक के जरिये क्रांति ला रहे हैं ये दो शख्स: E-Bike Company Success

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EMotorad Pune EV
Kunal Gupta Co-Founder and CEO of EMotorad has working on electric vehicles and E-Bikes in India. How Emotorad Become Multi-Million Dollar Brand Startup Company.

File Photo

Pune: इस वक़्त देश में पेट्रोल और डीजल के दाम आसमान छू रहे हैं और जनता की जेब ढीली हो चली है। गली में पेट्रोल इस्तेमाल करने से अपने नुक्सान हैं। एक तो खर्चा अधिक हो जाता है और दस्ता पर्यावरण को भी नुकसान होता है। आपको याद होगा की जब देश में लॉक डाउन लगा था, तब गाड़ी और सड़क दोनों बंद थी। ऐसे में पर्यावरण साफ़ और निर्मल हो गया था। उस वक़्त पंजाब से भी हिमालय पर्वत दिखने लगा था।

ऐसे में अब लोग E-Bike और साइकिल की तरफ रुख कर रहे हैं। आजकल गाँव के अलावा शहर मने भी लोग साइकिल एयर गियर वाली साइकिल चलाते दिख जाया करते हैं। अब ज़माना E-Bike और E-Cycle का आ गया है। इससे नार्मल बाइक और उसके पेट्रोल की झंझट से छुटकारा मिल रहा है। इसके इस्तेमाल से आप पर्यावरण को नुक्सान देने से भी बच रहे है।

आज के वक़्त में इंसानो के लिए सबसे बड़ी परेशानी का कारण पर्यावरणीय चुनौतियां हैं। पुणे स्थित ई-बाइक (E-Bike) कंपनी ‘ईमोटैड’ (Emotad) ने इसी चुनौती का समाधान निकालने का बीड़ा उठाया है। कुणाल गुप्ता (Kunal Gupta) के नेतृत्व में, आज यह कंपनी ई-बाइक की अपनी अनूठी रेंज के साथ प्राकृतिक प्रदूषण को कम करने की एक भविष्यवादी विचार को अंजाम देने की दिशा में काम कर रही है।

कुणाल जिस समय अपनी मास्टर्स की पढ़ाई कर रहे थे, तभी उन्होंने पुणे (Pune) शहर में सार्वजनिक वाहन की किफायती उपलब्धता की कमी को महसूस किया और यहीं से उनकी उद्यमिता की यात्रा प्रारंभ हुई। कुणाल और उनके दो मित्रों ने अपने साथी विद्यार्थियों को मोटरबाइक किराए पर देना प्रारंभ किया और अच्छा लाभ कमाया। अपनी पढ़ाई खत्म करके उन्होंने ONN बाइक के बैनर तले अपने ख्वाबों की नींव रखी।

चार वर्षों की एक कठिन लेकिन सफल यात्रा के बाद, कुणाल ने वर्ष 2020 में ONN बाइक को छोड़ने का निर्णय लिया। हालांकि, ONN के साथ उनका काम के दौरान बिताया समय वास्तव में कामयाब रहा। साल 2020 में, कुणाल ने ईमोटैड के संस्थापक राजीव गंगोपाध्याय (Rajeev Gangopadhyay) के साथ हाथ मिलाया।

राजीव के पास ई-बाइक के लिए जरूरी प्रथम भारतीय एचएसएन कोड है, जो उन्हें भारत में ई-बाइक निर्माण करने वाली सबसे अग्रणी कंपनियों की सूची में शामिल करता है। उनके नेतृत्व में कंपनी ने ई-बाइक के 34 संभावित मॉडलों का निर्माण किया और इस क्षेत्र में विशेषज्ञों के साथ बातचीत कर पांच सर्वश्रेष्ठ मॉडल को बाजार में उतारा।

कुणाल ने केनफ़ोलिओज़ के साथ बातचीत के दौरान बताया की महामारी ने हमें चिंतित किया, क्योंकि हम दीवाली के समय में उच्च बिक्री की योजना तैयार कर रहे थे। लेकिन हमें सच में लोगों से अच्छी प्रतिक्रिया मिली, तकरीबन 45 दिनों में हमनें 1200 बाइक बेच ली।

दुनियाभर में जो पर्यावरणीय संकट वह खुद अपने आप में किसी महामारी से कम नहीं है, उसका सामना करने के लिए ईमोटोरड ई-बाइक एक स्मार्ट बहुउद्देशीय समाधान है। ईमोटोरड बाइक को भारतीय कानूनों के अनुसार बनाने के लिए 25 किमी/घंटे की गति तक सीमित रखा गया है।

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