
Hyderabad: कई बार इंसान टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल उस क्षेत्र में करता है, जिस क्षेत्र में उसके बारे में बहुत ही कम लोग विचार करते हैं। एसा की एक क्षेत्र है खेती जी हाँ सही पढ़ा आपने भारत में टेक्नोलॉजी को कृषि के क्षेत्र में बहुत ही कम उपयोग किया जाता है।
आजकल खेती के लिए नए नए तरीके आ गए हैं और कुछ तोह बहुत ही कारगर और फायदेमंद है। आज हम एक ऐसे ही युगल (Couple) के विषय में बात कर रहे हैं, जिन्होंने टेक्नोलॉजी की सहयता से भारत में कृषि जगत में एक नई सौच को बढ़ावा देने का काम किया है।
हैदराबाद (Hyderabad) के सचिन (Sachin) और श्वेता (Shweta) दरबारवर रासायनिक और कीटनाशक मुक्त ताजा सब्जियां और फल लोगों को प्रदान कराना चाहते हैं। इसी उद्देश्य से इस युगल ने हैदराबाद में ग्रीन हाउस (Green House) की स्थापना की। आज ये दोनों अपने एग्री टेक स्टार्ट अप ‘सिंपली फ्रेश इंडिया’ (Sleeping Fresh India) को पूरी सफलता के साथ आगे बढ़ा रहे हैं।
हाइड्रोपोनिक तकनीक का इस्तेमाल
वे हाइड्रोपोनिक तकनीक का इस्तेमाल खेती के लिए करते हैं। इस तरह मिलने वाली खाने की चीजें इतनी शुद्ध होती है, जिन्हें आप बिना धोए भी इस्तेमाल कर सकते हैं। वे अपने ग्रीन हाउस में पूरे साल मेडिसिनल प्लांट और इसी तरह की अन्य खाने की चीजें उगाते हैं।
पानी और बिजली की खपत कम होती है
हाइड्रोपोनिक तकनीक (Hydroponic farming) में बिना मिट्टी के पैदावार होती है। इस प्रौद्योगिकी (Technology) के तहत पौधा भूमि से तकरीबन 2 फीट ऊंचाई तक बढ़ता है। बीज और पौधे की सिंचाई पानी और खनिज पदार्थ के मिश्रण की सहायता से की जाती है।
पारंपरिक खेती के तरीको के बजाय इस तकनीक में पानी और बिजली दोनों का इस्तेमाल कम होता है। वे अपने ग्रीन हाउस में पौधों के बेहतरीन विकास के लिए पंखे, एयर कंडिशनर या केमिकल बेस्ड कूलिंग सिस्टम का उपयोग भी नहीं करते हैं।
Experiment on Hydroponic farming system pic.twitter.com/PkBhOONGFK
— KGKJ (@KGKJ3) September 7, 2021
सचिन ने खेती की इस तकनीक को सीखने के लिए ऑस्ट्रेलिया में तीन वर्ष बिताए और उसके बाद इसे अपने ग्रीन हाउस (Green House) में विकसित किया। उनके हर पैकेज का एक क्यूआरकोड (QR CODE) होता है। जिससे उस पैकेज के विषय में पूरी जानकारी मिलती है जैसे इस चीज के बीज को कब बोया था।
पौधे को कितनी मात्रा में उर्वरक की आवश्यकता है
सिंपली फ्रेश इंडिया के संस्थापक और सीईओ सचिन कहते हैं, हमारे खेत पूर्णतः एआई प्लेटफॉर्म (AI Platform) द्वारा नियंत्रित किए जाते हैं, जिसे फार्म इन ए बॉक्स (Farm In The Box) कहते हैं। इस डिजिटल सिस्टम से ये पता लगाया जाता है कि किस वक़्त पौधे को किस प्रकार के और कितनी मात्रा में उर्वरक की आवश्यकता है और उसी के अनुसार पौधों में इनकी सप्लाई होती है।
Meet CV Prakash, an Ex-Naval officer, and pioneer of hydroponic farming and training Indian farmers with his Mission Turmeric 2021 ‘Orange Revolution’. Read on! #TransformingIndia @PMOIndia @PIB_India @MIB_India @AgriGoI pic.twitter.com/HYDppAAzou
— MyGovIndia (@mygovindia) August 11, 2021
आज के समय में हाइड्रोपोनिक तकनीक से की जाने वाली खेती को भारत सर्कार भी बढ़ावा दे रही है और इस प्रकार की खेती की अब ट्रैंनिंग दी जाने लगी है। अब भारत सरकार की तरफ से भी किसानो को हाइड्रोपोनिक तकनीक की जानकारी और प्रशिक्षण मुहैया करवाया जा रहगा है।



