पेट्रोल पंप कर्मी की बेटी IIT में हुई सेलेक्ट, तो मंत्री, सीईओ ही नहीं पूरा सोशल मीडिया बधाइयां देने लगा

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Arya Rajagopalan IIT
Petrol Pump Attendant's Daughter Arya Rajagopalan Makes It To IIT Kanpur. Petrol Pump worker's Daughter Gets Accepted Into IIT Kanpur.

Photo Credits: Twitter

Kanpur: सफलता ना कभी जाती पाती की मोहताज होती है और ना ही धन दोलत की सफलता (Success) तो केवल परिश्रम की मोहताज होती है। लेकिन कभी कभी सफलता किसी के थोड़े ही परिश्रम से मिल जाती है तो कभी किसी को खून पसीना एक करने पर भी हाथ नहीं आती।

अगर हाथ आ भी गई और उसमे आप उत्तीर्ण हो भी जाते हो लेकिन आपका लक्ष आपसे छिन लिया जाता है। और वो भी तब जब आपका यह आपकी आयु के अनुसार अंतिम प्रयास था। आप सभी लोग सोच रहे होंगे कि ये केसे सम्भव है। उदहारण कुछ इस प्रकार हैं कि आप प्रतियोगी परीक्षा में उत्तीर्ण हुए वो भी तब जब यह आपकी आयु के अनुसार आप आयोग हो जाओगे।

उसी समय सरकार उत्तीर्ण होने के बाद भी किसी कारण से ज्वाइनिंग लेटर प्रदान नही कराती ना ही इस विषय में कोई दिलचस्पी दिखती है। लेकिन आज हम आपको एक सफलता की कहानी बताने जा रहे हैं कि केसे एक पेट्रोलपंप के कर्मचारी की बेटी IIT गई।

पय्यानूर (Payyanur) निवासी आर्या राजगोपाल (Arya Rajagopal) अपनी कामयाबी के विषय में मीडिया से बात करने से कतराती हैं, परंतु उनकी कहानी ने लाखों लोगों को प्रोत्साहित (Inspiring story) किया है। उनकी एकेडमिक सफलता की कहानी को बयां करता एक ट्वीट वायरल हो रहा है।

दरअसल, पेट्रोल पंप अटेंडेंट की बेटी (Arya A Petrol Pump Attendant Daughter) आर्या ने IIT कानपुर में एमटेक (IIT Kanpur) के लिए दाखिला लिया है। पेट्रोल पंप अटेंडेंट की शर्ट पहने अपने पिता के साथ समान्य से कपड़ों में आर्या की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है।

आर्या के पिता राजगोपाल के पय्यानूर में इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप में वर्ष 2005 से कार्य कर रहे हैं। 51 वर्षीय राजगोपाल का अपनी बेटी को शिक्षित करने की ये कहानी लोगों के लिए प्रेरणा हैं। एक ट्वीट में बताया गया कि कैसे निश्चित तौर पर और धीरे-धीरे पिता ने अपनी बेटी के ख्वाबों को साकार किया और कैसे बेटी ने अपने पिता से प्रेरणा लेकर अपने करियर में अत्युत्तम प्रदर्शन किया।

राजगोपाल ने कहा कि, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के एक क्षेत्रीय प्रबंधक (Regional Manager) ने मुझसे मेरी बेटी के साथ एक फोटो मांगी थी, क्योंकि उन्हें यह बहुत प्रेरणादायक लगा कि एक पेट्रोल पंप अटेंडेंट की बेटी ने कम आय वाले घर से होने के बाद भी शिक्षा के क्षेत्र में इतनी बड़ी सफलता प्राप्त की है।

रिपब्लिक से खास चर्चा के दौरान राजगोपाल ने बताया कि, मेरी पत्नी एक निजी फर्म में बातौर रिसेप्शनिस्ट कार्य करती है। हमारी आय बहुत कम है और हम इस बात पर खास ध्यान देते हैं कि हमारी बेटी ने अच्छी पढ़ाई की।

हम नसीब वाले थे कि उसने बहुत मेहनत से पढ़ाई की और योग्यता के आधार पर अपने अकादमिक करियर के अलग अलग चरणों से गुजरी। हमें केवल छात्रावास के खर्च और मूलभूत शुल्क (Basic Fees) के बारे में चिंता करनी पड़ी।

24 घंटे में ट्विटर पर यह ट्वीट 5 लाख से अधिक लोगों तक पहुंच गया। आर्या की कहानी फेसबुक और लिंक्डइन जैसे अन्य सोशल मीडिया साइट्स पर भी पहुंच गई है। जिसने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कई लोगों को प्रोत्साहित किया है।

केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी (Hardeep Singh Puri) ने भी इस स्टोरी को शेयर किया है। उन्होंने ट्विटर के जरिए आर्या को तारीफ की। उन्होंने ट्वीट किया कि वाकई हृदयस्पर्शी। आर्या राजगोपाल ने अपने पिता राजगोपाल और वास्तव में देश के ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े हम सभी को बहुत गौरवान्वित किया है।

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