12वीं के बाद पढ़ाई छूटी, पिज्जा डिलीवरी का काम कर 200 रुपये की नौकरी से 8.5 करोड़ तक का सफ़र

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Sunil Vashisht Flying Cakes
Sunil Vashisht, founder of 'Flying Cakes' inspiring journey from delivering pizzas to running a company. From Pizza Delivery Boy To A Turnover Of 8.5 Crore.

Noida: हर कोई जिन्दगी में कामयाब होना चाहता है, परंतु हालतों का सामना करने के लिए सही समय पर सही फैसला लेने की काबिलियत हर किसी में नहीं होती और तो और हालतों के अनुसार से जोख़िम उठाने की क्षमता भी हर एक व्यक्ति में नहीं होती। हालांकि जिंदगी में ऐसी हालातों का जो डटकर सामना करते हैं, वही लोग इतिहास के पन्नों पर अपना नाम स्वर्णिम अक्षरों में लिख पाते।

हमारा आज का लेख एक ऐसे ही कामयाब शख्स को लेकर है, जिन्होंने जीवन में कुछ बड़ा हासिल करने के उद्देश्य से जोख़िम उठाया और आज दूसरों के लिए प्रेरणा बन चुके हैं। एक पिज्जा डिलीवरी बॉय (Pizza Delivery Boy) से करोड़ों रुपये का साम्राज्य खड़ा करने वाले सुनील वशिष्ट की कहानी (Sunil Vashisht Story) अपने आप में अद्वितीय है।

दिल्ली के एक आर्थिक स्थिति में बेहद कमजोर परिवार में जन्मे सुनील (Sunil Vashisht) ने किसी तरह अपनी उच्च माध्यमिक विद्यालय प्रमाणपत्र (SSC) की परीक्षा पूरी की। उनके पिता एक यांत्रिक मजदूर (Mechanical Worker) थे और पाँच सदस्यों वाले परिवार में एकमात्र कमाने वाले व्यक्ति थे।

परिवार की दयनीय आर्थिक स्थिति ने सुनील को भरण पोषण करने के लिए नौकरी करने को मजबूर कर दिया। एसएससी के तुरंत बाद उन्होंने प्रति दिन 200 रुपये की कमाई वाले काम शुरू कर दिए। दो वक़्त की रोटी के लिए उन्होंने कई छोटे-मोटे कार्य करना प्रारंभ कर दिये। अंत में, साल 1998 में उन्होंने पिज्जा डिलीवरी बॉय के तौर पर डोमिनोज कंपनी से जुड़ गए।

उन्होंने दिल्ली में डोमिनोज पिज्जा के आउटलेट में से एक के साथ लंबे वक़्त तक कार्य किया और उनका सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करने वाला कर्मचारी बन गया। उनके लगातार शानदार प्रदर्शन से आउटलेट्स के मालिक बेहद खुश थे, लेकिन वहाँ कार्य करने वाले अन्य लोगों को उनसे ईर्ष्या होती थी। कुछ सालो तक यहाँ कार्य करने के बाद वर्ष 2003 में उन्होंने नौकरी छोड़ दी।

दूसरी नौकरी खोजने की बजाय सुनील (Sunil Vashisht) ने अपने बचत के कुछ धनराशि से दिल्ली में सड़क के किनारे एक छोटे सा भोजनालय प्रारंभ कीया। अधिकारियों द्वारा लगातार समस्या उत्पन्न करने की वजह से उनका यह पहला व्यावसायिक प्रयोग असफल रहा।

भोजनालयों को चलाने के चार सालों तक उन्होंने कुछ भी कमाई नहीं की, परंतु बहुत सारे अनुभव जुटाए। 2007 में, सुनील ने कुछ बेहतर करने का फैसला किया। करीबी इलाक़ों में जांच-पड़ताल करने के दौरान उन्हे पता चला कि वहाँ एक केक की दुकान (Cake Shop) की बेहद जरूरत है। कुछ बचत और मित्र से 58,000 रुपये के ऋण की सहायता से उन्होंने फ्लाइंग केक्स (Flying Cakes) के बैनर तले अपने ख्वाहिशों की नींव रखी।

फ्लाइंग केक्स पहले की सड़क के किनारे भोजनालय के विपरित में सुनील के लिए एक महत्वाकांक्षी परियोजना थी, लेकिन कम मुनाफा होने के कारण से व्यवसाय बेहद चुनौतीपूर्ण था। फिर भी, वक़्त के बारे में एकमात्र निश्चितता यह है कि यह बदलता जरूर है और इसी विचार के साथ, सुनील ने अपने संघर्ष को जारी रखा।

एक दिन निकट स्थित HCL में कार्यरत एक महिला ने अपने पुत्र के जन्मदिन के लिये ऑर्डर करने के उद्देश्य से फ्लाइंग केक का दौरा किया। महिला एचसीएल के व्यवस्थापक विभाग की प्रमुख थी, सुनील द्वारा बेक्ड केक (Best Cake) की गुणवत्ता ने उन्हें प्रभावित किया और फ्लाइंग केक ने जल्द ही उनसे कॉर्पोरेट ऑर्डर प्राप्त करना प्रारंभ कर दिया।

केनफ़ोलिओज़ के साथ एक विशेष साक्षात्कार (Interview) में सुनील ने भावुक स्वर में कहा “एचसीएल से मिले आर्डर मेरे लिए पहले मील का पत्थर था। मैंने जो परिश्रम किया था उसकी ताकत के सकारात्मक परिणाम मैंने देख लिया।” सुनील उत्कृष्ट गुणवत्ता (Excellent Quality) के साथ व्यवसाय करने के लिए उत्सुक थे।

उन्हें मालूम था कि ताजा केक खाने की चाहत क्या होती है। उन्होंने यह निर्धारित किया कि केक केवल ऑर्डर प्राप्त होने पर तैयार किया जाए और ताजगी सुनिश्चित करने के लिए न्यूनतम संभव समय में वितरित किया जाए। गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए और उनकी उपस्थिति के महत्व को जानने के बाद, सुनील ने फ्लाइंग केक्स के प्रारंभिक दिनों में चौबीसों घंटे काम किया।

बेहतर गुणवत्ता के केक ग्राहकों को प्रदान कराने के उनके दृढ़ संकल्प ने उन्हें एक ब्रांड बनाने और नई शाखाएं खोलने में सहयता की। उनकी पंद्रह मिनट की तैयारी तकनीक ने सुनील के अधिकांश ग्राहकों को बनाए रखा है।

आज, फ्लाइंग केक्स (Flying Cakes) एक प्रसिद्ध केक-शॉप ब्रांड है, जो नोएडा, दिल्ली, बैंगलोर और पुणे जैसे शहरों में अपनी 15 शाखाओं के माध्यम से 8.5 करोड़ रुपये का व्यवसाय करता है। उन्होंने हाल ही में नोएडा में पिज्जा, बर्गर जैसे फास्ट फूड (Fast Food) उत्पादों की एक नई श्रृंखला शुरू की है।

सुनील साल 2024 तक 15 नई शाखाएं (Flying Cakes Outlets) खोलने की योजना बना रखे हैं। आकांक्षी उद्यमियों को सुनील यह संदेश देते हैं कि आपको जोखिम उठाने से भयभीत नहीं होना चाहिए, जोखिम के बिना, आप सदेव के लिए उसी स्थान पर रह जाएंगे। जिंदगी में कुछ बड़ा करने के लिए आपको रिश्क उठाने होंगे।

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