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Raipur: हमारे सभी के घरो में मीटर लगे हुए है। हम सभी पहले बिजली (Electricity) का उपयोग करते है, उसके पश्चात जितना उपयोग किया है, उसके अनुसार बिजली बिल चुकाते है। लेकिन यह सभी प्रणाली को परिवर्तित करने के लिए केंद्र सरकार विचार कर रही है। इसके लिए कुछ राज्यों के साथ बैठक करके इसके ऊपर निर्णय भी ले लिया गया है।
छत्तीसगढ़ राज्य के 59 लाख विद्युत उपभोक्ताओं के मकान, दुकान और उद्योगों में वर्ष 2022 से स्मार्ट प्रीपेड बिजली मीटर लगने प्रारंभ हो जाएंगे। अब विद्युत के उपयोग के पूर्व मीटर रिचार्ज करवाना आवश्यक होंगा, जब तक रिचार्ज रहेगा, विद्युत सप्लाई जारी रहेगी।
रिचार्ज समाप्त तो सप्लाई भी बंद। ठीक मोबाइल की तरह। केंद्र सरकार के इस महापरियोजना पुर्नोत्थान वितरण क्षेत्र की स्कीम (Revamped Distribution Sector Sceam) पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सैद्धांतिक सहमति प्रदान की है।
क्या होता है प्रीपेड स्मार्ट मीटर (Prepaid Smart Meter)
यह मीटर आपके पुराने मीटर की तरह नहीं होगा। यह एक मोबाइल की तरह कार्य करेगा अर्थात इसमें आपको पूर्व से ही सही रिचार्ज कराके रखना होगा। जितने रुपये का आप रिचार्ज करोगे, उतना उपयोग होने तक आपके घर की बिजली चलेगी। उसके बादमे जिस वक़्त आपका रिचार्ज समाप्त हो जाएगा।
आपके घर की बिजली स्वचालित रूप से बंद हो जायेगी या एक प्रकार से कट जाएगी जो फिरसे रिचार्ज पर प्रारंभ हो जाएगी। जिस प्रकार हम अपने मोबाइल में रिचार्ज करवाते है, ठीक उसी प्रकार ही हम इस मीटर में रिचार्ज करवा सकेंगे। रिचार्ज ऑनलाइन भी होगा।
केंद्रीय विद्युत, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह के जरिये ली गई बैठक में 6 राज्यों और 1 केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासक सम्मिलित हुए। बैठक में रिवेम्पड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम को राज्य में लागू करने को हेतु विस्तार से बातचीत हुई। केंद्र ने राज्यों से 31 दिसंबर तक इस स्कीम को लेकर विवरण मांगा है।
एक मीडिया अख़बार को विद्युत कंपनी के प्रबंध संचालक (Managing Director) हर्ष गौतम ने बताया कि छत्तीसगढ़ एसा प्रथम राज्य है, जिसने केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेज दिया है। इस स्कीम में तकरीबन 9500 करोड़ रुपए की लागत लगेगी।
बैठक में स्कीम के अलावा अन्य राज्यों के द्वारा विद्युत सब्सिडी के भुगतान हेतु अतिरिक्त समय सीमा देने की मांग का मुख्यमंत्री ने भी समर्थन किया। बैठक में ऊर्जा विभाग के विशेष सचिव अंकित आनंद के साथ और अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
स्कीम के अनुसार ये होंगे
मीटर-स्मार्ट प्रीपेड मीटर (Prepaid Smart Meter In India) लगेंगे, इसका गजट नोटिफिकेशन कर दिया है। मतलब यह राज्यों को आवश्यक रूप से करना ही है। अधोसंरचना अर्थात आधारभूत संरचना (Infrastructure) इसके अंतर्गत विद्युत से संबंधित सभी कार्य होंगे। जैसे जमीन के नीचे से तार बिछाना (Underground Cabling), पंप मीटर का फैलाव करना, 33 केवी, 11 केवी तार बिछाना।
पुरानी तारो को तबदीली करना। (नोट- जैसा पत्रिका को कंपनी के प्रबंध संचालक ने बताया।) स्कीम में किसान कनेक्शन बाहर रहेंगे राज्य में 5.50 लाख किसान बिजली कनेक्शनधारी उपभोक्ता हैं, इन्हें इस स्कीम से अलग रखा गया है। क्योंकि राज्य सरकार इन्हें सब्सिडी पर विद्युत प्रदान करवाती है और इनके लिए अन्य योजनाएं भी संचालित हैं।
मीटर लगाने के लिए 2025 तक का लक्ष्य
पुरानी स्मार्ट वाली योजना अलग है, बिजली विभाग (Electric Vibhag) के अधिकारियों का कहना है पूर्व में राज्य के रायपुर, बिलासपुर और रायगढ़ जिले में भी स्मार्ट मीटर लगाने की योजना का प्रस्ताव बना और बिलासपुर में कुछ मीटर लगे भी। मगर, रिवेम्पड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम से पुरानी योजना का कोई संबंध नहीं है।
गौरतलब है कि नई योजना के तहत प्रीपेड मीटर लगाने के लिए 2025 तक का लक्ष्य तय किया गया है। प्रीपेड मीटर से जुड़ी 3 बड़ी मुख्य बातें यह हैं की मोबाइल की तरह हमें बिजली सप्लाई के लिए मीटर रिचार्ज करवाने होंगे, तभी बिजली सप्लाई होगी।
रिचार्ज खत्म होते ही पावर कट हो जाएगा, जैसे मोबाइल में इंटरनेट या आउटगोइंग कॉल बंद हो जाते हैं। बिजली बिल (Electricity Bill) का भुगतान ऑनलाइन (Online Payment) होगा, जैसे हम ऐप से करते हैं।



