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Delhi: भारत सहित इस दुनिया में इतने रहस्य छिपे हैं की आप पूरी जिंदगी में भी इन्हे नहीं जान पाएंगे। जो आप जान लिए सो काफी है। ऐसे ही एक और रहस्य या अजूबे के बारे में जानकारी मिली है, जो की एक गुफा है। दुनिया की सबसे लंबी गुफा (Mammoth Cave) की लंबाई लगातार बढ़ती जा रही है। इस गुफा की लम्बाई का बढ़ना अपने अपने में आश्चर्यजनक है।
अभी रिसर्चर की हालिया रिपोर्ट में पता चला है कि गुफा की लंबाई कुछ मीटर नहीं, बल्कि 13 किमी और बढ़ गई है। बता दें कि अमेरिका के Kentucky में बनी Mammoth Cave की यह गुफा 1969 में खोजी गई थी। उस दौरान गुफा की लंबाई कुल 65 मील अर्थात 105 किमी आंकी गई थी। उसके बाद वर्ष 1972 में Cave Research Foundation (CRF) ने गुफा के अंदर नए सिरे से खोज की गई।
आहे को खोज में पता चला कि गुफा के अंदर कई सारे रास्ते खुले हुए हैं। इन रास्तों की पड़ताल करने पर गुफा की लंबाई बढ़कर 144 मील यानी 232 किमी हो गई। इसके बाद अलग-अलग समय पर हुई खोज और रिसर्च में भी गुफा के गलियारों की लंबाई बढ़ने की रिपोर्ट सामने आई। जिसने लोगो को और चौका दिया।
हाल ही में आई यूएस टुडे की रिपोर्ट के अनुसार CRF ने 11 सितंबर को ताजा रिपोर्ट जारी कर बताया कि Mammoth Cave कि लंबाई 8 मील अर्थात 13 किलोमीटर और बढ़ गई है। अब गुफा के गलियारों की लंबाई 420 मील 676 किमी पाई गई है। अगर इस गुफा को भारत के लिहाज से ऐसे उदहारण देते हुए समझें, तो यह लंबाई दिल्ली से माता वैष्णो देवी कटरा तक की दूरी (631 किमी) के बराबर और इसके आस पास की मानी जा सकती है।
The World’s Longest Cave Is Now Even Longer!!
Explorations by the Cave Research Foundation has revealed 8 new miles to Mammoth Cave making the total count 420 known miles of passages! When it comes to discoveries in Mammoth Cave, there truly is no end in sight! pic.twitter.com/JMKBhFTLip— Mammoth Cave NP (@MammothCaveNP) September 12, 2021
मैमथ गुफा मोटी मिसिसिपियन-वृद्ध चूना पत्थर की परत में विकसित हुई है, जो बलुआ पत्थर की एक परत से ढकी हुई है , जिसने सिस्टम को उल्लेखनीय रूप से स्थिर बना दिया है। यह 400 मील (640 किमी) से अधिक मार्ग को शामिल करने के लिए जाना जाता है। नई खोजें और कनेक्शन हर साल इस आंकड़े में कई मील जोड़ते हैं। मैमथ केव नेशनल पार्क की स्थापना गुफा प्रणाली को संरक्षित करने के लिए की गई थी।
On September 18, 1946, Mammoth Cave was officially dedicated as the 26th unit of the National Park Service.
Kentucky Governor Simeon B. Willis spoke at the event. pic.twitter.com/UhBC8oCfPH— Mammoth Cave NP (@MammothCaveNP) September 18, 2021
CRF के अनुसार Mammoth Cave चूना पत्थरों से बनी गुफा है। बारिश और नदियों का पानी जमीन की सतह के जरिए अंदर रिसता रहा और पत्थरों को कमजोर करके उनमें रास्ता बनाता रहा। इसके चलते यह गुफा बन गई। बरसात के बारिश-पानी का यह दौर अब भी हर साल जारी है। इसलिए गुफा की लंबाई भी लगातार बढ़ती जा रही है। इससे researchers को काफी हैरानी हुई और अब भी खोज जारी है।
प्रदान करता है। गुफा की कुछ उल्लेखनीय विशेषताएं, जैसे कि ग्रैंड एवेन्यू, फ्रोजन नियाग्रा, और फैट मैन्स मिसरी, को एक से छह घंटे तक की रोशनी वाली यात्राओं पर देखा जा सकता है। दो पर्यटन, जो केवल लोगो द्वारा लाए गए पैराफिन लैंप द्वारा जलाए जाते हैं, बिजली से चलने वाले मार्गों के लोकप्रिय विकल्प हैं। कई “जंगली” पर्यटन गुफा के विकसित हिस्सों से दूर मैला क्रॉल और धूल भरी सुरंगों में उद्यम करते हैं।
Mammoth Cave National Park. Kentucky. 2021. pic.twitter.com/4MFiahE1Om
— Ross Senack (@RSenack) September 18, 2021
मैमथ गुफा के संबंध में इंसानों की कहानी 5000 साल पुरानी है। 19वीं और 20वीं शताब्दी में, मैमथ गुफा या इस क्षेत्र की गुफाओं से मूल अमेरिकी अवशेषों के कई सेट बरामद किए गए हैं। पूर्व-कोलंबियाई अंत्येष्टि अभ्यास के पर्याप्त प्रमाण के साथ, अधिकांश ममियों को जानबूझकर दफनाने के उदाहरण मिलते हैं।



