एक हाथ नहीं होने पर बेटे को माता-पिता ने बेच दिया, बुआ ने जान बचाकर बनाया चिकन टिक्का किंग

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Bodybuilder Tajinder Mehra
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Delhi: माता पिता की संतान सबसे बड़ा वरदान होती है। कभी-कभी संतान बचपन से ही किसी वजहें के चलते अपंग पैदा हो जाती है। जिसके पश्चात माता-पिता उसे सहारा देते हैं। परन्तु कुछ माता पिता अपने बच्चे को अकेले रहने के लिए छोड़ देते हैं। ऐसा ही एक वाक्य सामने आया जहां एक माता पिता ने अपने बेटे को अपंग पैदा होने की वजह से भिखारियों को बेच दिया।

इस बच्चे को बचपन से ही एक हाथ नहीं था। लेकिन वो कहावत हैं ना जिसके साथ कोई नहीं होता, उसके साथ भगवान होता है। कड़ी परिश्रम करके बच्चे की बुआ ने उसे भिखारियों से बचाया और अपने साथ ले आई यहीं से शुरुआत हुई इस छोटे से बच्चे के संघर्ष की कहानी (Struggle Story)।

दिल्ली में जन्मे तेजिंदर मेहरा (Tajinder Mehra) ने जब जन्म लिया तो उनका एक हाथ नहीं था। एक हाथ नहीं होने की वजह से इसे माता पिता ने भिखारियों को बेच दिया। इसके बाद बुआ (Aunty) इसे छुड़ाकर अपने साथ लेकर आई और आज भारत में तेजिंदर मेहरा काफी नाम बना चुके हैं।

वर्तमान में तेजिंदर (Tajinder Mehra) सोशल मीडिया पर एक चर्चा का विषय बने हुए हैं। जो लोगों को प्रेरणा दे रहे हैं और आत्मनिर्भर बनने का संदेश देते हैं। आर्थिक स्थिति से कमजोर होने के बाद भी तेजेंद्र की बुआ (Bua) ने इसे पालने का तय किया और भिखारियों के गिरोह से छुड़ाकर अपने घर ले आई।

अर्थिक तंगी के कारण

तेजिंदर की बुआ (FATHER’S SISTER) पढ़ाने में असफल थी। फिर भी उन्होंने जैसे तैसे करके उसकी पढ़ाई पूरी कराईं। वह तेजिंदर को अपने सगे बेटे से भी ज्यादा संभाल कर रखी थी। आर्थिक मंदी के कारण तेजिंदर को अपनी पढ़ाई छोड़नी पड़ी। इसके बाद उसने घर का खर्चा चलाने के लिए काम तलाशना शुरू किया।

तेजेंद्र का शुरू से ही जिम से काफी लगाव था और वह अपने घर में ही कसरत करते थे। इसके बाद उन्होंने एक सरकारी जिम में सदस्यता ली और कुछ समय बाद एक प्राइवेट जिम जाने लगे, जहां उनका कैरियर शुरू हो चुका था। 2016 में तेजिंदर को उनके कोच ने दिल्ली प्रतियोगिता में भाग लेने का सुझाव दिया।

उन्होंने यहां पर अपना नाम लिखवाया और प्रतियोगिता को भी अपने नाम किया। आपको बता दे कि तेजिंदर 2016 और 2018 में टाइटल जीत चुके हैं। इतनी कामयाबी पाने के बाद भी घर की आर्थिक स्थिति में कोई अन्तर नहीं आया था। इसके बाद उन्होंने फिटनेस कोच बन लोगों को ट्रेनिंग देना आरंभ किया।

कुछ वक़्त बाद उन्होंने अपने ट्रेनर से 30000 उधार लेकर एक चिकन पॉइंट लगाया। जिसके पश्चात उनका यह काम काफी सफल हुआ और लोगों को उनका चिकन टिक्का बनाने का तरीका पसंद आया। आज तेजिंदर काफी बढ़िया चिकन टिक्का बनाते हैं और इसकी मदद से काफी पैसे भी कमा रहे हैं।

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