विधवा को अपसगुनी मानते थे गांव के रूढ़िवादी, लड़के ने सहारा बनकर पेश की मिसाल, जाने पूरी घटना

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Love Story
Widow Afsana love story from Jalalabad Afghanistan. Afsana and Salman love story will set best example in Afghanistan for Love and Happy Life.

Delhi: आज के समय में हर इंसान ख़ुद के लिए काफी स्वार्थी होता जा रहा। आज के वक्त में लोगों को अपने अलावा किसी का भी दर्द नहीं दिखता हैं। आज हम आपको ऐसी प्रेम कहानी (Love Story) के बारे में बताने जा रहे हैं, जिससे आपको पता चलेगा कि आज भी दुनिया में कैसे लोग मौजूद हैं, जो अपनो से ज्यादा दूसरे की मदद करते हैं।

कहानी अफ़्ग़ानिस्तान (Afghanistan) की है, वहाँ जलालाबाद (Jalalabad) नामक एक जगह में अफसाना (Afsana) नाम की लड़की थी। हम उसकी कहानी आपको बताने जा रहे हैं। उस लड़की का बचपन सभी बच्चों की तरफ खेलकूद, हँसी, मजाक और पढाई लिखाई के साथ गुजरा। बाद मे उस लड़की की शादी गांव के ही एक लड़के के साथ हो गई। वो लड़का फौज में नौकरी कर रहा था।

शादी की कुछ दिन ही अफसाना के पति चल रही युद्ध में अपने देश के ओर से लड़ने चले गए, जिसमें वो शहीद हो गए। इसके बाद अफसाना विधवा हो गई और उसके आसपास के लोग उसे ताना मारने लगे। कुछ दिनों बाद जब अफसाना के पिताजी की मौत हो गई तब उसे उसके घर से भी निकाल दिया गया।

जब अफसाना काफी छोटी थी तब एक लड़का था, जो कि उसका दोस्त था और उनके बीच सिर्फ दोस्ती ही थी लेकिन अफसाना को कभी मालूम नहीं चला कि वो लड़का सलमान उससे बहुत प्यार करता था। सलमान (Salman) ने बचपन में अफसाना को कभी भी अपने प्यार के बारे मैं नहीं बताया था। बड़े होने के बाद वह अपनी पढाई के लिए शहर चल दिया था और सलमान वहाँ ही जॉब करने लगा। अब सलमान 9 साल बाद अपना घर वापस लौट रहा था।

सलमान अपने परिवार के साथ साथ अफसाना से भी मिलने के लिए बेचैन थे और वो घर आते समय सोच रहे थे कि अफसाना कैसे होगी। सलमान को इसी बीच काफी दुख था कि उसने कभी भी अफसाना के सामने अपने प्यार का इजहार क्यों नहीं किया। अफसाना का सुंदर सा चेहरा हमेशा सलमान के आँखों के सामने आते जा रहा था।

जब वह गांव पहुंचा एक पीपल के पेड़ के पास बैठ गया जहां वह बचपन में अफसाना के साथ खेला कूदा करता था। वहाँ देखा कि कंदे कुचैले कपड़े में एक लड़की बैठी है। जब उसने पता किया तब पता चला कि वो लड़की अफसाना ही है। वह अचानक अफ़साना को इस स्थिति में देखकर चौक गया।

वहाँ अफसाना (Afsana) रो रही थी, जब सलमान ने उसे रोते हुए देखा तो उसे चुप कराने की कोशिश करने लगा और उनसे इस हालत का कारण पूछा। ठीक उसी समय उस जगह पर सलमान की अम्मी आ गई। जब सलमान की मां ने अपने बेटे को अफसाना के साथ देखा, तो वो बेटे को बोली कि तुम इस महिला के साथ मत रहो वरना तुम्हारे भी बुरे दिन चालू हो जायेंगे।

इसके बाद सलमान की माँ सलमान को घर ले आई पर जो सलमान के मन में अफसाना के लिए बेचैनी सी हो रही थी, उसे कोई नहीं जान सका था। सलमान को बिल्कुल भी समझ नहीं आ रहा था कि अफसाना की ऐसी स्थिति आखिर कैसे हुई। धीरे धीरे करके सलमान ने गांव के लोगों की मदद से सारी बातें हासिल कर ली।

सलमान कुछ दिन बाद फिर एक बार पीपल के पेड़ के पास गए और उसने अफसाना को रोते हुए देखा। इसके बाद सलमान ने अफसाना को सहारा दिया। जब सलमान गाँव से वापस शहर जा रहा था, तब उसने बस से उतरकर अफसाना के पास गया और उसे शहर जाकर एक नई जिंदगी शुरू करने के लिए मनाने लगा।

इस बात को सुनकर अफसाना खुद को रोक नहीं पाई और उसकी आंखों से आंसुओं की धारा बहने लगी। बहुत समझने के बाद अफसाना सलमान के साथ शहर जाने के लिए तैयार हो गई और उन्होंने शहर में जाकर साथ में एक नई जिंदगी की शुरुआत की।

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