
Bhopal: भाई बहन का प्यार बहुत ही अनोखा होता है, यह अक्सर लोग कहते हैं। भाई अपनी बहन से या बहन अपने भाई से चाहे जितना लड़ें, लेकिन आखिर में दोनों ही एक दूसरे के लिए तत्पर तैयार रहते हैं। भाई बहन के प्यार की अनोखी मिसाल गुजरात (Gujarat) के तापी जिले से सामने आई है।
दरअसल मामला यह है, गुजरात के तापी जिले के व्यारा तहसील निवासी लता की करीब 4 साल पहले किडनी खराब हो गई, जिससे वह बीमार हो गई और काफी पीड़ा का सामना करना पड़ा। इलाज के दौरान उन्हें कई दवाई खाने को मिली, लेकिन उससे समस्या का समाधान नहीं हो पाया, जिसके बाद लता (Lata) को सूरत (Surat) के मिशन हॉस्पिटल में नेफ्रोलॉजी विभाग की डॉ वत्सा पटेल को रेफर किया गया।
आपको बता दें कि लता को डॉक्टर वत्सा पटेल ने किडनी ट्रांसप्लांट (Kidney Transplant) करवाने का सुझाव दिया जिसके बाद लता के भाई हितेश (Brother Hitesh) ने उसे एक किडनी डोनेट (kidney Donate) करने का निर्णय लिया। हालांकि, परिवार वालों को समझाने के बाद किडनी डोनेट करने का फैसला लिया।
मिली जानकारी के मुताबिक, किडनी ट्रांसप्लांट करने के लिए ऑपरेशन में नेफ्रोलॉजी डॉक्टर वत्सा के अलावा डॉक्टर अनिल पटेल, यूरोलॉजी के डॉक्टर चिराग पटेल, डॉ कपिल ठक्कर, डॉ राम पटेल, आईसीयू डॉक्टर मिलन मोदी, डॉ आशीष पटेल, पैथोलॉजी, रेडियोलॉजी और माइक्रोबायोलॉजी डॉक्टर समेत अन्य नर्सिंग स्टाफ भी मौजूद थे।
बताते चलें कि करीब 7 घंटों में डॉक्टरों ने सफल ऑपरेशन (Successful Kidney Transplant) किया। मिली जानकारी के मुताबिक, डॉक्टर वत्सा बताती हैं कि, सूरत में सिर्फ मिशन हॉस्पिटल (Mission Hospital) में ही पहला लाइव किडनी ट्रांसप्लांट हुआ। वहीं, लता के भाई हितेश कहते हैं कि मैं डेढ़ साल से लता की स्थिति गंभीर होते देख रहा हूं। उसे हफ्ते में कम से कम 3 बार डायलिसिस करवाना पड़ता था और यह तकलीफ मुझसे देखी नहीं जाती थी।
भाई हितेश की लोग जमकर तारीफ कर कह रहे हैं कि, रक्षाबंधन (Rakshabandhan) से पहले भाई ने अपनी बहन को किडनी दान कर अपनी ओर से अमूल्य भेंट दी है। बताते चलें कि हॉस्पिटल के प्रमुख संचालक ने भी किडनी की बीमारी से जूझ रहे मरीजों के लिए कुछ अहम बातें कहीं हैं।



