छोटी उम्र में बनी प्रेमी के बच्चे की माँ, परिवार ने घर से निकाला, तो बन गयी SI इंस्पेक्टर: Struggle Story

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Ani Shiva SI Story
Ani Siva Police Biography in Hindi. Struggle story of Ani Siva who is Police SI in Kerala Police. Meet Anie Siva, the Woman Who Was Abandoned at Age 18.

File Photo

Delhi: लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती, हिम्मत करने वालों की कभी हार नहीं होती। आज के दौर में महिलाएं न सिर्फ अपने घर की जिम्मेदारी सम्भल रही है बल्कि अपने घर और बाहर की भी जिम्मेदारी को संभालते हुए हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही है। कोई भी व्यक्ति अपने जीवन में जिस चीज को शिद्दत से चाहता है, वह उसे एक न एक दिन अवश्य मिल जाती है।

बस उसे अपने लक्ष्य को पाने के लिए दिन-रात कड़ी मेहनत करनी पड़ती है और जीवन में कभी हार नहीं मानी होती है और लगातार संघर्ष करते रहना होता है। आज की सक्सेस स्टोरी (Success Story) में हम एक ऐसी कहानी सुनाने वाले हैं, जिसके बारे में सुनकर आप दंग रह जाएंगे। केरल पुलिस की एक महिला पुलिस उपनिरीक्षक एनी शिवा (Woman Police SI Anie Siva) इन दिनों काफी सुर्खियों में हैं। उनके संघर्ष की कहानी (Struggle Story) लोगों के लिए प्रेरणा (Inspiration) बन रही है।

महज 18 की उम्र में जब गोद में 6 महीने का बच्चा था, तो पति ने साथ छोड़ दिया। इसके बाद ही परिवार वालों ने भी उन्हें घर से निकाल दिया। केरल पुलिस की एक महिला पुलिस उपनिरीक्षक (Sub-Inspector) के संघर्ष की ऐसी कहानी है, जो सबको सीख देने के साथ प्रेरित कर रही हैं। एनी शिवा (Anie Siva) ने जिंदगी के मुश्किल परिस्थिति में अपने हौसलों को मजबूत करके उसका डटकर मुकाबला कर अपना मुकाम हासिल किया है।

कौन है एनी शिवा

केरल के तिरुवनंतपुरम जिले के कांजीरामकुलम की रहने वाली एनी शिवा, जिन्होंने अपनी जिंदगी में ऐसा संघर्ष (Struggle) से गुजरी है, जिससे अच्छे-अच्छे रेत की तरह फिसल जाते, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी (Never Give Up) और आज सब इंस्पेक्टर बनकर दूसरी महिलाओं के लिए भी एक प्रेरणा बनकर सामने आई हैं।

एनी ने बताया कि वो हमेशा से भारतीय पुलिस सेवा की अधिकारी बनना चाहती थीं। मेरे पिता भी यही चाहते थे, लेकिन हालात ने कभी साथ नहीं दिया। एनी सोशल मीडिया पर लोगों से मिल रहे समर्थन और प्यार से गर्व महसूस कर रही हैं और भावुक भी हैं। 21 साल की होने से पहले ही तिरुवनंतपुरम के कांजीरामकुलम की रहने वाली एसपी ऐनी पति से दूर हो गई थीं। उस समय उनका आठ महीने का बच्‍चा भी था। उनके मां बाप ने उन्‍हें घर पर रखने से इंकार कर दिया था।

एनी शिवा ने कहा कि लोगों को एक-दूसरे की हर संभव सहायता करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि तमाम बाधाओं का डटकर मुकाबला करते हुए मैं यहां तक ​​पहुंचने में सफल रही हूं, अगर अन्य महिलाओं को मेरे जीवन से आगे बढ़ने के लिए प्रेरणा मिलती है, तो मैं खुश हूं। कभी भी हार नही माननी चाहिए। हर परिस्थिति का मुकाबला करना चाहिए।

परिवार वालो ने निकला घर से

ग्रेजुएशन के पहले साल में ही ऐनी ने माता-पिता के खिलाफ जाकर अपनी पसंद के लड़के से शादी कर ली थी। शादी उनकी कुछ ही समय तक टिकी, उनके पति से अनबन होने लगी, यही वजह रही कि जब एनी पति से अलग हुई, तो नाराज परिवार वालो ने भी उसे अपने यहां रखने से साफ माना कर दिया।

इस बुरे समय मे दादी ने उनका साथ दिया। दादी के साथ रहने के दौरान उन्‍होंने अपनी शिक्षा को लेकर कभी समझौता नहीं किया। अपनी शिक्षा जारी रखी। बुरे समय को भी मुस्करा कर गुजार दिया। उन्‍होंने पहले ग्रेजुएशन पूरा किया और बाद में डिस्‍टेंस लर्निंग से पोस्‍ट ग्रेजुएशन किया।

दादी ने दिया साथ

इसके बाद वह अपनी दादी के घर पर जाकर रहीं। उन्‍हें आजिविका चलाने के लिए नोकरी भी कीं। पेट पालने के लिए कुछ तो करना था। बच्चे की जिम्मेदारी भी थी। उन्‍होंने घर-घर जाकर इंश्‍योरेंस बेचा, फिर शिकंजी बेची तो त्‍योहारों पर मेलों में आइसक्रीम भी बेची, लेकिन उन्‍होंने अपने सपनों के रास्‍ते में किसी भी दीवार को आड़े नहीं आने दिया। हर जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ते चली गई।

10 वर्ष का कड़ा संघर्ष

पति से अलग होने के बाद एनी ने करीब 10 वर्ष का तक संघर्ष किया। जिंदगी संघर्षो से भरी हुई है लेकिन किसी किसी की ऐसी संघर्ष की कहानी होती है जिसको सुन आंखे नम हो जाती है। एनी 31 वर्ष की हो चुकी है, लेकिन इन दस वर्षों में एनी ने अपनी मुसीबतों का डटकर समाना किया। कभी हार नही मानी, उनके इस हौसले ने उन्हें पुलिस स्‍टेशन की सब इंस्‍पेक्‍टर के तौर पर नई जिंदगी शुरू करने का सुनहरे अवसर दिया है। ऐनी ने हाल में अपना पदभार भी संभाला लिया है। इसके बाद से ही उन्‍हें फिल्‍म स्‍टार शुभकानाएं दे रहे हैं।

जहां बेचा नींबू पानी, वहीं संभाला SI का पोस्ट

एनी शिवा ने जिस पुलिस स्टेशन में सब-इंस्पेक्टर का पद संभाला, ये वही जगह है जहां एक समय वह नींबू पानी बेचकर अपना पेट भरती थी। बीमा पॉलिसी का काम भी किया, लेकिन उसमें घर की जरूरत पूरी नही हो पा रही थी। ज्यादा पैसे कमाने के लिए उन्होंने त्योहारों और खास मौकों पर नींबू पानी और आइस्क्रीम बेचना शुरू कर दिया।

जिस जगह आंसू बहाए, वहीं मिली पोस्टिंग

एनी शिवा (Anie Siva) ने बताया, ‘मुझे पता चला कि मेरी पोस्टिंग कुछ दिन पहले ही वर्कला पुलिस स्टेशन में हुई है। यह एक ऐसी जगह है, जहां मैंने अपने छोटे बच्चे के साथ आंसू बहाए और तब मेरा साथ देने वाला कोई नहीं था। मैं बहुत अकेली थी। कोई मेरी बात सुनने वाला भी नही था। लेकिन मैंने हौसला नही हारा। एनी के रिश्तेदारों ने उन्‍हें पुलिस अफसर की नोकरी करने के लिए मोटिवेट किया।

उन्होंने कुछ पैसे भी उधार दिए। 2016 में एनी पुलिस अफसर बनी थीं। हालांकि, तीन साल बाद उन्‍होंने सब इंस्‍पेक्‍टर की परीक्षा पास की। डेढ़ साल की प्रशिक्षण के बाद उन्‍होंने प्रोबेशनरी पुलिस सब इंस्‍पेक्‍टर का पदभार संभाला। एनी की कहानी केरल पुलिस (Kerala Police) ने भी शेयर की है और ट्वीट किया, इच्छाशक्ति और आत्मविश्वास का एक सच्चा मॉडल। एक 18 वर्षीय लड़की जो पति और परिवार द्वारा घर से निकलने के बाद 6 महीने के बच्चे के साथ सड़कों पर घूमी, वर्कला पुलिस स्टेशन में सब इंस्पेक्टर बनी है।

केरल पुलिस ने भी दी शुभकामनाएं

केरल पुलिस ने उन्हें उनकी सफलता के लिए बधाई देते हुए ट्वीट किया, वो इच्छाशक्ति और आत्मविश्वास का एक सच्चा मॉडल हैं, एक 18 वर्षीय लड़की जो अपने 6 महीने के बच्चे के साथ पति और परिवार की ओर से सड़कों पर छोड़ दी गई, अब 31 साल की उम्र में वर्कला पुलिस स्टेशन में सब इंस्पेक्टर बन गई है। महिला कभी कमजोर नही हिती है परिस्थिति उनको कमजोर बना देती है। हर परिस्थिति का डटकर मुकाबला करने की हिम्मत होती है।

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