जिन्होंने मात्र 50 रुपए के अपने डिवाइस से दी कई बेजुबानों को आवाज़, बने गरीबो के मसीहा Dr

0
1252
Dr U S Vishal Rao
Story of Dr U S Vishal Rao, Oncologist who have done awesome work. This Doctor Invented a Rs. 50 Device To Give Throat Cancer Patients Their Voice Again. Bengaluru Oncologist Develops World’s Cheapest and Possibly the Best Voice Prosthesis at Rs 50.

File Image Credits: Twitter

Delhi: कहते हैं डॉक्टर भगवान का रूप होते हैं और कई डॉक्टर (Doctor) ऐसे हैं, जो इसे बात को सच बनाकर लोगों के सामने पेश करते हैं। बेंगलुरू के डॉ विशाल राव ने सिर्फ 50 रुपए में एक शख्स की खोई हुई आवाज उसे वापिस दिला दी। डॉ विशाल राव ने सिर्फ 50 रुपए में एक ऐसी डिवाइस बनाई है, जो गले के कैंसर से आवाज खो चुके लोगों को दोबारा बोलने में हेल्प करेगी।

ऑन्कोलॉजिस्ट (Oncologist) डॉ राव (Dr U S Vishal Rao) की इस डिवाइस का वजन महज 25 ग्राम है। डॉक्टर विशाल राव एक ऐसा ही नाम हैं। जिन्होंने अपने एक छोटे से कदम से उन लोगों को एक नई आवाज़ दी जो गले के कैंसर के चलते बेजुबान (Throat Cancer Patients) हो गए थे। आखिर डॉक्टर विशाल ने ऐसा क्या किया कि लोग उन्हें किसी भगवान से कम नहीं मान रहे हैं।

एक ऑपरेशन और बोलने की शक्ति खो देते हैं लोग

माना जाता है कि भारत में हर साल हर 1 लाख में से करीब 20 लोग गले के कैंसर का शिकार हो जाते है। इतना ही नहीं यह आंकड़े लगातार बढ़ते भी जा रहे हैं। गले का कैंसर एक ऐसी बीमारी है, जिसमें मजबूरन ऑपरेशन करवाना ही पड़ता है। ऑपरेशन की यह प्रक्रिया आसान नही होती है और इसके चलते मरीज़ के गले से वॉइस बॉक्स (Voice Box) निकालना पड़ता है।

इस वॉइस बॉक्स के बाहर निकलते ही मरीज़ अपनी बोलने की शक्ति खो बैठता है। जिस व्यक्ति ने पूरी जिंदगी बोला हो और जब वह एक पल में बोलने की शक्ति खो बैठता है तो उसकी जिंदगी उस एक पल में ही परिवर्तित जाती है। वह अपने आपको असहाय महसूस करने लगता है। अपने मेडिकल करियर में डॉक्टर विशाल राव (Doctor Vishal Rao) ने ऐसे न जाने कितने ही मरीज़ देखे जो ऑपरेशन के बाद बोल नहीं सके और उन्होंने अपनी आखों के सामने कितनी जिंदगी बिखरते हुए देखी।

जिंदगी जीने का सपना छोड़ देते है इतने निराश हो जाते है लोग। ऐसे में वित्तीय रूप से अमीर लोग तो जैसे-कैसे अपनी जिंदगी का गुजारा कर लेते हैं मगर गरीब से आने वाले कई लोगों की रोज़ी-रोटी तक उनसे दूर हो जाती है। यह सब देखकर डॉक्टर विशाल का दिल भी पिघल गया और उन्होंने यह ठाना की इन लोगों के लिए कुछ तो करके रहेंगे। बस फिर क्या था उस दिन के बाद से उन्होंने अपना यह काम प्रारंभ कर दिया।

ऐसे में जो लोग सक्षम होते है, बह महंगे महंगे वॉइस बॉक्स को खरीद अपना काम चला लेते है, लेकिन गरीब इंसान इन महंगी वॉइस को खरीदने सक्षम नही होता। यही सोच कर डॉ विशाल राव दुनिया की सबसे सस्ती वॉइस बॉक्स (World Cheapest Voice Box) का आविष्कार किया। जिसकी मदद से आम आदमी से लेकर गरीब तबके का इंसान भी अपनी आबाज में बोल सकता है। अपने मेडिकल करियर में डॉक्टर विशाल राव ने ऐसे न जाने कितने ही मरीज़ देखे जो ऑपरेशन के बाद बोल नहीं सके। अपनी जिंदगी से निराश हो जाते है।

सबसे सस्ता वॉइस बॉक्स गरीबो के लिए

अब तक वॉइस-बॉक्स सिर्फ अमेरिका और अन्य यूरोपियन देशों में बनाए गए थे। इनकी कीमत 35 से 40 हजार के बीच होती है जिसे चुकाना सभी के बस की बात नही अमीर लोग तो इसे चुका देते है, लेकिन गरीब इंसान इधर टूट जाता है उसके पास इतना पैसा नही होता है कि इसे खरीदने के लिए सोच भी सके। बाजार में मिलने वाली डिवाइस महंगी हैं।

ऐसे में बेंगलुरू के डॉ विशाल राव ने सिर्फ 50 रुपए (50 Ru) में एक ऐसी डिवाइस बनाई है, जो गले के कैंसर से आवाज खो चुके लोगों को दोबारा बोलने में हेल्प करेगी। इस डिवाइस का वजन महज 25 ग्राम है। बाजार में पहले से जो डिवाइस उपलब्ध हैं उनकी कीमत 20 हजार रुपए या उससे भी ज्यादा है और ये महंगी डिवाइस हर 6 महीनों में बदलनी पड़ती है। ऐसे में डॉ राव की बनाई यह डिवाइस मिडल क्लास मरीजों के लिए अफोर्डेबल होगी। इसको खरीद गरीब भी अपने सपनो को साकार कर पाएंगे। ये डिवाइस अमीर और गरीबी के फासले को कम कर देगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here