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Hanumangarh Rajasthan: भारतीय समाज में रूढ़िवादी सोच के लोग आज भी बेटी पैदा होने को बुरा मानते हैं। पुरुष सत्ता पर टिके इस समाज में महिला को हर चीज में कम आंका जाता है। आज भी हमारे समाज में महिलाओं (Women) को कमजोर समझा जाता है और उन्हें घर से बाहर निकलने की आजादी नहीं मिलती।
कहते हैं कि अगर आपमें किसी चीज को पाने की जिद है और आप उसके लिए मेहनत करते हैं, तो आपको उस मुकाम तक पहुंचने से कोई नही रोक सकता जिसके लिए आपने मेहनत की है। परिस्थितियों चाहे कैसी भी हों, आप अपनी मेहनत और लगन से सफलता अपने नाम कर सकते हैं।
राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के रावतसर की तीन सगी बहनों (3 Sisters) ने एक साथ आरएएस अफसर (RAS Officer) बनकर इतिहास रच दिया है। इन तीनों बहनों ने अपनी लगन से ये साबित कर दिया है कि अगर अच्छी परवरिश दी जाए तो बेटियां बोझ नहीं वरदान साबित होती हैं। राजस्थान प्रशासनिक सेवा में तीनों ही बहनें एक साथ बैठी थीं और अब एक साथ पास भी हुई हैं।
इन तीनों ही बहनों ने एक साथ सरकारी स्कूल में पांचवीं तक पढ़ाई की थी। लोग 5 बेटियों के जन्म पर ताने मा-रने लगे। लोगों ने कहा कि क्या अब इन्हें आईएएस बनाओगे। यह बात सच साबित हो गई। आज इन पाचों बेटियों ने अपने मां-बाप का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है।
तीन सगी बहनों ने एक साथ आरएएस (Rajasthan Administrative Service) अफसर बनकर इतिहास रच दिया है। इन तीनों बहनों ने अपनी लगन से ये साबित कर दिया है कि अगर अच्छी परवरिश दी जाए तो बेटियां बोझ नहीं वरदान साबित होती हैं। इन तीन सगी बहनों की इस उपलब्धि पर पूरे गांव को गर्व है।
All five sisters, daughters of a farmer, Sahdev Saharan, are now Rajasthan Administrative Service (RAS) officers.
Anshu, Reetu, Suman, Roma & Manju, 5 lady civil servants in the house!💪
Parents must be beaming in pride🙏#WomenPower@abhijitmajumder @Iyervval @KanchanGupta pic.twitter.com/3iduofYxM5
— Sajeda Akhtar (@Sajeda_Akhtar) July 16, 2021
आरएएस (RAS) में चयनित ये बेटियां के पिता सहदेव सहारण (Farmer Sahdev Saharan) खुद को अनपढ़ बताते हैं, लेकिन अपनी बेटियों को शिक्षित करने में उन्होंने कोई कसर नहीं छोड़ी। बेटियों को उचित शिक्षा देने पर गाँव के लोग उनको ताने सुनते थे कि बेटियों को ज्यादा नही पढ़ाना। लेकिन 5 बेटियों के पिता ने किसी की एक ना सुनी। अपनी बेटियों को अच्छी शिक्षा देने के लिए हर सम्भव प्रयास किया।
इन तीनों बेटियों ने वर्ष 2018 की आरएएस परीक्षा में हिस्सा लिया था। जैसे ही परीक्षा परिणाम घोषित हुआ, तो इस परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। पिता सहदेव सहारण (Sahdev Saharan) भी लोगों के फोन कॉल पर बधाइयां लेने में व्यस्त हो गए। पिता का कहना है कि उन्होंने कभी भी बेटियों को पढ़ने से नहीं रोका, हमेशा उनको आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। हमेशा उनके मनोबल को बढ़ाया जिसका नतीजा सबके सामने है।
भैरूसरी गांव (हनुमानगढ़) निवासी श्री सहदेव सहारण जी की तीन बेटियों ने #RAS बनने में सफलता हासिल की है। एक निम्न वर्गीय परिवार से होने के कारण 5वीं कक्षा के बाद कभी स्कूल नहीं जाने वाली इन पांचों बहनों ने अपनी लगन से तमाम बाधाओं को दूर कर लक्ष्य को हासिल कर दिखाया है।#WomenRising pic.twitter.com/h2wtq7oPvr
— Vasundhara Raje (@VasundharaBJP) July 15, 2021
तीनों की सफलता से जुड़ी एक और बात खास है कि ये 5वीं क्लास के बाद कभी स्कूल नहीं गईं। दरअसल, गांव में स्कूल नहीं था और किसान पिता शहर में बेटियों को स्कूल में पढ़ाने में असमर्थ थे। ऐसे में उन्होंने घर पर ही रहकर एक-दूसरे की मदद से पढ़ाई की। स्कूल और कॉलेज ही नहीं पीएचडी तक की पढ़ाई घर से ही पूरी की।
अंशु, सुमन और रितु का आरएएस परीक्षा-2018 (RAS Exam) में चयन हो चुका है। इसके चलते गांव में खुशी का माहौल बना हुआ है। सहारण का परिवार गुरूवार को जयपुर से गांव पहुंचेगा तो गांव वाले उनका जबरदस्त तरीके से स्वागत करेंगे। सहदेव खुद आठवीं तक पढ़े हुए हैं लेकिन उन्होंने अपने बेटियों को यहां तक पढ़ाने का काम किया है। वही, उनकी पत्नी लक्ष्मी निरक्षर है।
Anshu, Ritu and Suman, 3 sisters from Hanumangarh, Rajasthan cleared RAS together. They are 5 sisters, and other two Roma and Manju were already RAS officers.
Such a proud moment for whole country especially their father Shri Sahdev Saharan ji who is a farmer.#RAS #Proud pic.twitter.com/hW1uaLu7sK
— Hope Humanity (@TheHopeHumanity) July 16, 2021
मेहनत करने वालों की कभी हार नही होती। आपका हुनार ये नही देखता की बड़े शहर से आते हैं या छोटे गांव से, अंग्रेजी मीडियम से हैं या हिन्दी मीडियम से, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। अभाव से आवश्यकताएं जन्म लेती हैं, असफलताएं नहीं। राजस्थान के भैरूसरी की 3 बहनों, ऋतु, अंशु और सुमन सहारण ने आरएएस 2018 RAS 2018 Ritu, Anshu and Suman। में चयनित हो, इसे सच साबित कर दिखाया है।
हनुमानगढ़ जिले के भैरूसरी गांव रावतसर तहसील के रहने वाले सहदेव सहारण वैसे तो एक किसान हैं। लेकिन उनकी पांच बेटियां किसी बेशकीमती रत्न से कम नहीं हैं। राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने RAS-2018 के फाइनल परिणाम की घोषणा की, जिसमें इन सभी बहनों का चयन हुआ।
Born to school drop out father, unletterred mother, 5 sisters have cracked #RAS exam. They're mostly home schooled.
Epitome of determination and perseverance, we wish them the best on joining India's 'Steel Frame'@RajCMO @IASassociation @timesofindia #bureaucracy #women pic.twitter.com/L5aSuuSMhH
— Bureaucrats India (@BureaucratsInd) July 16, 2021
सहदेव सहारण खुद आठवीं तक पढ़े हैं और उनकी पत्नी लक्ष्मी देवी सहारण निरक्षर हैं। उनकी एक बेटी रोमा, झुंझुनूं के सूरजगढ़ और दूसरी बेटी मंजू, नोहर के को-ऑपरेटिव बैंक में पोस्टेड हैं। तीनों बहनों ने एक इंटरव्यू में अपनी इस सफलता का श्रेय, अपने माता-पिता को दिया। उनका कहना है कि हम सभी बहनें, यहां की दूसरी बेटियों को भी आगे लाने का काम करेंगी।



