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Delhi: सपनों के आगे पैसों की कोई कीमत नहीं होती इस कथन को सच साबित कर दिखाया हिमांशु जैन ने, उन्होंने 22 लाख का सालाना सैलरी पैकेज ठुकरा कर IAS बनने के सपने को सच करने निकल पड़े। मंजिल कठिन थी, लेकिन असम्भव नही थी। हिमांशु जैन हरियाणा के जींद के रहने वाले हैं।
उन्होंने बड़ी मल्टीनेशनल ऑनलाइन रिटेलर कंपनी ‘अमेजन’ में लाखों की पैकेज को दरकिनारे कर समाज को कुछ देने के लिए सिविल सर्विस का रास्ता अपनाया। उनके पिता जींद में ही दुकान चलाते हैं हिमांशु जैन बताते हैं, वह एक मिडिल क्लास फेमली से तालुकात रखते हैं। उन्होंने अपने शुरुआती पढ़ाई जींद के DAV स्कूल से की।
शुरुआती पढ़ाई के बाद उन्हें हैदराबाद के ट्रिपल आईटी (IIIT) में कंप्यूटर साइंस में दाखिला मिल गया। कंप्यूटर साइंस से बीटेक करने के बाद हिमांशु ई रीटेलिंग कंपनी अमेजन में इंटर्नशिप करने लगे। तीन महीने की इंटर्नशिप खत्म करने के बाद अमेजन ने उन्हें 22 लाख का पैकेज ऑफर किया।
हिंमाशु को अपने सपने सच करना था, हिमांशु के दिमाग में तो कुछ और ही चल रहा था। बचपन से ही आईएएस बनने का सपना देखने वाले हिमांशु को लगा कि अब मुझे नौकरी या यूपीएससी में से एक का चयन करना होगा। वह अपने कैरियर की समस्या में मानो उलझ गये थे।
22 लाख का भारी लाखो का पैकेज छोड़कर आईएएस की तैयारी करना कोई Easy काम नही था, लेकिन हिमांशु ने अपने सपनो को महत्त्व देते हुए नौकरी करने की बजाय आईएएस की तैयारी को अपना लक्ष्य बना लिया। उन्होंने अपने होसलो को कम नही होने दिया।
अपनी मेहनत पर उनको पूरा भरोसा था। इस भरोसे की दम पर वो आगे निकल पड़े अपनी मंजिल की ओर। रास्ता कठिन है ये मालूम था लेकिन सपने को सच कर दिखाना था। उनकी चाची मीनाक्षी जैन अस्पताल में बैठकर उन्हें घंटों तैयारी करवाया करती थी। क्योंकि हिमांशु के चाचा और चाची डॉक्टर है और वे हिमांशु से बहुत प्यार भी करते हैं।
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— Drishti IAS English (@drishtiiaseng) August 4, 2020
इसी मेहनत का फल था कि हिमांशु जैन (Himanshu Jain IAS ) आज IAS बन गए हैं। हिमांशु के पिता पवन जैन कहते हैं कि उनके चाचा डॉ अनिल जैन IIIT की परीक्षा पास करने के बाद हिमांशु के अंदर IAS बनने के सपने को बनाये रखा। हिमांशु कहते हैं चाची ने उनके अंदर आईएएस बनने के सपने को साकार करने के लिए उनके होसलो को कभी टूटने नही दिया।
उसके होसलो को मजबूत बनाये रखा जिसका परिणाम था कि उन्होंने यह Exam दिया और परीक्षा पास भी कि। हिमांशु अब आईएस बन गए हैं वह समाज के कई युवा पीढ़ी को नई दिशा देना चाहते हैं। ऐसा कम ही होता है कि अच्छी लाखो की नौकरी करने की बजाय आईएएस की तैयारी को चुना जाए। लेकिन हिमांशु को खुद पर भरोसा था।
#BREAKING #दिल्ली: IAS आशिका जैन पंजाब कैडर में गई, कैडर मैरिज के आधार पर पंजाब कैडर मिला, पंजाब कैडर के हिमांशु जैन से शादी हुई है, डीओपीटी ने आशिका जैन का कैडर बदला। @IASassociation @brajeshlive
— भारत समाचार (@bstvlive) July 10, 2018
उन्हें अपने हुनार और मेहनत पर भरोसा था इसलिए बिना कुछ सोचे उन्होंने नौकरी नहीं की और तब जबकि नौकरी करते हुए वे ज्यादा पैसे कमा सकते थे, बजाय IAS बनकर पैसा कमाने के। हिमांशु के परिवार वालो का कहना है कि एक दिन हिमांशु के स्कूल में कलेक्टर निरीक्षण करने आए।
कलेक्टर के रुतबे और पावर को देख हिमांशु ने अपनी क्लास की शिक्षिका से पूछा था ये कलेक्टर कैसे बनते हैं। इसके लिए कोनसी पढ़ाई करनी होती है। बस उसी दिन से हिमांशु ने कलेक्टर बनने का सपना मन मे संजोय लिया था। लाखो की नोकरी मिलने के बाद भी उन्होंने अपने सपने को महत्व दिया। अपने बचपन के सपने को सच करने के लिए उन्होंने लाखो की नोकरी छोड़ अपने सपने को चुना। आज अपनी कोशिश से वह आईएएस बन भी गए।



