
Delhi: गृह मंत्रालय ने कश्मीर में कानून की व्यवस्था सही तरीके से बनाए रखने के लिए CRPF सहित अन्य बलों की एक्स्ट्रा 100 कंपनियों को तैनात करने का आदेश जारी कर दिया है। कश्मीर में अर्धसैनिक बलों की 100 और नई कंपनियां तैनात की गई हैं। कश्मीर में मौजूद हालत को देखते हुए काउंटर इंसरजेंसी ग्रिड को और ताकतवर बनाने के लिए सरकार ने अहम कदम उठाया है।
कुछ ही दिनों में तकरीबन 16000 और सैनिक घाटी की सुरक्षा में तैनात हो जाएंगे। ऐसा अनुमान लगया जा रहा है कि 15 अगस्त के दिन स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य पर सरकार आर्टिकल 35-A या जम्मू कश्मीर से जुड़े कुछ और मामलों पर बड़ा फैसला ले सकती है।
गृह मंत्रालय ने कश्मीर में कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए CRPF सहित अन्य बलों की एक्सट्रा 100 कंपनियों को तैनात करने का आदेश जारी कर दिया है। मंत्रालय की ओर से जारी खबरो के अनुसार के CRPF की 50, BSF की 10,SSB की 30 और ITBP की 10 कंपनियां तैनात की गई है। खबरो के मुताविक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 अगस्त के प्रोग्राम में हिस्सा लेने जम्मू कश्मीर जा सकते हैं। इसी दिन आर्टिकल 35-A पर कोई अहम ऐलान किया जा सकता है।
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल बिना किसी पूर्व इन्फॉर्मेशन के घाटी के दौरे पर श्रीनगर गए हैं।पिछले दो दिनों से अजीत डोभाल सेना के अलग-अलग अफसरों के साथ मीटिंग कर रहे हैं। अभी तक इस बात का खुलासा नही हो पाया है कि अजीत डोभाल श्रीनगर में किस सीक्रेट मिशन के अंतर्गत गए हैं। कहा जा रहा है कि अपने इस दौरे के दौरान उन्होंने बाबा बर्फानी में विराजमान भोलेनाथ के दर्शन भी किए हैं।
मीडिया की खबरों के मुताविक मिली जानकारी के अनुसार अजीत डोभाल बुधवार को श्रीनगर पहुंचे थे। सेना के पप्रमुख्य की खबरों के अनुसार इस दौरान उन्होंने सुरक्षा व खुफिया एजेंसियों के अफसरों के साथ अलग-अलग मीटिंग की है। उन्होंने कश्मीर में पहुँचकर सुरक्षा व्यवस्था का भी दौरा किया। अजीत डोभाल के इस दौरे को बहुत सीक्रेट रखा गया था।
जानकारी के अनुसार श्रीनगर पहुंचने से कुछ घंटे पूर्व ही अधिकारियों को NSA के पहुंचने की जानकारी दी गई थी। अजीत डोभाल ने राज्यपाल के सलाहकार के विजय कुमार, डीजीपी दिलबाग सिंह, आईजी एसपी पाणि मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रह्मण्यम से बातचीत की। कश्मीर दौरे पर पहुंचे NSA ने इस दौरान IB के आलाधिकारियों से भी बातचीत की। अजीत डोभाल ने इस दौरान किन मामलों पर बातचीत की है इसकी कोई इन्फॉर्मेशन अभी तक प्राप्त नहीं हुई है।
प्रधानमंत्री मोदी सरकार के दोबारा सत्ता में आने के बाद अजीत डोभाल का यह पहला महत्वपूर्ण दौरा है। अजीत डोभाल के कश्मीर में पहुंचने के बाद अनुच्छेद 370 व 35A को खत्म करने की मांग पर अटकलें तेज हो गई हैं। बताया जा रहा है कि शायद इसी उद्देश्य से घाटी पहुंचे थे अजीत डोभाल। जिससे कि वह वहां की सारी सुरक्षा के बंदोबस्त का जायजा ले सकें।



