File Image
Delhi: क्षेत्र के गांव कुडाना निवासी मलिक के पोते सेना में हैलीकाप्टर पायलट बनने से जहां परिवार में खुशी की लहर है वहीं गांव में भी उत्साह का माहौल है। सभी लोग आज आकाश पर गर्व महसूस कर रहे। दादा के सपने को पोते ने पूरा कर दिखाया। मंगलवार को गांव पहुंचने पर उनके दादा ने आकाश पायलट के कंधों पर बैज लगाकर उन्हें सम्मानित किया।
भारत की नंबर वन फालबैक रेजीमेंट लद्दाख स्काउट्स में हेलीकॉप्टर पायलट बनकर गांव कुडाना निवासी आकाश सिंह मलिक ने अपने गांव के साथ शामली जनपद का नाम गर्व से ऊंचा कर दिया। आकाश सिंह की प्रारंभिक शिक्षा अहमदाबाद के कुमकुम इंग्लिश मीडियम से की। 2014 में हाईस्कूल परीक्षा पास कर 12वीं उन्होंने शामली के मदरलैंड पब्लिक स्कूल से 2016 में प्रथम श्रेणी में कंप्लीट की।
जानकारी के अनुसार गांव कुडाना निवासी अशोक कुमार के पुत्र आकाश सिंह शुरुआत से ही पढ़ने में काफी इंटेलिजेंस रहे। उनके पिता अशोक कुमार अहमदाबाद स्थित हिंदुस्तान डोलो लिवर में नौकरी करते थे। आकाश सिंह की शुरुआती शिक्षा अहमदाबाद के कुमकुम इंग्लिश मीडियम में हुई जहां से उन्होंने 2014 में हाईस्कूल की परीक्षा उत्तीर्ण की। 12वीं में उन्होंने शामली के मदरलैंड पब्लिक स्कूल में एडमिशन लिया तथा 2016 में इंटरमीडिएट की परीक्षा प्रथम श्रेणी में पास की।
BSC में डीयू के देशबंधु कॉलेज में अपने अध्ययन के दौरान उन्होंने टीईएस-37 (टेक्निकल एंट्री स्कीम) क्वालिफाइड कर ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी गया में हिस्सा लिया। एक साल की ट्रेनिंग के बाद सेना ने उन्हें आगे की 3 साल इंजीनियरिंग की ट्रेनिंग के लिए सिकंदराबाद भेज दिया, जहां उन्होंने फॉल बैक रेजिमेंट लद्दाख स्काउट जो भारत सेना की नंबर वन रेजीमेंट मानी जाती है, उसमे भाग लिटा तथा आर्मी एविएशन हेलीकॉप्टर पायलट के रूप में 12 जून 2021 को कमीशन प्राप्त किया।
आकाश सिंह की पास आउट परेड समारोह सीमित किया गया तथा बैज लगाने के लिए पेरेंट्स को इनविटेशन नही दिया गया। बैज लगाने की प्रकिया को घर पर ही पूरी करने के दिशा निर्देश दिए गए। मंगलवार को एक संक्षिप्त से कार्यक्रम में आकाश सिंह मलिक के दादा फेरू सिंह मलिक ने उनके कंधों पर बैज लगाकर उन्हें सम्मानित किया। आकाश सिंह मलिक की इस उपलब्धि के बाद गांव के लोग काफी उत्साहित है। इस दौरान इंजीनियर रविंद्र सिंह, वीरसेन मलिक, प्रधानाचार्य सत्यवीर सिंह मलिक, ब्रह्म सिंह राठी आदि उपस्थित रहे।




