चुनरी, कुंडली के साथ पेटी में बच्ची को बहाया, गंगा मैया से यूं मिली दूसरी जिंदगी

0
445
Baby Girl Found Floating in a Box in Ganga River. Baby girl afloat in wooden box in Uttar Pradesh govt’s foster care. Boatman finds ‘daughter of Ganga’ inside decorated ‘sandook’ floating in holy water.

Crap Image Credits: Twitter

Vanaras: जाको रखे सईया मा-र सके न कोई इस कहावत को सच कर दिखाया 21 दिन की मासूम बच्ची ने। गंगा मैया में किसी अज्ञात व्यक्ति ने छोड़ी मासूम बच्ची को बॉक्स (Box) के अंदर रखकर गंगा मैया में बहा दिया, यह सोचकर कि वो गंगा नदी में डूब जाएगी। लेकिन ऐसा कुछ नही हुआ गंगा मैय्या ने उसे अपनी गोद मे ले जाकर किनारे छोड़ दिया।

गंगा नदी में बहते एक बक्से के अंदर मिली नवजात बच्ची देख सभी हैरान रह गए। बच्ची जिंदा थी। उसे एक नाविक ने बचाया था। सबसे आश्चर्यचकित बात यह थी कि बच्ची बक्से के अंदर लाल चुनरी में लिपटी थी। बक्से में बच्ची के साथ उसकी जन्मपत्री थी व कुछ देवी देवताओं की फ़ोटो थी। इसे देख कई लोग बच्ची को गंगा की बेटी कह रहे हैं। तो वहीं कुछ लोग इसे तंत्र मंत्र के मामले से जोड़कर देख रहे हैं।

बच्ची को नाविक उसकी देख रेख के लिए अपने घर ले गया, लेकिन जब पुलिस को इसका पता चला, तो वह बच्ची को घर से कोतवाली ले आई। गुल्लू चौधरी उसे घर लेकर आ गए और इस दौरान कुछ लोगों ने अपने मोबाइल से बच्ची की फ़ोटो ले ली। जानकारी के मुताबिक सूचना पाकर पुलिस गुल्लू चौधरी के घर पहुंची और नवजात बच्ची को कोतवाली ले आई।

हालांकि, इस दौरान गुल्लू चौधरी और उनका परिवार नवजात बच्ची को गंगा की प्रसाद समझ कर उनका पालन पोषण करने के लिए जिद पर अड़ा गया। ददरीघाट निवासी गुल्लू चौधरी मल्लाह को गंगा में बहता एक लकड़ी का बक्सा मिला। जब उन्होंने उसे खोलकर देखा, तो उसमे एक नवजात बच्ची रो रही थी। बच्ची मिलने की जानकारी मिलते ही वहां लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई। लोगों ने मामले की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस बच्ची को आशा ज्योति केंद्र लेकर गई।

गुल्लू चौधरी और उनका परिवार उस नवजात बच्ची को गंगा मैय्या जी की प्रसाद समझ कर उसे पालने की जिद पर अड़ गए। गुल्लू चौधरी की बहन सोनी ने बताया कि कल उनके भाई को यह नवजात बच्ची गंगा नदी के तट पर एक बक्से में मिली थी। वह चुनरी में लपेटी हुई थी। बक्से में देवी माता की फ़ोटो के साथ बच्ची की जन्मपत्री भी रखी मिली। उन्होंने बताया कि जन्मपत्री के अनुसार उसका नामकरण गंगा है और जन्म की तारीख 25 मई है।

यानी आज वो मात्र तीन हफ्ते की हुई है। चूंकि कल और आज बारिश भी हो रही थी, इसलिए उसे हम लोग पहले घर लाए, हम लोग गंगा मैया का आशीर्वाद समझकर उसे पालना चाहते हैं और किसी को देना नहीं चाहते, लेकिन आज दिन में कोतवाली पुलिस आकर उसे अपने साथ ले गई है।

गाजीपुर जिले में गंगा नदी में लकड़ी के बक्से में एक नवजात बच्ची को लेकर काफी लोग उसके पालन पोषण करने के लिए लगे हुए थे, लेकिन अब सरकार बच्ची की देखभाल करेगी। नाविक द्वारा बालिका को बचाना मानवता का अनुपम उदाहरण है। प्रदेश सरकार उन्हें धन्यवाद ज्ञापित की करते हुए आवास की सुविधा देगी। इसके अलावा, अन्य पात्र योजनाओं से भी उसे गाजीपुर में माँ गंगा की लहरों पर तैरते संदूक में रखी नवजात बालिका गंगा की जीवन-रक्षा करने वाले नाविक ने मानवता का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया है। नाविक को आभार स्वरूप सभी पात्र सरकारी योजनाओं से लाभान्वित किया जाएगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here