एवरेस्ट चोटी को फतह करने वाली पहली भारतीय महिला बनीं हिमाचल की बेटी

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Solan girl scales Nepal's peak, gets rousing welcome at home. Baljeet Kaur Become First Indian Women Mountaineers Of Everest Massif.

File Image Credits: Twitter

Bhopal: प्रदेश की बेटी और पर्वतारोही बलजीत कौर माउंट एवरेस्ट समूह की पुमोरी चोटी पर फतह हांसिल करने के बाद रविवार सोलन पहुंची। सोलन पहुंचने पर बलजीत का स्थानीय लोगों ने जोरदार स्वागत सम्मान किया। अगर दिल मे जस्बा हो किसी मुकाम को हासिल करने में तो कोई भी ताकत रोक नही सकती।

बलजीत ने इस चोटी पर फतह करने वाली पहली भारतीय महिला का गौरव हासिल किया है। उन्होंने बताया कि हौसलों की यह उड़ान अब थमने वाली नहीं है और अगले वर्ष ही वह एवरेस्ट पर भी तिरंगा फहराएंगी। बलजीत और उनकी साथी पर्वतारोही राजस्थान की गुणबाला शर्मा 7161 मीटर ऊंची चोटी पुमोरी पर विजय हासिल करने वाली पहली भारतीय महिलाएं बन गई हैं।

बलजीत ने कहा कि इस मुकाम तक पहुंचने में उनके माता-पिता ने उनका हौसला कभी कम नही होने दिया। उनके हौसला को मजबूत बनाये रखने में हमेशा उनका साथ दिया। इसके अलावा अभियान में योगदान देने वाले लोगों में सुरेंद्र जगोता, एडवोकेट उमेश शर्मा, पवन, पंकज गुप्ता, सुरेंद्र कौशल, विनोद, पवन गुप्ता, विश्वदेव पांडे, योगराज, डॉ. चेतना, अमित, अरुण, शेरपा टीम और सभी प्रत्यक्ष-परोक्ष रूप से सपोर्ट करने वालों को शुक्रिया कहा।

बलजीत ने अपनी टीम के साथ 12 मई सुबह साढ़े आठ बजे पुमोरी चोटी पर तिरंगा लहराया। बलजीत कौर ने मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक उन्होंने बताया कि उनकी टीम का माहौल ऐसा था कि यह कठिन मार्ग कैसे गुजर गया उन्हें पता भी नहीं चला। उन्होंने बताया कि ट्रैक पर कई बार हाथ ठंडे हो जाते हैं। चढ़ाई के दौरान एक बार उनके दस्ताने गिर गए, यह उनके लिए परीक्षा की कठिन परिस्थिति थी।

उन्होंने हार नही मानी, बलजीत ने बताया कि उन्हें बचपन से सेना मेें जाने का जुनून था, उनके पापा भी फौज से सेवानिवृत्त थे। इसके कारण उन्होंने एनसीसी Join कर ली थी। वह जून की दूसरे सप्ताह सोलन लौट रही हैं। उन्होंने सपोर्ट देने वाले सोलन के कुछ समाजसेवियों को धन्यवाद दिया।

बलजीत के साथ नूरी शेरपा और गुणबाला के साथ गेलू शेरपा ने इस मिशन को पूरा किया। सोलन की बलजीत कौर इस चोटी पर विजय हासिल करने वाली पहली भारतीय महिला होने का गौरव हासिल किया है। इससे पहले 10 मई को दो भारतीय पुरुषों कुल्लू के हेमराज और स्तेंजिन नोरबो ने भी पहले भारतीय युगल के रूप में पुमोरी को फतह किया था।

जानकारी के मुताबिक पुमोरी एवरेस्ट समूह की कठिन चोटियों में से है। इसे एवरेस्ट की छोटी बहन माना जाता है, जो समुद्र तल से 7,161 मीटर ऊंचाई पर है। एवरेस्ट पर चढ़ने की भी कोशिश कर चुकी हैं, कुछ साल पहले जब वह सोलन कॉलेज में एनसीसी में थी तो एवरेस्ट के एक मिशन का हिस्सा बन चुकी हैं, लेकिन उस दौरान ऑक्सीजन मास्क की खराबी के चलते बलजीत कौर को अभियान बीच में छोड़कर लौटना पड़ा था।

उस दौरान उनके स्पोर्ट्स के कहे गए शब्द कि फिर कोशिश करना एवरेस्ट यहीं रहेगा, उनके लिए प्ररेणा बन गए। बलजीत की शिक्षा सोलन कॉलेज से हुई है और इस दौरान बेहतरीन एनसीसी कैडेट के रूप में बलजीत ने अपनी पहचान बनाई थी।

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