Bhopal: आज तक अपने लोगों को प्यार में बड़े बड़े वादे करते हुए देखा होगा। साथ जीने मरने की कसमें खाते भी देखा होगा। लेकिन कुछ ही वक्त में यह प्यार और ऐसी कसमे टूट जाती हैं। लेकिन आज हम आपको एक ऐसे पति पत्नी के जीवन की स्टोरी बताने जा रहे हैं, जिन्होंने शादी में लिए गए साथ जन्मों तक साथ निभाने के वादे को सचमुच सही सावित कर दिखाया है।
मुरैना जिले के चमरगवा गांव में रहने वाले 85 वर्षीय भागचंद जाटव को बीमारी की वजह से उनके बेटों ने अस्पताल में भर्ती कराया। इलाज के दौरान भागचंद की मौत हो गयी, उनकी मौत के दो घंटे बाद ही पत्नी छोटी बाई गांव में दम तोड़ दिया।
भागचंद के बेटे जब पिता का शव लेकर गांव पहुंचे तो देखा की घर पर मां की भी मौत हो चुकी है। जिसके बाद दोनों का अंतिम संस्कार एक साथ किया गया। इस बुजुर्ग दम्पत्ति ने अपना पूरा जीवन साथ में प्यार से बिताया, और इस बुजुर्ग जोड़े ने अपनी अंतिम सांस भी एक साथ ली।
यह सभी की आंखे नम कर देने वाली प्रेम कहानी मध्यप्रदेश के मुरैना की है। यहां पर एक बुजुर्ग पति पत्नी ने अपने जीवन में खाई गई कसमों को रियल लाइफ में निभा कर दिखा दिया है। इस जोड़े ने अपनी अंतिम सांस भी एक साथ ली इस तरह एक साथ प्राण त्यागने तक साथ रहकर के यह दोनों एक साथ ही परलोक चले गए।
ये देख सभी लोग चकित है और इस जोड़े के प्रेम को सलामी दे रहे हैं। मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में रहने वाले 85 वर्षीय भागचंद जाटव इस दुनिया को अपनी धर्मपत्नी के साथ छोड़ गये। भाग चंद्र जाटव एक बीमारी से पीड़ित थे जिसके कारण उनके पुत्रों ने उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती करवाया था। जहां पर डॉक्टर उनकी जान बचाने में सफल नही हो पाए।
भागचंद जाटव जब इस दुनिया को छोड़ गए हैं ठीक उसके 2 घंटे बाद उनकी पत्नी भी इस दुनिया को अलविदा कह गई। उनके बेटों को यह बात मालूम नहीं थी जब बेटे अपने पिता के पार्थिव शरीर को घर लेकर के आए तो उन्होंने देखा कि पति की मृत्यु की जानकारी सुनकर के उनकी बुजुर्ग मां भी इस दुनिया को अलविदा कह कर के स्वर्ग को चली है।
ये देखकर उनके बेटों के पैरों तले जमीन खिसक गई बेटो ने काफी नम आंखों के साथ अपने बूढ़े माता-पिता का अंतिम संस्कार किया। एक झटके में इस परिवार ने अपने माता-पिता को एक साथ खो दिया। उनके बेटों का कहना है कि उनके माता-पिता के बीच में बहुत अधिक प्रेम और लगाव था वे बताते हैं कि यह दोनों कभी भी एक दूसरे को छोड़कर के कहीं नहीं जाते थे। भागचंद और उनकी पत्नी की यात्रा में पूरा गांव शामिल हुआ। दोनों ने जिस तरह से प्राण त्यागे उसकी चर्चा पूरे क्षेत्र में हो रही है। दोनों के पार्थिब शरीर पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर गांवभर ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।




