लगातार 8 बार फेल होने वाला ये स्‍टूडेंट UPSC टॉप किया, इस तरह IES अफसर बन गया

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IES Vaibhav Chhabra
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Photo Credits: Nimisha Chhabra Sengupta on Social Media

Delhi: आज हम आपको एक ऐसे स्टूडेंट की कहानी बता रहे है, जो आपको बहुत प्रेरणा देगी। UPSC मतलब संघ लोक सेवा आयोग का सिविल सर्विस एग्जाम देश के पसबसे बड़े एग्जाम्स में से एक है। सिविल सर्विस एग्जाम के लिए हर साल लगभग 10 लाख आवेदन किए जाते हैं।जिसमें से करीब 1 हजार स्टूडेंट सेलेक्ट होते हैं।

वैसे तो हर उम्मीदवार अपने पहले प्रयास में ही इस परीक्षा UPSC को क्रैक करना चाहता है, लेकिन असल में बहुत कम ऐसा कर पाते है। सिविल सर्विस एग्जाम पास करने का सफलता रेट 0.2% है। 1000 में 2 लोग इस एग्जाम को क्लियर कर पाते हैं। आज की कहानी भी ऐसे उम्मीदवार की है, जो एस एग्जाम में बार-बार फेल हुआ, लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी और फिर 2018 में उन्हें सफलता मिली।

यहाँ हम बात कर रहे है वैभव छाबरा के बारे में। वैभव छाबरा ने 2018 में IES (Indian Engineering Services) exam क्वालिफाई किया। इस एग्जाम को Engineering Services Exam (ESE) भी कहा जाता है। ये नेशनल लेवल रिक्रूटमेंट एग्जाम यूपीएसीस द्वारा ही आयोजित किया जाता है। वैभव ने IES 2018 में AIR 32 प्राप्त की।

वैभव के बारे में छपी मीडिया रिपोर्ट्स बताती है की वो शुरुआत से पढ़ाई बेहद साधारण स्टूडेंट रहे थे। उन्होंने नेताजी सुभाष इंस्टीट्यूट से बीटेक में 56 प्रतिशत नंबर प्राप्त किए। पढ़ाई में उन्हें कुछ खास हासिल नहीं किया। इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने 2 साल तक कोचिंग इंस्टिट्यूट में पढ़ाया। इसी दौरान उन्हें लगा वे जहां हैं, उससे और अच्छा कर सकते हैं।

वैभव ने बीएसएनएल में नौकरी भी की थी। एक समय के बाद उन्होंने नौकरी छोड़कर UPSC की तैयारी करना शुरू कर दिया। वे शुरु में पढ़ाई पर फोकस नहीं कर पा रहे थे। परन्तु उनकी ज़बरदस्त चाह ने उन्हें प्रेरित किया। शुरु में उन्होंने कुछ घंटे पढ़ना शुरू किया। फिर धीरे-धीरे पढ़ाई का समय बढ़ा दिया।

वैभव ने एक लाइब्रेरी जाना भी चालु कर दिया था। उनकी पढ़ाई में दिलचस्पी बढ़ती गई और 12 घंटे तक लाइब्रेरी में पढ़ने में उन्हें मज़ा भी आने लगा था। इस दौरान उनकी पीठ पर चोट लगी थी, जिसके चलते वे 7-8 महीने बेड पर रहे। 7-8 महीने बेड पर रहने के बावजूद भी पढ़ाई नहीं छोड़ी। बेड पर ही लेटे-लेटे पढ़ाई करते रहे। लगातार कोशिशों के बाद साल 2018 में उन्हें सफलता परैप्ट हो ही गई। वैभव ने IES 2018 में AIR 32 प्राप्त कर ली। रिपोर्ट्स बताते है की पास होने के पहले वे 8 बार असफल भी हुए।

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