Delhi: भारतीय क्रिकेटर सुरेश रैना (Suresh Raina) फिलहाल टीम इंडिया (Team India) से बाहर चल रहे हैं। Suresh Raina नीदरलैंड्स में पत्नी के साथ हैं और सर्जरी के बार रिहैब की प्रक्रिया से गुजर रहे हैं। रविवार को उन्होंने कश्मीरी पंडितों (Kashmiri Pandits) के बारे में ट्वीट किया और कहा कि वे फिर से अपने घर जाना चाहेंगे।
सुरेश रैना का परिवार मूल रूप से जम्मू कश्मीर का रहने वाला है। किन्तु उनका जन्म उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मुरादनगर में हुआ था। उनके पिता फौज में थे और वे कश्मीर से यूपी आए थे। रैना का परिवार रैनावाड़ी का रहने वाला है। रैना ने बीजेपी सांसद राज्यवर्धन राठौड़ (Rajyavardhan Rathore) के वीडियो को रिट्वीट करते हुए लिखा, कश्मीरी पंडितों की हालत पर मदद करने के लिए नरेंद्र मोदी और राज्यवर्धन राठौड़ का शुक्रिया। हम सब बहुत जल्दी लौटेंगे।
भाजपा नेता और मंत्री राज्यवर्धन राठौड़ (Rajyavardhan Singh Rathore) ने कश्मीरी पंडितों के बारे में बोलते हुए इंटॉलरेंस और अवार्ड वापस करने वालों को घेरा। उन्होंने अनुच्छेद 370 हटाने और नागरिकता संशोधन कानून लागू करने का समर्थन भी किया। राठौड़ ने कहा, आज सोशल मीडिया पर अपने देशवासी कश्मीरी पंडितों की आप-बीती सुनकर, उनकी पुराने यादें देखकर दिल दहलता है।
Thank you @narendramodi and @Ra_THORe for helping the #KashmiriPandits situation ☝️✌️we all will be back there very soon 🇮🇳☝️ https://t.co/PeR2FJnk6p
— Suresh Raina🇮🇳 (@ImRaina) January 19, 2020
अपने ही देश में अपने पुश्तैनी मकानों को, अपनी पूरी संपत्ति को छोड़कर रात के अंधेरे में जान बचाकर भागना पड़े और अपने ही देश में रिफ्यूजी बनना पड़े, ऐसा कौनसे देश में हआ। हमारे देश में हुआ। 30 वर्ष से ये लोग रिफ्यूजी बनकर रह रहे हैं और आज एक वर्ग है जो बात करता है इंटॉलरेंस की, ह्यूमन राइट्स की। कहां थे ये लोग जब कश्मीरी पंडि़तों के साथ यह हो रहा था।



