
Photo Credits: Twitter And Instagram(@cowsblike)
Jodhpur: सनातन धर्म और हिन्दू सभ्यता के अनुसार गाय (Cow) को देवी देवता का दर्जा दिया गया है। लोगों का मानना है कि एक गाय के अंदर 33 कोटि देवी देवताओं का वास है और स्वयं श्री कृष्ण ने इनकी सेवा की है और गौ से प्राप्त पंच तत्वों को अमृत कहा है।
यह एक व्यवसाय में उपयोग होने वाला पशु भी है। इनसे प्राप्त उत्पाद से लोग बड़े से बड़ा व्यापार करते है। गाय से प्राप्त दूध शरीर को शक्तिशाली बनाता है। ये पालतू जानवरों में आती है लोग इनको घरों में पालते है। उनके लिए एक अलग जगह का इंतजाम करते है। परंतु आपको आज ऐसी कहानी बताएंगे। की आप भी सोच में पड़ जाएंगे की ऐसा कैसे हो सकता है।
एक परिवार में पल रही गाय एक सदस्य की तरह घर में रहती है। एक प्लेट में खाती है और डब्ब्लब के गड्ढो में सोती है जान कर हैरानी होगी। परंतु यह सच है राजस्थान (Rajasthan) के जोधपुर (Jodhpur) के एक परिवार में 3 गाय है जो घर के सदस्यों की तरह रहती है, आइये जानते है उनके बारे में विस्तार से।
जोधपुर का गौ प्रेमी परिवार जिसका गौ वंश के प्रति गहरा रिश्ता है
आज तक तो हम सुनते थे और देखते थे की कुत्ते बिल्ली घर के अंदर रहते है और धमाचौकड़ी मचाते है। ये पालतू जानवर घर के रसोई से लेकर बेड रूम तक घूमते रहते है। जो सुख सुबिधा घर के बाकी सदस्यों को मिलती है। वही इन्हों भी मिलती है।
बिस्तर पर चादर ओढ़ कर सोने से लेकर थाली में खाते पीते है। परंतु आज एक अनोखी बात सामने आई है, राजस्थान की ‘सन सिटी’ कहलाने वाली सिटी जोधपुर में एक ऐसा परिवार देखा गया जो गोपालक है और ये परिवार घर में पाली जाने वाली गायों को परिवार का सदस्य समझते है। ये गाय किसी बाड़े में नहीं रहती ये घर के अंदर सभी जगहों पर खुली घूमती रहती है। बेड पर सोती हैं और सभी लोगो की तरह चादर ओढकर सोती हैं।
आपको ये सब जान कर थोड़ा अजीब जरूर लगेगा परंतु इन में से एक एक बात सत्य है। जोधपुर के इस परिवार को आप गोपालक या गोप्रेमी परिवार भी कह सकते है। इन गायों को पूरी छूट है जैसे परिवार के सभी सदस्यों को है। जोधपुर सिटी के पाल रोड पर एम्स अस्पताल के करीब निवासरत संजू कंवर और उनका परिवार पूरे क्षेत्र में अपने इस निराले काम के लिए चर्चे में है।
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गाय बेडरूम में खेलती है और बिस्तर पर आराम से सोती है और उनको ऐसा करने से कोई नहीं रोकता। इस परिवार ने इंस्टाग्राम पर ‘काउजबीलाइक (cowsblike)’ नाम से एक पेज भी बनाया हुआ है, जो गाय ‘गोपी’, बछड़ी ‘गंगा’ और बछड़ा ‘पृथु’ नाम है इनकी तस्वीरें और वीडियोज लोगो के साथ शेयर करती हैं।
बछड़े के जनम के बाद घर के अंदर रहना सोना हुआ शुरू
इस परिवार ने एक इंटरव्यू के दौरान परिवार के एक सदस्य अनंत सिंह (Anant Singh) ने बताया कि उनकी मां संजू कंवर को गौमाता (Gaumata) से बेहद लगाव है और वे उन्हें बहुत प्यार करती है। इस परिवार को गौपालन करते हुए कई वर्ष बीत गए परंतु गाय पहले घर के बाहर रहती थी। फिर करीब 4 साल पहले जब उनकी गाय ने पहली बार एक बछड़े को जन्म दिया। तब उस बछड़े को घर के अंदर लेकर आए जब से ही गाय घर में रहने लगी।
गायों को दिया गया प्रशिक्षण
अनंत सिंह कहते है कि शुरुआती दौर में उन्हें थोड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा जैसे वे बेड पर ही मल-मूत्र कर देती थी। फिर धीरे-धीरे उनको प्रशिक्षण दिया गय। उनको बेड से उठा कर किसी एक जगह पर बांध दिया गया।
हमारी लाड़ली प्रभा ❤️ pic.twitter.com/EeUA2LtLnq
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जब वे गोबर कर देती तो उनको वापस से ही खुला छोड़ दिया जाता। तो ऐसे में उनकी एक जगह निश्चित हो गई। जिससे वे भी समझ गए कि अब उनको यहां एक जगह पर गोबर और मूत्र करना है। अब वे हमेशा ऐसा ही करते हैं। अनंत बताते है कि उनका घर बहुत बड़ा नहीं है। फिर भी गौ माता हमारे घर की सदस्य गोपी, गंगा और पृथु (Gopi, Ganga, Prithu) बन कर रहती है।
नगर निगम ने पकड़ लिया था, गायों को इसलिए हुई थी खूब परेशानी
एक बार की बात है, जब इस परिवार को अपनी गाय के लिए बहुत सारी परेशानी का सामना करना पड़ा था। अनंत सिंह बताते है कि एक बार उनकी गायों को नगर निगम की टीम के द्वारा पकड़ लिया था। जिससे उन्होंने काफी परेशानी के बाद गायों को उनकी टीम से आजाद कराया पाया था।
Hi You Come closer !! #cowsblike pic.twitter.com/SmfjFwQTpH
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इस परेशानी से उन्होंने निर्णय लिया कि अब से उनकी सभी गाय घर के अंदर रह कर पालेगी। संजू कंवर (Sanju Kanwar) ने स्वयं अपनी दिनचर्या बनाई है कि कब गायों को चारा दिया जाएगा और कब उन्हें नहलाया जाएगा। लोग इनके घर को काऊ होम (Cow Home) कहते है।



